1. हर दिल अज़ीज़ नेता थे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी

    हर दिल अज़ीज़ नेता थे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी

    चालीस साल की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले स्व. राजीव गांधी देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और वह दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सरकार की अगुवाई की है।

  2. स्वराज के लिए आवाज उठाई थी भीकाजी कामा ने

    स्वराज के लिए आवाज उठाई थी भीकाजी कामा ने

    भीकाजी हालांकि अहिंसा में विश्वास रखती थीं लेकिन उन्होंने अन्यायपूर्ण हिंसा के विरोध का आह्वान भी किया था। उन्होंने स्वराज के लिए आवाज उठाई और नारा दिया− आगे बढ़ो, हम भारत के लिए हैं और भारत भारतीयों के लिए है।

  3. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

    भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

    भारत को आजादी के बाद अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में शुरुआत करनी थी। साराभाई ने न सिर्फ राकेट और उपग्रह निर्माण की बुनियाद रखी बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उपग्रह सेवाओं के उपयोग की दशा तथा दिशा तय की।

  4. नेहरू परिवार से जुड़े थे पर अलग पहचान रखते थे फिरोज गांधी

    नेहरू परिवार से जुड़े थे पर अलग पहचान रखते थे फिरोज गांधी

    फिरोज गांधी अपने दौर के एक कुशल सांसद के रूप में जाने जाते थे। फिरोज इलाहाबाद के रहने वाले थे और आज भी लोग उनकी पुण्यतिथि के दिन उनकी मजार पर जुटते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

  5. 19 की उम्र में ही वतन के लिए कुर्बान हो गये थे खुदीराम

    19 की उम्र में ही वतन के लिए कुर्बान हो गये थे खुदीराम

    खुदीराम ने मात्र 19 साल की उम्र में ही वतन के लिए अपना बलिदान दे दिया था। फांसी के बाद खुदीराम इतने लोकप्रिय हो गए कि बंगाल के जुलाहे ऐसी धोती बुनने लगे जिनकी किनारी पर खुदीराम लिखा होता था।

  6. भक्तिधारा के महान कवि थे गोस्वामी तुलसीदास

    भक्तिधारा के महान कवि थे गोस्वामी तुलसीदास

    वे राम के अनन्य भक्त हैं। राम पर पूर्ण विश्वास करते हुए उन्होंने उनके उस मंगलकारी रूप को समाज के सामने प्रस्तुत किया है जो सम्पूर्ण जीवन को विपरीत धाराओं और प्रवाहों के बीच संगति प्रदान कर उसे अग्रसर करने में सहायक है।

  7. जलियांवाला कांड का बदला लिया था ऊधम सिंह ने

    जलियांवाला कांड का बदला लिया था ऊधम सिंह ने

    जलियांवाला कांड से वीर ऊधम सिंह तिलमिला गए और उन्होंने जलियांवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर माइकल ओडवायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ले ली।

  8. बहुमुखी प्रतिभा के धनी उद्यमी थे जेआरडी टाटा

    बहुमुखी प्रतिभा के धनी उद्यमी थे जेआरडी टाटा

    जेआरडी एक उद्यमी के रूप में भी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति थे जिनकी सोच अपने समय से बहुत आगे की थी। उनके इस नजरिए से न केवल टाटा समूह बल्कि भारतीय उद्योग जगत को भी काफी लाभ मिला।

  9. नारी शिक्षा और उत्थान के लिए कार्य किया विद्यासागर ने

    नारी शिक्षा और उत्थान के लिए कार्य किया विद्यासागर ने

    जिन दिनों महर्षि दयानंद सरस्वती बंगाल के प्रवास पर थे तब ईश्वरचंद्र जी ने उनके विचारों को सुना। वे उनसे प्रभावित हो गये। उन दिनों बंगाल में विधवा नारियों की हालत बहुत दयनीय थी।

  10. मिसाइलों को बनाया सख्त पर खुद नरमदिल थे डॉ. कलाम

    मिसाइलों को बनाया सख्त पर खुद नरमदिल थे डॉ. कलाम

    डॉ. कलाम जी का सिध्दांत था कि जो लोग जिम्मेदार, सरल, ईमानदार एवं मेहनती होते हैं, उन्हें ईश्वर द्वारा विशेष सम्मान मिलता है क्योंकि वे इस धरती पर उसकी श्रेष्ठ रचना हैं। उनका यह सिध्दांत उन्हीं पर लागू होता था।

  11. सदैव ‘आजाद’ ही रहे भारत माँ के महान सपूत चंद्रशेखर आजाद

    सदैव ‘आजाद’ ही रहे भारत माँ के महान सपूत चंद्रशेखर आजाद

    25 साल का बांका नौजवान चंद्रशेखर आजाद भारत माँ की आजादी की बलिवेदी पर शहीद हो गया। यह देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। भारत माँ के इस वीर सपूत को कोटि-कोटि नमन है।

  12. स्वराज के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

    स्वराज के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

    "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है मैं इसे लेकर रहूंगा" के उद्घोषक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का स्थान स्वराज के पथगामियों में अग्रणीय है। उनका महामंत्र देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी तीव्रता के साथ गूंजा और एक अमर संदेश बन गया।

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