Hindi word processor
  अश्लील फिल्म विवाद में तीन मंत्रियों का इस्तीफा
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
बेंगलूर
तिथिः
08 Qjojh 2012
 

   

कर्नाटक में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्म देखते पकड़े गए भाजपा सरकार के तीन मंत्रियों ने आज पार्टी नेतृत्व के आदेश पर इस्तीफा दे दिया। इस घटना के चलते नुकसान को रोकने के क्रम में पार्टी ने सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सावदी और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल से इस्तीफा देने को कहा जबकि बंदरगाहए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्णा पालेमर को अपने इन सहकर्मियों को कथित तौर पर ब्लू फिल्म उपलब्ध कराने के लिए इस्तीफा देना पड़ा। सावदीए पाटिल और पालेमर ने संवाददाताओं से कहाए श्श्हम पार्टी एवं सरकार को और परेशानी में नहीं डालना चाहते। हम सबने इस्तीफा देने का फैसला किया है। हमने अपने त्याग पत्र मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं और उनसे इन्हें स्वीकार करने का आग्रह किया है।श्श् सावदी ने कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया से घटना की जांच कराने को कहेंगे ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। इन मंत्रियों के इस्तीफे मिलने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने घोषणा की कि उन्होंने उनके त्यागपत्र राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को भेज दिएए जिन्होंने इन्हें स्वीकार कर लिया। राज्य के विधायी इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व प्रकृति की है जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने इन मंत्रियों का इस्तीफा मांगा था और राज्य के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। मंत्रियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिए जाने से पहले भाजपा की एक बैठक हुई जिसमें सदानंद गौड़ाए राज्य भाजपा प्रमुख केएस ईश्वरप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित शीर्ष नेता शामिल हुए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि घटना के राष्ट्रीय स्तर पर सुख्िरयों में आने पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने ईश्वरप्पा से बात की और उन्हें तीनों मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। भाजपा पर अपनी भृकुटि तानते हुए कांग्रेस ने मांग की कि तीनों मंत्रियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और विधानसभा अध्यक्ष को उन्हें निलंबित कर देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहाए श्श्उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।श्श् भाजपा ने कहा कि तीनों मंत्रियों से इस्तीफा लेकर उसने सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा का उदाहरण स्थापित किया है। पार्टी नेता धनंजय कुमार ने संवाददाताओं से कहाए श्श्भाजपा आलाकमान ने तीनों आरोपी मंत्रियों से इस्तीफा लेने का फैसला किया।श्श् गौड़ा ने कहा कि तीनों मंत्रियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया जिससे कि विपक्ष घटना का इस्तेमाल सरकार को आगे नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि तीनों मंत्रियों ने भी मामले में जांच की मांग की है क्योंकि उन्होंने उल्लेख किया है कि वे सिर्फ उस क्लिपिंग को देख रहे थे जो उनके मोबाइल पर भेजी गई थी और उन्हें खुद के निर्दोष साबित होने का विश्वास है। सावदी और पाटिल ने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह घटना को बढ़ा चढ़ा कर दिखा रही है। इससे पहलेए गडकरी के निर्देशों के तहत गौडा ने पार्टी कार्यालय में आज राज्य पार्टी प्रमुख केएस ईश्वरप्पाए पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पाए वरिष्ठ मंत्रियों जगदीश शेट्टर और गोविंद करजोल के साथ बैठक की और तीनों मंत्रियों से इस्तीफा देने के लिए कहा। इस बीचए उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए इलाहाबाद में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे गडकरी ने कहा कि कर्नाटक सरकार के उन तीन मंत्रियों के खिलाफ जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई होगी जिन पर राज्य विधानसभा में अश्लील क्लिप देखने का आरोप लगा है। गडकरी ने संवाददाताओं से कहाए श्श्फिलहाल तीनों मंत्री निर्दोष होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि पूरे घटनाक्रम में जांच कराई जाएगी और प्रदेश के मुख्यमंत्री उचित कार्रवाई करेंगे।श्श् भाजपा अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि आरोपों से गुस्सा फूटा है जो स्वाभाविक है। उन्होंने विश्वास दिलायाए श्श्जांच पूरी होने के बाद आरोप साबित हों या नहींए उचित कार्रवाई की जाएगी।श्श् उन्होंने कहाए श्श्जीवन के सभी क्षेत्रों में विकार आए हैं। दुभ्राग्य से राजनीति भी इससे अछूती नहीं रही। इस तरह की चीजों से शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।श्श् वहीं दूसरी ओर लखनऊ से मिली रिपोटोर्ं के मुताबिकए राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक की विधानसभा में भाजपा सरकार के मंत्रियों की ओर से मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो क्लिपिंग देखने के मामले पर कोई सफाई नहीं देगी। जेटली ने संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहाए श्श्पार्टी इस मुद्दे को गम्भीरता से देखेगी और पार्टी के किसी व्यक्ति की ओर से ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है। पार्टी इस मामले में समुचित कदम उठाएगी।श्श् उन्होंने कहा कि मामले में आरोपों के घेरे में आए मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। जेटली ने कहा श्श्हालांकि पार्टी इस घटना के लिये जिम्मेदार नहीं हैए लेकिन हमारा कोई सदस्य ऐसी घटना में शामिल होए यह हमारे लिये बड़े खेद की बात है।श्श् उन्होंने कहा कि राजस्थान में जो हुआ और आंध्र प्रदेश के राजभवन में जो भी हुआए उसके विपरीत भाजपा इस मामले में किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं देगी। उधरए अश्लील वीडियो कांड ने आज कर्नाटक विधानसभा को हिलाकर रख दिया जहां विपक्षी कांग्रेस और जनता दल यएसद्ध के सदस्यों ने इस घटना में शामिल तीन पूर्व मंत्रियों को सदन से निलंबित करने और अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की। विधानसभा जैसे ही बैठीए मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने सदस्यों को तीन मंत्रियों के इस्तीफे के बारे में सूचित किया जो मंगलवार शाम विधानसभा में मोबाइल फोन पर अश्लील क्लिपिंग देखते कैमरे में पकड़े गए थे। कांग्रेस नेता सिद्दारमैया ने एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें लक्ष्मण सावदीए सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर को तत्काल निलंबित और अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की गई। कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एस सुरेश कुमार ने इसका तकनीकी आधार पर विरोध किया। सिद्दारमैया ने जैसे ही यह बयान दिया कि मंत्री श्श्ब्लू फिल्मश्श् देख रहे हैंए भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि यह केवल जांच के बाद ही पता लगेगा और सिद्धारमैया जो चाहेंए वैसा नहीं बोल सकते। ईश्वरप्पा का उनके पार्टी सहकर्मियों ने समर्थन किया जबकि विपक्षी विधायक अपनी बात पर अड़ गए जिससे सदन में शोरशराबा हो गया। सिद्धारमैया ने श्श्तकनीकी आधार परश्श् प्रस्ताव के विरोध के लिए सरकार की आलोचना करते हुए विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया से प्रस्ताव को अनुमति देने के लिए अपनी श्श्विशेष शक्तियां इस्तेमाल करने को कहा।श्श् शोरशराबा बढ़ते देख अध्यक्ष ने सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। जेडीएस ने कहा कि वह तीनों विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग के लिए स्थगन प्रस्ताव लाएगा और उसने समग्र जांच और तीनों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किए जाने की मांग की।


समयः
10%11