1. हर पीढ़ी के लिए आदर्श हैं शहीद ए आजम भगत सिंह

    हर पीढ़ी के लिए आदर्श हैं शहीद ए आजम भगत सिंह

    भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में शहीद ए आजम भगत सिंह ऐसा नाम हैं जिनके बिना शायद आजादी की कहानी अधूरी रहती। वह सिर्फ युवाओं ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के भी आदर्श हैं।

  2. भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक थे राम मनोहर लोहिया

    भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक थे राम मनोहर लोहिया

    राम मनोहर लोहिया भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक, राजनीतिज्ञ, मौलिक चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी थे। संसद में भारत सरकार के अपव्यय पर की गयी उनकी बहस ''तीन आना−पंद्रह आना'' आज भी प्रसिद्ध है।

  3. अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने

    अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने

    वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने वीरांगना झाँसी की रानी की तरह ही अपने पति विक्रमादित्य के अस्वस्थ होने पर ऐसी दशा में राज्य कार्य संभाल कर अपनी सुयोग्यता का परिचय दिया और अंग्रेजों की चूलें हिला कर रख दीं।

  4. अपनी उद्यमशीलता से आम आदमी को जोड़ा था जमशेदजी ने

    अपनी उद्यमशीलता से आम आदमी को जोड़ा था जमशेदजी ने

    जमशेदजी ने अपनी राष्ट्रभक्ति और उद्यमशीलता को आम आदमी से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने मात्र 29 वर्ष की उम्र में 21 हजार रुपए की पूंजी से एक ट्रेडिंग कंपनी की शुरुआत की थी।

  5. एक दो नहीं, दर्जनों आविष्कार किये थे ग्राहम बेल ने

    एक दो नहीं, दर्जनों आविष्कार किये थे ग्राहम बेल ने

    ग्राहम बेल की जीवनी के अनुसार बेल ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी काम किया। सांस लेने के लिए उपयोगी उपकरण के साथ ही मूक बधिर लोगों की समस्या दूर करने के लिए काम किया। उन्होंने वैमानिकी के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

  6. महिलाओं में आत्म सम्मान की भावना जगाने वालीं सरोजनी नायडू

    महिलाओं में आत्म सम्मान की भावना जगाने वालीं सरोजनी नायडू

    स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने वाली सरोजनी नायडू 1903−17 के दौरान गोपाल कृष्ण गोखले, रवींद्रनाथ टैगोर, मोहम्मद अली जिन्ना, एनी बेसेंट, सीपी रामस्वामी अय्यर, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू आदि बड़े नेताओं के संपर्क में आयीं।

  7. साधना और तप से अर्जित ज्ञान बाँटा रामकृष्ण परमहंस ने

    साधना और तप से अर्जित ज्ञान बाँटा रामकृष्ण परमहंस ने

    पांच वर्ष की उम्र में ही ये अद्भुत प्रतिभा और स्मरणशक्ति का परिचय देने लगे। अपने पूर्वजों के नाम व देवी-देवताओं की स्तुतियाँ, रामायण, महाभारत की कथायें इन्हें कंठस्थ हो गई थीं।

  8. बल्ब के आविष्कारक एडिसन के नाम 1000 से भी अधिक पेटेंट

    बल्ब के आविष्कारक एडिसन के नाम 1000 से भी अधिक पेटेंट

    एडिसन के अंदर वैज्ञानिक तथा उद्यमी क्षमतायें थीं। उन्होंने बचपन में तमाम किस्म की चीजों का व्यापार किया था और अपने जीवन काल में उन्होंने करीब 14 कंपनियां स्थापित की थीं।

  9. गांधीजी की पुण्यतिथिः बापू के अंतिम शब्द थे- राम राम

    गांधीजी की पुण्यतिथिः बापू के अंतिम शब्द थे- राम राम

    महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस में हुई हत्या के बारे में दर्ज कराई गई एफआईआर में लिखा है कि उनके अंतिम शब्द ''राम राम'' थे।

  10. हिंदुओं में राष्ट्रीय जागरण का काम किया था लालाजी ने

    हिंदुओं में राष्ट्रीय जागरण का काम किया था लालाजी ने

    लाला जी ने आर्य समाज के माध्यम से हिंदुओं में राष्ट्रीय जागरण का काम किया था। 1886 में लाला जी ने दयानंद आंग्ल वैदिक कालेज की लाहौर में स्थापना की तथा आर्य समाज के अनुयायी बने।

  11. सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रान्तिकारी नेता विरले ही होते हैं

    सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रान्तिकारी नेता विरले ही होते हैं

    1921 में भारत में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों का समाचार पाकर बोस सिविल सर्विस छोड़ कर कांग्रेस के साथ जुड़ गए। सुभाष चंद्र बोस बहुत जल्द ही देश के एक महत्वपूर्ण युवा नेता बन गये।

  12. विविदिषानन्द को राजा अजीतसिंह ने बनाया था स्वामी विवेकानन्द

    विविदिषानन्द को राजा अजीतसिंह ने बनाया था स्वामी विवेकानन्द

    राजा अजीतसिंह ने उनके सिर पर साफा बांधा व भगवा चोगा पहना कर नया वेश व नया नाम स्वामी विवेकानन्द प्रदान किया जिसे स्वामीजी ने जीवन पर्यन्त धारण किया। आज भी लोक उन्हें राजा अजीतसिंह द्वारा प्रदत्त स्वामी विवेकानन्द नाम से ही जानते हैं।

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