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  दारफुर में विद्रोहियों ने तीन शांतिसैनिकों को बंधक बनाया
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
खारतूम
तिथिः
21 Qjojh 2012
 

   

सूडान के दारफुर में विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ के संयुक्त शांतिसैनिक बल के तीन कार्यकर्ताओं को जासूसी के आरोप में बंधक बना लिया है। यूएनएएमआईडी की प्रवक्ता सुजैन मैनुएल ने बताया कि दारफुर के एक गांव से रविवार को गुजर रहे 55 शांतिसैनिकों के समूह को श्जस्टिस एंड इक्वैलिटी मूवमेंटश् के विद्रोहियों ने रोका। शांतिसैनिकों के समूह में सेनेगल के 50 सैनिक भी थे। उन्होंने बताया कि समूह के ज्यादातर सदस्यों को जाने दिया गया लेकिन एक यमनी पुलिसकर्मी और दो सूडानी अनुवादकों को रोक लिया गया। इन तीनों को जासूसी करने के आरोप में बंधक बना लिया गया। सूडान की सरकारी समाचार एजेंसी की खबर में कहा गया है कि बंधक बनाए गए तीनों कार्यकर्ताओं में से एक यमन काए एक घाना का और एक रवांडा का नागरिक है। प्रवक्ता ने कहा श्श्हम बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए विद्रोहियों से संपर्क बनाए हुए हैं। मैं आश्वासन दे सकती हूं कि हमारे कर्मचारी जासूस नहीं हैं।श्श् सुजैन के अनुसारए जेईएम का यह दावा सही नहीं है कि उसने सोमवार को सभी 55 शांतिसैनिकों को बंधक बना लिया। सूडान सेना के प्रवक्ता कर्नल सावारमी खालिद के हवाले से देश की सरकारी समाचार एजेंसी एसयूएनए ने सोमवार की खबर में कहा कि जेईएम ऐसी तस्वीर पेश करना चाहता है कि दारफुर में स्थिति अस्थिर है। सरकार के साथ हस्ताक्षरित शांति समझौते से जेईएम ने खुद को अलग रखा था। यूएनएएमआईडी ने दारफुर में करीब 20ए000 सदस्य तैनात किए हैं जिनमें से 8ए000 सैनिक और 5ए000 पुलिसकर्मी हैं। मिशन की वेबसाइट के अनुसारए यह दुनिया में शांतिसैनिकों का सबसे बड़ा दल है और इसके सदस्य एक दिन में 200 से अधिक गश्त करते हैं। दारफुर में वर्ष 2003 में संघर्ष शुरू हुआ था लेकिन 2009 से इसमें कमी आने लगी। संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसारए संघर्ष में 300ए000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 27 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत ने सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर के खिलाफ दारफुर में मानवता के खिलाफ अपराधों में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।


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