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एन.ई.ई.टी. परीक्षाः अंग्रेजी प्रश्नपत्र सरल, कन्नड़ सबसे कठिन

एन.ई.ई.टी. परीक्षाः अंग्रेजी प्रश्नपत्र सरल, कन्नड़ सबसे कठिन

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एन.ई.ई.टी.) को लेकर कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है। परिक्षार्थियों की शिकायत है कि अंग्रेजी भाषा के प्रश्न पत्र की तुलना में कन्नड़ भाषा का प्रश्न पत्र अत्यधिक कठिन था। एन.ई.ई.टी. परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान से जुड़े कुल 180 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए थे। छात्रों का आरोप है कि प्रश्न पत्र के अंग्रेजी माध्यम की अपेक्षा कन्नड़ भाषा के प्रश्न पत्र की कठिनता का स्तर बहुत ही अधिक था। इस संबंध में कई छात्रों ने शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि एन.ई.ई.टी. द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा का आयोजन की जाती है, ऐसे में किसी भाषा का प्रश्न पत्र आसान तो किसी भाषा का प्रश्न पत्र कठिन कैसे हो सकता है? 

इस बात की जानकारी छात्रों को तब हुई जब एन.ई.ई.टी. परीक्षा के सम्पन्न होने के तीन दिनों के बाद निजी कोचिंग संस्थानों द्वारा ऑनलाइन प्रश्न पत्रों से संबंधित जवाब प्रकाशित की गई। छात्रों ने जारी किए गए जवाबों के तुल्नात्मक अध्ययन में यह भिन्नता की जांच की, इसके बाद प्रश्न पत्रों में भिन्नता का पता चला। जिस तरह कन्नड़ भाषा के अभ्यर्थियों ने शिकायत की है ठीक उसी तरह की शिकायत पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में भी सामने आई है। 
 
छात्रों ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रश्नपत्रों में इतना अंतर से परिणाम भी अंतर देखने को मिलेगा। इससे परिक्षार्थियों के अंकों एवं रैंकिंग में काफी अंतर होंगे। इससे जो अभ्यर्थी क्षेत्रीय भाषा से परीक्षा दिए होंगे उनको काफी नुकसान होगा। छात्रों ने सरकार से इस संबंध में सही कदम उठाने की मांग की है।
 
इस मामले पर कन्नड़ डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष एस.जी. सिद्धारामिया ने कहा कि ऐसा होना अनुचित है और वे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) से इस मामले पर बात करेंगे। 
 
मेडिकल एजुकेशन शरण प्रकाश पाटिल ने भी कहा कि कुछ माता-पिता ने मुझसे इस मुद्दे पर संपर्क किया है। इस विषय पर पहले जांच करनी होगी कि शिकायत सही है या नहीं और यदि यह शिकायत सही पाई गई तो इस मुद्दे को सी.बी.एस.ई. के पास उठाएंगे।
 
गौरतलब है कि मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एन.ई.ई.टी.) इस साल अंग्रेजी, हिंदी सहित आठ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी आयोजित की गई थी। सी.बी.एस.ई. द्वारा यह स्नातक स्तरीय परीक्षा देश भर के करीब 104 शहरों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में 11,35,104 परिक्षार्थियों ने भाग लिया था। वहीं कर्नाटक में 156 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें 77,393 परिक्षार्थियों ने भाग लिया था। 
 
सी.बी.एस.ई. ने अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के आदेश के अनुसार इस बार परीक्षा के आयोजन वाले पहले वाले शहरों में 23 नए शहरों को जोड़ने का निर्णय लिया था। नए शहरों में से चार-चार कर्नाटक व महराष्ट्र से, तीन-तीन गुजरात व तमिलनाडु से, दो-दो आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा केरल से और एक-एक पंजाब, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश से थे।
 
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Source: Collegedunia (यह आलेख कॉलेजदुनिया.कॉम ने प्रभासाक्षी के लिए विशेष रूप से लिखा है)

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