1. आजाद हिंद सेना के संस्थापक थे रास बिहारी बोस

    आजाद हिंद सेना के संस्थापक थे रास बिहारी बोस

    दिल्ली में तत्कालीन वायसराय लार्ड चार्ल्स हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने, गदर की साजिश रचने और बाद में जापान जाकर इंडियन इंडिपेंडेस लीग और आजाद हिंद फौज की स्थापना करने में रास बिहारी बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  2. नारी समाज के उद्धार के लिए प्रयासरत रहे राजा राममोहन राय

    नारी समाज के उद्धार के लिए प्रयासरत रहे राजा राममोहन राय

    राजा राममोहन राय ने नारी समाज के उद्धार के लिये अनेक प्रयास किये। उनके व्यक्तित्व को महत्व देने के लिये उनके सहयोगियों ने सती होने की अमानुषिक प्रथा को कानून से रोकने का आंदोलन प्रारम्भ किया।

  3. स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई बिपिन चंद्र पाल ने

    स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई बिपिन चंद्र पाल ने

    पाल के नाम से मशहूर उग्र राष्ट्रवादी नेता बिपिन चंद्र पाल का जब राजनीति में आगमन हुआ उस समय अंग्रेज सरकार कांग्रेस को बहुत गंभीरता से नहीं लेती थी।

  4. महान राष्ट्रभक्त और प्रतापी योद्धा थे महाराणा प्रताप

    महान राष्ट्रभक्त और प्रतापी योद्धा थे महाराणा प्रताप

    महाराणा प्रताप के काल में दिल्ली पर अकबर का शासन था और अकबर की निति हिन्दू राजाओं की शक्ति का उपयोग कर दूसरे हिन्दू राजा को अपने नियन्त्रण में लेना था।

  5. हृदयनारायण दीक्षितः राजपथ पर एक बौद्धिक योद्धा

    हृदयनारायण दीक्षितः राजपथ पर एक बौद्धिक योद्धा

    श्री ह्दयनारायण दीक्षित मूलतः एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उनका सार्वजनिक जीवन और पत्रकारिता एक दूसरे ऐसे घुले-मिले हैं कि अंदाजा ही नहीं लगता कि उनका मूल काम क्या है।

  6. भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. भीम राव अंबेडकर

    भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. भीम राव अंबेडकर

    भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. भीम राव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था। डॉ. भीमराव अंबेडकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई था।

  7. किशोरी अमोनकर के संगीत में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती थी

    किशोरी अमोनकर के संगीत में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती थी

    किशोरी अमोनकर की प्रस्तुतियां ऊर्जा और सौन्दर्य से भरी हुई होती थीं। उनकी प्रत्येक प्रस्तुति प्रशंसकों सहित संगीत की समझ न रखने वालों को भी मंत्रमुग्ध कर देती थी। उन्हें संगीत की गहरी समझ थी।

  8. हर पीढ़ी के लिए आदर्श हैं शहीद ए आजम भगत सिंह

    हर पीढ़ी के लिए आदर्श हैं शहीद ए आजम भगत सिंह

    भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में शहीद ए आजम भगत सिंह ऐसा नाम हैं जिनके बिना शायद आजादी की कहानी अधूरी रहती। वह सिर्फ युवाओं ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के भी आदर्श हैं।

  9. भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक थे राम मनोहर लोहिया

    भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक थे राम मनोहर लोहिया

    राम मनोहर लोहिया भारत के प्रमुख समाजवादी विचारक, राजनीतिज्ञ, मौलिक चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी थे। संसद में भारत सरकार के अपव्यय पर की गयी उनकी बहस ''तीन आना−पंद्रह आना'' आज भी प्रसिद्ध है।

  10. अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने

    अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने

    वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने वीरांगना झाँसी की रानी की तरह ही अपने पति विक्रमादित्य के अस्वस्थ होने पर ऐसी दशा में राज्य कार्य संभाल कर अपनी सुयोग्यता का परिचय दिया और अंग्रेजों की चूलें हिला कर रख दीं।

  11. अपनी उद्यमशीलता से आम आदमी को जोड़ा था जमशेदजी ने

    अपनी उद्यमशीलता से आम आदमी को जोड़ा था जमशेदजी ने

    जमशेदजी ने अपनी राष्ट्रभक्ति और उद्यमशीलता को आम आदमी से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने मात्र 29 वर्ष की उम्र में 21 हजार रुपए की पूंजी से एक ट्रेडिंग कंपनी की शुरुआत की थी।

  12. एक दो नहीं, दर्जनों आविष्कार किये थे ग्राहम बेल ने

    एक दो नहीं, दर्जनों आविष्कार किये थे ग्राहम बेल ने

    ग्राहम बेल की जीवनी के अनुसार बेल ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी काम किया। सांस लेने के लिए उपयोगी उपकरण के साथ ही मूक बधिर लोगों की समस्या दूर करने के लिए काम किया। उन्होंने वैमानिकी के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है।