कॅरियर

फुटवियर डिजाइनिंग में भी हैं कॅरियर के कई अवसर

फुटवियर डिजाइनिंग में भी हैं कॅरियर के कई अवसर

कॅरियर का एक स्टाइलिश कदम

मॉडर्न युग में फैशन सिर्फ कपड़ों तक ही सीमित नहीं रह गया है। आजकल लोग सिर्फ अपने कपड़ों पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि वे एक ऐसा फुटवियर पहनना चाहते हैं जो स्टाइलिश होने के साथ−साथ कंफर्टेबल भी हो। दूसरे शब्दों में, फुटवियर उनके पैरों को आराम देने के साथ−साथ उनकी शोभा भी बढ़ाए। और उनकी इस जरूरत को पूरा करने का काम करते हैं फुटवियर डिजाइनर। पिछले कुछ समय में इस क्षेत्र में कॅरियर की बेहतर संभावनाएं उजागर हुई हैं। अगर आप भी समझदार व कुछ क्रिएटिव करने की चाह रखते हैं तो इस क्षेत्र में सुनहरा भविष्य देख सकते हैं।
 
स्किल्स
इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आप में हमेशा कुछ हटकर व नया करने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त उनका रिसर्च वर्क भी अच्छा होना चाहिए ताकि वह मार्केट में चल रहे ट्रेंड से भली−भांति अवगत रहें। साथ ही लेटेस्ट ट्रेंड को अपना पर्सनल टच देकर वह एक नया क्रिएशन कर सकते हैं। चूंकि उन्हें अपने डिजाइन को फाइनल लुक देने के लिए बहुत से लोगों की आवश्यकता होती है, इसलिए उनका अन्य लोगों के साथ कोऑर्डिनेशन भी अच्छा होना चाहिए। अगर आपके टीम वर्क व कोऑर्डिनेशन में कुछ कमी होती है तो उसका असर प्रॉडक्ट में भी दिखाई देता है। आजकल डिजाइनर्स अपने डिजाइन को कंप्यूटर पर ही बनाते हैं, इसलिए आपमें टेक्निकल स्किल्स भी होनी चाहिए।
 
कार्य
एक फुटवियर डिजाइनर का काम सिर्फ फुटवियर डिजाइन करना ही नहीं होता, बल्कि उसे आम लोगों की ख्वाहिश को ध्यान में रखते हुए अपना काम इस प्रकार करना होता है ताकि वह लेटेस्ट डिजाइन के शू कम से कम दामों में लोगों को मुहैया करा सके। वैसे भी कुछ समय पहले तक इस फील्ड में जो नया कॉन्सेप्ट आता था, वह कुछ महीने या सालों तक चलता था। लेकिन अब फैशन व स्टाइल रोज बदलते हैं। इसलिए उनका प्रमुख काम हमेशा कुछ नया व इनोवेटिव सोचना व उसे अमल में लाना होता है। इस क्षेत्र में सफलता के मुकाम वही चूमता है जिसके कार्य में क्रिएटिविटी व आराम का पूरा ध्यान रखा जाए।
 
योग्यता
इस क्षेत्र में अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। आप चाहें तो 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद इससे संबंधित कोर्स कर सकते हैं। लेकिन बीटेक या एमटेक करने के लिए आपका साइंस या इंजीनियरिंग बैकग्रांउड होना अनिवार्य है। कोर्स के दौरान छात्रों को जूते बनाने वाले मैटीरियल, पैटर्न, डिजाइन कॉन्सेप्ट, डिजाइन सॉफटवेयर व फैशन टेंडस आदि की विस्तृत जानकारी दी जाती है। 
 
संभावनाएं
एक फुटवियर डिजाइनर के लिए सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी करियर की बेहतरीन संभावनाएं हैं। एक डिजाइनर विभिन्न शू कंपनियों में नौकरी की तलाश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ अनुभव के पश्चात् आप खुद के डिजाइन किए हुए फुटवियर की एक शॉप भी खोल सकते हैं। इससे जब आप बेहतरीन व लेटेस्ट कम दामों पर लोगों को मुहैया कराएंगे तो आपकी आमदनी भी अधिक होगी और आप खुद भी एक ब्रांड के रूप में मार्केट में उभरकर आएंगे। 
 
आमदनी
इस फील्ड में जॉब के शुरूआती दौर में ही दो से तीन लाख रुपए सालाना मिल जाते हैं। तीन−चार साल का अनुभव होने के बाद यही सैलरी चार से पांच लाख रुपए सालाना हो जाती है। अगर आप किसी बड़ी कंपनियों से जुड़ते हैं और आपका काम लोगों को पसंद आता है तो आपकी सैलरी अधिक भी हो सकती है। 
 
प्रमुख संस्थान
फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, नोएडा।
एवीआई स्कूल ऑफ फैशन व शू टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़।
सेंटल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, आगरा।
द सेंटर लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई।
कर्नाटका इंस्टीटयूट ऑफ लेदर टेक्नोलॉजी, बेंगलुरू।
 
मिताली जैन

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