Hindi word processor
  अपहरण कर लाखों डॉलर जुटाए पाक तालिबान ने
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
न्यूयार्क
तिथिः
20 Qjojh 2012
 

   

पाकिस्तानी तालिबान और उससे जुड़े आतंकी समूहों ने रसूखवाले लोगों का अपहरण कर लाखों डालर की राशि फिरौती के तौर पर जुटाई जिसका इस्तेमाल वे देश में जिहादी गिरोहों के आधुनिक नेटवर्क के विस्तार में कर रहे हैं। श्न्यूयार्क टाइम्सश् की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तानी तालिबान ने करीब तीन साल पहले अमीर उद्योगपतियोंए शिक्षाविदोंए पश्चिमी सहायता से जुड़े कार्यकर्ताओं और सेना के अधिकारियों के परिजनों को निशाना बनाना शुरू किया। खबर में सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अब हर बड़े पाकिस्तानी शहर में पाकिस्तानी तालिबान का जाल है। अधिकारियों के अनुसारए ज्यादातर बंधकों को वजीरिस्तान ले जाया जाता है जिसे अमेरिकी दुनिया का सर्वाधिक अशांत क्षेत्र कहते हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसारए पिछले साल अपहरणकर्ताओं ने 467 लोगों का अपहरण किया। श्न्यूयार्क टाइम्सश् की खबर के अनुसारए पाकिस्तान के कई हिस्सों में बहुत पहले से अपहरण का चलन रहा है लेकिन अब इसमें तालिबान की संलिप्तता है और लाखों डॉलर की फिरौती वसूली जाती है। अधिकारियों ने बताया है कि 70 वर्षीय जर्मन सहायता कर्मी और उसका 24 वर्षीय इतालवी सहायक 20 जनवरी को मुल्तान शहर से लापता हुए और फिर पता चला कि उन्हें वजीरिस्तान में बंधक बना कर रखा गया है। वजीरिस्तान में ही तालिबान के कब्जे में छह माह तक रहे एक युवा पंजाबी कारोबारी के हवाले से कहा गया है कि उसे गंदी कोठरियों में रखा गयाए बुरी तरह पीटा गया और उसके बेहाल परिजनों से सौदेबाजी की गई। उसने बताया कि तालिबान के साथ रहते हुए उसने देखा कि किस तरह आत्मघाती हमलावरों को नकली विस्फोटक जैकेट के साथ प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें जिहाद का पाठ पढ़ाया जाता है। उसने कहा श्श्एक मूल मंत्र होता है. बस एक बटन दबाओ और तुम सीधे जन्नत पहुंच जाओगे।श्श् बंधकों की सूची लंबी है जिसमें पाकिस्तान के दिवंगत गवर्नर सलमान तासीर के पुत्र शहबाज तासीरए दो स्विस पर्यटकए एक सेवानिवृत्त सैन्य जनरल के दामाद और 70 वर्षीय एक अमेरिकी शामिल हैं। माना जाता है कि इन लोगों को अल कायदा ने अपने कब्जे में रखा है। खबर के अनुसारए अपहरण का धंधा खूब फलफूल रहा है। वजीरिस्तान में मौजूद पाकिस्तानी और विदेशी उग्रवादी कमांडर आदेश देते हैं। इस आदेश पर भाड़े के अपराधी और श्पंजाबी तालिबानश् अमल करते हैं जो अपने निशानों को उनके घरों सेए वाहनों से और कार्य स्थलों से उठाते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसारए बंधकों की रिहाई के लिए पांच लाख डॉलर से 20 लाख डालर तक की राशि मांगी जाती है और आखिरी सौदा अक्सर इससे बहुत कम राशि में हो जाता है।


समयः
14%44