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  शांति भूषण ने अदालत के आदेश को चुनौती दी
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
इलाहाबाद
तिथिः
08 Qjojh 2012
 

   

टीम अन्ना के सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांति भूषण ने सहायक स्टांप आयुक्त के एक आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें करीब 1॰35 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी नहीं देने का दोषी ठहराया गया था। उन्होंने इस लिहाज से राजस्व प्राधिकरण के मुख्य नियंत्रक कार्यालय में 70 लाख रुपये जमा किये। भूषण की ओर से मंगलवार को धनराशि जमा की गयी। उनका कहना है कि शहर के सिविल लाइंस इलाके में 7ए818 वर्ग मीटर जमीन पर निर्मित संपित्त की खरीदी में स्टांप ड्यूटी की चोरी नहीं की गयी। हालांकि सहायक स्टांप आयुक्त ने छह जनवरी को उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था। सहायक स्टांप आयुक्त ने शांतिभूषण को 29 नवंबर 2010 की तारीख से 1॰5 प्रतिशत मासिक ब्याज की दर से भुगतान करने का निर्देश दिया। उन पर 27 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। शांति भूषण को निर्देश दिया गया था कि एक महीने के भीतर धन जमा करें अन्यथा विभाग कार्रवाई कर सकता है। इसके बाद शांति भूषण ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में गुहार लगाई। अदालत ने एक फरवरी को उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह स्टांप कानून के तहत वैधानिक तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्य नियंत्रक कार्यालय के सूत्रों के अनुसार कथित स्टांप कर चोरी के मामले में सहायक स्टांप आयुक्त के फैसले को चुनौती देने वाले व्यक्ति को कुल धन का एक तिहाई जमा करना होता है। भूषण 1970 के दशक तक इसी जमीन पर स्थित एक बंगले में रहते थे। उसके बाद वह नयी दिल्ली आ गये थे। हालांकि उन्होंने संपित्त पर कब्जा नहीं छोड़ा। उन्होंने नवंबर 2010 में श्बिक्री के लिए सहमतिश् के जरिये जमीन खरीदी। इससे पहले भूस्वामी के साथ उनका लंबा मामला चला। स्टांप और पंजीकरण विभाग ने दावा किया था कि वरिष्ठ वकील ने बहुत कम धन में संपित्त की खरीदी दर्शाईए जिस पर 46ए700 रुपये की स्टांप ड्यूटी आंकी गयी। भूषण को फरवरीए 2011 में इस मामले में नोटिस जारी किया गया था।


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