1. दुनिया के पहले रोबोट पत्रकार ने एक सेकंड में लिख डाला लेख

    दुनिया के पहले रोबोट पत्रकार ने एक सेकंड में लिख डाला लेख

    चीन के एक अखबार में 300 शब्दों का ऐसा लेख प्रकाशित हुआ है जो दुनिया में पहली बार किसी रोबोट द्वारा लिखा गया है। कहा जा रहा है कि इस पत्रकार रोबोट ने अपने 300 शब्दों के इस लेख को महज एक सेकंड में लिखा है।

  2. एक ऐसी चिड़िया जो बताती है शहद कहां है!

    एक ऐसी चिड़िया जो बताती है शहद कहां है!

    एक अध्ययन के मुताबिक, मोजाम्बिक में यह चिड़िया इंसान को खोजती है और फिर रास्ता दिखाते हुए उसे जंगल की ओर उस स्थान तक ले जाती है जहां मधुमक्खियों का बनाया शहद भरा छत्ता होता है।

  3. एक ऐसा पेड़ जो लगता है बिल्कुल बोतल की तरह!

    एक ऐसा पेड़ जो लगता है बिल्कुल बोतल की तरह!

    आपने भी बहुत से पेड़−पौधों को देखा व उनकी खासियतों के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आप किसी ऐसे पेड़ के बारे में जानते हैं, जिसे देखकर ही आपको किसी बोतल की याद आ जाए।

  4. चमगादड़ की तरह दिखने वाला एक अनोखा फूल!

    चमगादड़ की तरह दिखने वाला एक अनोखा फूल!

    दुनिया में एक फूल ऐसा भी है, जिसकी आकृति लोगों को डरा देती है। जी हां, टका चनत्रिएरि प्रजाति के ब्लैक बैट फलावर नाम से प्रसिद्ध यह फूल देखने में चमगादड़ जैसा दिखता है।

  5. जल्द ही मच्छरों से निबटने को उतरेंगे रोबोट

    जल्द ही मच्छरों से निबटने को उतरेंगे रोबोट

    शोधकर्ताओं का कहना है कि यह रोबोट घरों की साफ-सफाई करने वाले रोबोट की ही तरह काम करता है, मच्छरों को मारने के लिए इसमें अलग से लेसर सिस्टम को जोड़ा गया है।

  6. दिवाली पर अब कंदीलों की भी रहती है धूम

    दिवाली पर अब कंदीलों की भी रहती है धूम

    कंदील इको फ्रेंडली होते हैं और रंग-बिरंगे कागजों से बनाए जाते हैं। बांस के पतले टुकड़ों से पहले तरह-तरह की आकृति बनाई जाती है फिर उन पर रंगीन कागज या चमकते कागज लगाए जाते हैं।

  7. छूते ही सिकुड़ जाता है ‘लाजवंती का पौधा’

    छूते ही सिकुड़ जाता है ‘लाजवंती का पौधा’

    लाजवंती का पौधा इंसानों के हाथ लगाने से ही नहीं बल्कि किसी भी बाहरी चीज के छू जाने से भी सिकुड़ जाता है इसीलिए इसे ‘छुई-मुई’ पौधा भी कहा जाता है।

  8. वन संरक्षण आज की जरूरतः अरुणिमा पालीवाल

    वन संरक्षण आज की जरूरतः अरुणिमा पालीवाल

    उत्तराखण्ड में वर्ष 2016 में घटित अग्नि त्रासदी के कारण 3500 हेक्टेयर वन भूमि का नुकसान हो गया। अतः भविष्य में आने वाली इस चुनौती से निपटने के लिए वन संरक्षण एवं संवर्धन जरूरी है।

  9. विकराल समस्या जल की, आने वाले कल की

    विकराल समस्या जल की, आने वाले कल की

    आंकड़ों पर नज़र डालें तो भारत विश्व का 2.24% भू-भाग रखता है। जहाँ विश्व की 16.9% जनसंख्या निवास करती है। भारत में विश्व के कुल जल का 4% ही मीठा जल उपलब्ध है।

  10. कुपोषण के बढ़ते मामले भारत के लिए शर्मिंदगी का सबब

    कुपोषण के बढ़ते मामले भारत के लिए शर्मिंदगी का सबब

    कुपोषण के मामले में दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति अन्य सब देशों से बुरी है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार भारत में कुपोषण की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

  11. शिक्षक ही समाज का शिल्पकार और मार्गदर्शक

    शिक्षक ही समाज का शिल्पकार और मार्गदर्शक

    माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं। उनका स्थान कोई नहीं ले सकता, उनका कर्ज हम किसी भी रूप में नहीं उतार सकते, लेकिन शिक्षक ही हैं जिन्हें हमारी भारतीय संस्कृति में माता-पिता के बराबर दर्जा दिया जाता है।

  12. सॉफ्ट कीड़े की तरह दरारों में प्रवेश कर सकेगा ‘रोबोट''

    सॉफ्ट कीड़े की तरह दरारों में प्रवेश कर सकेगा ‘रोबोट''

    ‘रोबोट्स’ को मशीनों का इंसानीकरण कहा जा सकता है जिनका विकसित रूप आज अपनी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का उपयोग करते हुए इंसानी भाषा को भी समझ पाने में सक्षम हो चुका है।

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