1. ‘भागों वाला भगत’ यूं बना ‘शहीदे-आज़म’

    ‘भागों वाला भगत’ यूं बना ‘शहीदे-आज़म’

    भगत सिंह ने खेल-खेल में खेत में छोटी-छोटी डोलियों पर लकड़ियों के छोटे छोटे तिनके गाड़ दिए। जब पूछा गया कि यह क्या बो दिया है, भगत? बालक भगत ने तपाक से उत्तर दिया कि ‘मैंने बन्दूकें बोई हैं। इनसे अपने देश को आजाद कराऊंगा’।

  2. महान राष्ट्रवादी विचारक दीनदयाल उपाध्याय

    महान राष्ट्रवादी विचारक दीनदयाल उपाध्याय

    पंडित जी भारत की राष्ट्रवादी पार्टी भारतीय जनसंघ के शिखर पुरुष थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के सर्वांगीण विकास और अभ्युदय के लक्ष्य भी भारतीय दर्शन से ही निरूपित किये थे।

  3. भारत रत्न डॉ. विश्वेश्वरैया के चार लाभकारी नियम

    भारत रत्न डॉ. विश्वेश्वरैया के चार लाभकारी नियम

    भारत रत्न से सम्मानित डॉ. विश्वेश्वरैया कठोर अनुशासन, श्रम की प्रतिमूर्ति के साथ ही प्रतिभावान भी थे। उन्होंने भारतवासियों के आचरण के लिये चार नियम भी बनाये थे।

  4. संत विनोबा भावे ने शुरू किया था भूदान आन्दोलन

    संत विनोबा भावे ने शुरू किया था भूदान आन्दोलन

    भूदान आन्दोलन संत विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया स्वैच्छिक भूमि सुधार आन्दोलन था। उनकी कोशिश थी कि भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिए नहीं हो, बल्कि जन-भागीदारी से इसकी सफल कोशिश की जाए।

  5. देश में सफेद क्रांति के जनक थे वर्गीज कुरियन

    देश में सफेद क्रांति के जनक थे वर्गीज कुरियन

    दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अमूल मॉडल की सफलता की कहानी बहुत हद तक आत्मनिर्भरता की कहानी है। वह ऐसी सरकारी सहायता और ऐसे हस्तक्षेपों का खुला विरोध करते थे जिससे उत्पादकता में कमी आती हो।

  6. भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा दी डॉ. राधाकृष्णन ने

    भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा दी डॉ. राधाकृष्णन ने

    डॉ. राधाकृष्णन का आादर्श जीवन भारतीयों के लिये स्रोत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्हीं को आदर्श मानकर आज पूरे भारत में शिक्षक दिवस पूरे धूमधाम से मनाया जाता है।

  7. इंसान को बेहतर बनाने में जीवन भर लगी रहीं मदर टेरेसा

    इंसान को बेहतर बनाने में जीवन भर लगी रहीं मदर टेरेसा

    धर्मांतरण संबंधी प्रश्नों पर मदर टेरेसा कहा करती थीं, ''हां, मैंने धर्मांतरण करवाया है, लेकिन मेरा धर्मांतरण हिंदुओं को बेहतर हिंदू, मुसलमानों को बेहतर मुसलमान और ईसाइयों को बेहतर ईसाई बनाने का ही रहा है।''

  8. तिरंगे के लिए प्राण न्यौछावर किये थे शहीद गुलाब सिंह लोधी ने

    तिरंगे के लिए प्राण न्यौछावर किये थे शहीद गुलाब सिंह लोधी ने

    क्रांतिवीर गुलाब सिंह लोधी के तिरंगा फहराने की क्रांतिकारी घटना के बाद ही अमीनाबाद पार्क को लोग झंडा वाला पार्क के नाम से पुकारने लगे और वह आजादी के आन्दोलन के दौरान राष्ट्रीय नेताओं की सभाओं का प्रमुख केन्द्र बन गया।

  9. हर दिल अज़ीज़ नेता थे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी

    हर दिल अज़ीज़ नेता थे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी

    चालीस साल की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले स्व. राजीव गांधी देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और वह दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सरकार की अगुवाई की है।

  10. स्वराज के लिए आवाज उठाई थी भीकाजी कामा ने

    स्वराज के लिए आवाज उठाई थी भीकाजी कामा ने

    भीकाजी हालांकि अहिंसा में विश्वास रखती थीं लेकिन उन्होंने अन्यायपूर्ण हिंसा के विरोध का आह्वान भी किया था। उन्होंने स्वराज के लिए आवाज उठाई और नारा दिया− आगे बढ़ो, हम भारत के लिए हैं और भारत भारतीयों के लिए है।

  11. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

    भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

    भारत को आजादी के बाद अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में शुरुआत करनी थी। साराभाई ने न सिर्फ राकेट और उपग्रह निर्माण की बुनियाद रखी बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उपग्रह सेवाओं के उपयोग की दशा तथा दिशा तय की।

  12. नेहरू परिवार से जुड़े थे पर अलग पहचान रखते थे फिरोज गांधी

    नेहरू परिवार से जुड़े थे पर अलग पहचान रखते थे फिरोज गांधी

    फिरोज गांधी अपने दौर के एक कुशल सांसद के रूप में जाने जाते थे। फिरोज इलाहाबाद के रहने वाले थे और आज भी लोग उनकी पुण्यतिथि के दिन उनकी मजार पर जुटते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

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