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यूनिकोड फॉन्ट


परमाणु करार पर मामूली प्रगतिरू रिचर्ड लुगर

प्रभासाक्षी
08 फरवरी 2012    वाशिंगटन

भारतए अमेरिका असैन्य परमाणु करार को लेकर ओबामा प्रशासन पर बहुत कम प्रगति करने का आरोप लगाते हुए एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा कि परमाणु जवाबदेही विधेयक बुनियादी तौर पर असंगत है। सीनेटर रिचर्ड लुगर ने भारत में अमेरिकी राजदूत की जिम्मेदारी संभाल रहीं नैंसी पावेल की सुनवाई के दौरान मंगलवार को कहाए श्श्यह करार अमेरिकाए भारत रिश्तों में व्यापक रणनीतिक प्रगति के लिए महत्वपूण्र है। लेकिन भारत के साथ परमाणु व्यापार के सीमित संदभ्र में कोई महत्वपूण्र परिणाम नहीं मिला है।श्श् उन्होंने कहाए श्श्यह बात बड़े स्तर पर परमाणु क्षतिपूर्ति जवाबदेही विधेयक के भारतीय संसद में पारित होने से सामने आती है।श्श् करार को कांग्रेस में पारित कराने में अहम भूमिका निभाने वाले लुगर ने कहा कि इस विधेयक ने अमेरिका के भारत के साथ परमाणु व्यापार पर तीन दशक से लगी रोक हटा दी और सुपर कम्प्यूटर तथा फाइबर अॉप्टिक्स जैसे अन्य उच्च तकनीक वाली चीजों के व्यापार के दरवाजे खोल दिये। लुगर ने कहाए श्श्यह विधेयक भारत के बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भूमिका अदा करने के अमेरिकी परमाणु उद्योग के प्रयासों को बाधित कर सकता है।श्श् अमेरिकी सीनेटर लुगर ने कहाए श्श्विधेयक की सामान्य शतेर्ं जवाबदेही वाली सरकार के साथ बुनियादी तौर पर असंगत है जिसे कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु पूरक क्षतिपूर्ति समझौता यसीएससीद्ध में चाहता है। इस प्रशासन ने आज तक भारत के साथ सीएससी पर बहुत कम प्रगति की है।श्श् इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पावेल ने कहा कि वह असैन्य परमाणु करार को पूरी तरह लागू करने के प्रयासों का समर्थन कर रही हैं जिसमें अमेरिकी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा के व्यावसायिक अनुप्रयोगों में समान मौके की बात शामिल हो। अमेरिका यात्रा पर गये भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई ने एक दिन पहले ही कहा था कि भारत सुनिश्चित करेगा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर प्रदान किये जाएं। मथाई ने कहा था कि दोनों देशों को अब सहयोग के लिहाज से व्यावहारिक कदम उठाने चाहिए जैसा कि उन्होंने पिछले साल किया।


10:53

कृति फॉन्ट


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