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  रिपोर्ट का मनमाफिक भाग जारी करना गलतरू नायर
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
बेंगलूर
तिथिः
05 Qjojh 2012
 

   

एंट्रिक्स देवास सौदे की उच्चस्तरीय समूह की ओर से तैयार जांच रिपोर्ट में खामियां निकालते हुये भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद यइसरोद्ध के पूर्व अध्यक्ष जी॰ माधवन नायर ने कहा है कि रिपोर्ट में कई विसंगतियां और गलतियां हैं। उन्होंने इसरो के वर्तमान चेयरमैन के॰ राधाकृष्णन को रिपोर्ट का केवल मनमाफिक हिस्सा ही सार्वजनिक करने के लिये आड़े हाथों लिया और इसे उनकी कायराना हरकत बताया। नायर ने कहा श्श्रिपोर्ट का अनुकूल हिस्सा ही उन्होंने सार्वजनिक किया है। यह पूरी तरह से अनुचित है। आप जब कोई रिपोर्ट प्रकाशित करते हैं तो वह पूरी रिपोर्ट होनी चाहिये।श्श् अंतरिक्ष विभाग की ओर से दो मुख्य रिपोर्ट जारी करने के एक दिन बाद नायर का यह बयान आया है। इन रिपोर्टों के आधार पर नायर और तीन अन्य वैज्ञानिकों पर कोई भी सरकारी पद लेने से रोक लगा दी गई। अतंरिक्ष विभाग ने शनिवार रात पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रत्युष सिन्हा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम की रिपोर्ट के निष्कर्ष और सिफारिशों तथा बीके चतुर्वेदी और प्रो॰ रोडाम नरसिम्हा की उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया था। उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा समिति ने एंट्रिक्स देवास समझौते के विभिन्न पहलुओं पर गौर किया जबकि उच्चस्तरीय टीम ने सौदे की बारीकियों और उसमें अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की। नायर का कहना है कि उच्चस्तरीय टीम की रिपोर्ट में कई विसंगतियां और गलतियां हैं। उन्होंने टीम के निष्कषर्ों को काफी गंभीर आरोप बताया और इस पर आश्चर्य जताया कि इससे जुड़े लोगों से स्पष्टीकरण क्यों नहीं मांगा गया और इसकी औपचारिक तौर पर पूरी जांच क्यों नहीं कराई गई। नायर ने कहा श्श्यह नहीं हुआ और इसी बात से मैं परेशान हूं।श्श् नायर ने कहा श्श्यदि विभाग इस बारे में पूरी तरह आश्वस्त है कि कई तरह से गड़बङ़ियां हुई हैंए तो उन्हें पूरी जांच का आदेश देना चाहिये और मामले की जड़ तक पहुंचना चाहिये।श्श् नायर ने अप्रत्यक्ष तौर से राधाकृष्णन पर निशाना साधते हुये कहा श्श्यह उच्चस्तरीय टीम की रिपोर्ट. मैं समझ सकता हूं कि यह रिपोर्ट वास्तविक जांच पड़ताल के बजाय समिति के एक अथवा दो व्यक्तियों की अपनी सोच हो सकती है।श्श् राधाकृष्णन इस पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम में शामिल हैं। सरकार की तरफ से इन वैज्ञानिकों के खिलाफ कारवाई का मामला प्रकाश में आने के बाद से ही नायर लगातार इसरो अध्यक्ष राधाकृष्णन पर लगातार निशाना साधे हुये हैं। सरकार के इस कदम के लिये वह लगातार उन्हें दोषी ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि राधाकृष्णन व्यक्तिगत कारणों से ऐसा कर रहे हैं। नायर सहित चार वैज्ञानिकों को सरकारी पद देने पर रोक लगाने के सरकार के कदम के बाद वैज्ञानिक समुदाय में रोष बढ़ने के बाद से अंतरिक्ष विभाग में सचिव और अंतरिक्ष आयोग तथा इसरो के चेयरमैन डॉ॰ के॰ राधाकृष्णन ने कहा था कि दोनों रिपोर्टों को जरूरी क्लीयरेंस के बाद सार्वजनिक कर दिया जायेगा। नायर ने हालांकिए उच्चाधिकार प्राप्त समीक्षा समिति की रिपोर्ट की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा श्श्उन्होंने पूरी सच्चाई को सामने रखा हैए यह पूरी तरह उचित है. हम जो समझ सकते हैं उसके मुताबिक यह सबसे बेहतर रिपोर्ट हैए आप इन दोनों रिपोर्टों को एक साथ पढि़येए आपको इसकी पूरी प्रकिया और इनके निष्कषर्ों में विसंगतियां साफ नजर आयेंगी।श्श्


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