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जेपी के निदेशकों को निजी संपत्ति हस्तांतरित नहीं करने के निर्देश: SC

By admin@PrabhaSakshi.com | Publish Date: Nov 22 2017 5:16PM
जेपी के निदेशकों को निजी संपत्ति हस्तांतरित नहीं करने के निर्देश: SC

उच्चतम न्यायालय ने पांच प्रमोटरों समेत जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड (जेएएल) के सभी 13 निदेशकों को अपनी निजी संपत्ति हस्तांतरित नहीं करने के आज निर्देश दिए। अदालत ने इसके साथ ही फर्म को क्रमश: 14 और 31 दिसंबर को 150 करोड़ और 125 करोड़ रूपये की रकम जमा करने के निर्देश दिए। पीठ ने रियल इस्टेट फर्म की तरफ से दिये गये 275 करोड़ रूपये के डिमांड ड्राफ्ट को भी स्वीकार कर लिया।

 
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने निदेशकों के अपने परिजन की संपत्ति के हस्तांतरण पर भी रोक लगाई है और उन्हें आगाह किया कि न्यायालय के निर्देशों का कोई भी उल्लंघन उन्हें अपराधिक अभियोग के दायरे में ले आएगा।
 
इस बीच पीठ ने अधिवक्ता पवन श्री अग्रवाल को न्यायमित्र नियुक्त किया है और कहा कि एक हफ्ते के अंदर एक वेबपोर्टल तैयार किया जाये जिसमें परेशान घर खरीदारों की शिकायतों समेत सभी विवरण हों। स्वतंत्र और प्रमोटरों समेत निदेशकों की तरफ से पेश हुये वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और रंजीत कुमार ने कहा कि उन्होंने पूर्व के उस आदेश के अनुपालन के संदर्भ में हलफनामा दायर किया है जिसमें निदेशकों से निजी संपत्तियों का विवरण देने को कहा गया था।
 
रियल इस्टेट कंपनी की तरफ से पेश हुये वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि फर्म को रूपयों का इंतजाम करने के लिये पर्याप्त समय दिया जाना चाहिये वरना यह मामला भी सहारा के रास्ते पर चला जायेगा। पीठ ने घर खरीदारों की याचिका पर अगली सुनवाई 10 जनवरी को तय की है और सभी निदेशकों को अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने को कहा है। चित्रा शर्मा समेत घर खरीदारों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करते हुये कहा था कि करीब 32 हजार लोगों ने घर बुक कराया था और अब किस्त का भुगतान कर रहे हैं। सर्वोच्च अदालत ने चार सितंबर को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में रियल इस्टेट फर्म के खिलाफ दिवालियेपन की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।