देश-प्रदेश
prabhasakshi.com

 

ख़बरें:   राजनीति  |  देश-प्रदेश  |  दुनिया-जहान  |  कारोबार  |  दुनिया खेलों की  |  बॉलीवुड-हॉलीवुड  |  दिलचस्प  |  व्रत-त्योहार  |  कार्टून   स्तंभः   कुलदीप नैयर  |  स्व. खुशवंत सिंह  |  राजनाथ सिंह 'सूर्य'  |  बालेन्दु शर्मा दाधीच

यूनिकोड फॉन्ट


अनिवार्य मृत्युदंड असंवैधानिकरू उच्चतम न्यायालय

प्रभासाक्षी
05 फरवरी 2012    नई दिल्ली

उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि किसी अपराधी के लिए शस्त्र अधिनियम के तहत अनिवार्य मौत की सजा असंवैधानिक है क्योंकि यह किसी नागरिक के बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करती है। न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली यअब सेवानिवृत्तद्ध और न्यायमूर्ति जेएस खेहर की पीठ ने कहा कि शस्त्र अधिनियम की धारा 27 रू3रूए जिसमें अनिवार्य मृत्युदंड का प्रावधान हैए ऐसे मामलों में किसी आरोपी को सजा सुनाने में अदालतों के अधिकारों को सीमित करने की बात भी करती है। पीठ ने कहाए श्श्जो कानून निष्पक्षता के मत के अनुकूल नहीं हैं और मृत्युदंड जैसी अपरिवर्तनीय सजा लगाता हैए वह अधिकार और न्याय के असंगत है।श्श् न्यायमूर्ति गांगुली ने फैसला लिखते हुए कहाए श्श्जरूरी प्रक्रिया की इन सभी अवधारणाओं और न्यायसंगतए निष्पक्ष एवं तर्कसंगत कानून की धारणा संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत सुनिश्चित गारंटी में इस अदालत ने पढ़ी है।श्श् उन्होंने कहाए श्श्इसलिए कानून की धारा 27 रू3रू का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघनकारी है।श्श् शीर्ष अदालत ने पंजाब सरकार की एक अपील खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। पंजाब सरकार ने सीआरपीएफ के कांस्टेबल दलवीर सिंह को बरी किये जाने के फैसले को चुनौती दी थी जिस पर 1993 में एक सेवा विवाद को लेकर राइफल से अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर अंधाधुंध गोली चलाने का आरोप था। उस पर शस्त्र कानून के तहत हत्या यआईपीसी की धारा 302द्ध और अन्य अपराधों का मामला दर्ज किया गया।


12:17

कृति फॉन्ट


;g vkys[k d`fr QkWUV esa miyC/k ugha   


   

;g vkys[k d`fr QkWUV esa miyC/k ugha