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बालों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं? इन सुझावों पर गौर करें

बालों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं? इन सुझावों पर गौर करें

महिलाएं अपने बालों की देखभाल के लिए अक्सर परेशान रहती हैं। किसी महिला को बाल झड़ने की शिकायत है तो कोई अपने बालों के न बढ़ने के कारण परेशान है। कुछ महिलाएं पहले बालों को कटवा लेती हैं लेकिन बाद में उनके न बढ़ने पर परेशान हो जाती हैं।

 
याद रखें, कभी भी काटने से बालों की वृद्धि जल्दी नहीं होती क्योंकि बालों का निर्माण एवं वृद्धि रोमकूपों के अंदर से होती है जोकि सिर की खाल के अंदर स्थित होते हैं। आइए जानते हैं आपके केशों से जुड़ी कुछ समस्याएं और उनके समाधान−
 
− रूसी होने का कारण सिर की त्वचा का शुष्क होना नहीं है बल्कि सिर की त्वचा पर एक पपड़ीदार परत का बनना है। रूसी मृत त्वचा के कण हैं इसलिए रूसीयुक्त केशों को मेडिकेटेड शैंपू से साफ करें लेकिन इसे दूर करने के लिए शैंपू का प्रयोग जल्द−जल्दी न करें। रूसी अधिक होने पर चर्मरोग भी हो सकता है। इसलिए अपने केशों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
 
− केश यदि दोमुंहे या भुरभुरे हों तो उन्हें साफ व स्वस्थ न समझें क्योंकि सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि केशों का चरमराना या टूटना केशों की जड़ों से अथवा कमजोरी से होता है इसलिए ऐसे केश स्वस्थ नहीं कहे जा सकते। केशों में नियमित तेल मालिश न करने व पौष्टिक आहार न लेने से केश चरमराने और टूटने लगते हैं। ऐसी स्थिति आपके केशों के लिए काफी हानिकारक सिद्ध हो सकती है।
 
− झाग बनाने वाले शैंपू का मतलब यह नहीं कि वह केशों को साफ भी अच्छा ही करेगा। झागदार शैंपू के निर्माण में झाग बनाने वाले केमिकल्स को अधिक मिलाया जाता है। इनमें केशों को अच्छी तरह से साफ करने की क्षमता नहीं होती है।
 
− कंडीशनर्स केवल केशों की बाहरी सतह यानि आवरण को चमकाने का काम करते हैं और उनकी संरचना को सही नियंत्रण में रखते हैं। यह नष्ट हुए केशों की फिर से मरम्मत नहीं कर सकते। ठीक उसी प्रकार, जैसे आप नष्ट हुए केशों को फिर से जोड़ नहीं सकती हैं क्योंकि कंडीशनर में ऐसा कोई गुण नहीं होता। इसके लिए उचित रहेगा कि केशों की देखभाल व पोषण पर उचित ध्यान दें।
 
− केशों में लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स में उपस्थित पोषक तत्वों से केशों की पारंपरिक संरचना में कोई परिवर्तन नहीं आता यानि इनके अनिवार्य रूप से अवशोषण करते रहने पर भी उनकी बनावट पर कोई असर नहीं होता क्योंकि केश मृत कोशिकाएं हैं।
 
− अधिक प्रोटीन के सेवन से केश स्वस्थ व घने हो जाते हैं, ऐसा तब महसूस होता है जब प्रोटीन का सेवन आवश्यकता से भी कम किया जाए।
 
− केशों में बार−बार कंघी करना कोई अच्छी बात नहीं है। इससे केश अधिक मात्रा में टूटेंगे और उनकी जड़ों से खून निकलने लगेगा साथ ही समय की बरबादी भी होगी।
 
− कलरिंग भी केशों में कम से कम करें। कलरिंग कुछ समय तक आपके केशों के बाहरी आवरण को सघनता प्रदान करती है तथा उसमें उपस्थित केमिकल्स केशों को एक नया रंग व नई आभा प्रदान करते हैं लेकिन केशों की जरूरत से ज्यादा कलरिंग करना उनके लिए हानिकारक हो सकता है।
 
− केशों की प्रवृत्ति शैंपू में उपस्थित तत्वों को अधिक समय तक नहीं सहन कर सकती है जिसके कारण शैंपू का प्रभाव धीरे−धीरे कम होने लगता है। जैसे कि रूसी दूर करने के लिए यदि एक ही मेडिकेटेड शैंपू का प्रयोग किया जाए तो धीरे−धीरे वह अपना असर कम करने लगेगा। शैंपू का प्रभाव देर तक बना रहे इसके लिए शैंपू के ब्रांड को समय−समय पर अवश्य बदल लें।
 
− उलझे हुए केशों का यह मतलब नहीं कि वे चिपचिपे या शुष्क हो गए हैं बल्कि यह उनके टूट कर गिरने का कारण भी हो सकता है।
 
प्रीटी

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