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  पाक संसद ने घरेलू हिंसा को आपराधिक हमले का रूप दिया
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
इस्लामाबाद
तिथिः
21 Qjojh 2012
 

   

पाकिस्तान की संसद ने एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया हैए जिसके तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को आपराधिक हमला माना जाएगा और इसके लिए जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा। घरेलू हिंसा यनिवारण एवं संरक्षणद्ध अधिनियम के तहत सीनेट में सोमवार को जो विधेयक पारित किया गयाए उसके तहत किसी महिला या बच्चे की पिटाई करने में किसी व्यक्ति को दोषी पाए जाने के बाद कम से कम छह महीने की सजा होगी और कम से कम 1ए00ए000 लाख रुपया जुर्माना लगाया जा सकेगा। यह संरक्षण घरों में काम करने वाले नौकर.नौकरानियों के लिए भी होगा। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इस विधेयक को सीनेटर नीलोफर बख्तियार ने पेश किया था और इसे संसद के ऊपरी सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। गौरतलब है कि संसद के निचले सदन नेशनल एसेंबली 2009 में इस विधेयक को पहले ही पारित किया जा चुका है और अब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुहर लगने पर यह कानून का रूप लेगा। इस तरह के कानून के अभाव में पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती थीए जो अपनी पत्नी या बच्चों को पीटता था क्योंकि इसे घरेलू मामला माना जाता था।


समयः
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