1. कई बाधाओं को पार कर लक्ष्य तक पहुँचीं थीं गंगूबाई हंगल

    कई बाधाओं को पार कर लक्ष्य तक पहुँचीं थीं गंगूबाई हंगल

    गंगूबाई हंगल ने कई बाधाओं को पार कर अपनी गायिकी को एक मुकाम तक पहुंचाया और उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, तानसेन पुरस्कार, कर्नाटक संगीत नृत्य अकादमी पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी जैसे पुरस्कारों से नवाजा गया।

  2. साहसिक कार्य करने रहने का जज्बा रखते थे सर हिलेरी

    साहसिक कार्य करने रहने का जज्बा रखते थे सर हिलेरी

    सर एडमंड हिलेरी ने 29 मई 1953 को केवल 33 साल की आयु में नेपाल के पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग नोर्गे के साथ माउंट एवरेस्ट पर पहली बार कदम रखा था।

  3. नस्लवाद के खिलाफ अहिंसक लड़ाई लड़ी थी नेल्सन मंडेला ने

    नस्लवाद के खिलाफ अहिंसक लड़ाई लड़ी थी नेल्सन मंडेला ने

    ऐसा माना जा रहा था कि नस्लवाद के खात्मे के बाद श्वेतों के खिलाफ अश्वेत लोगों का गुस्सा फूट पड़ेगा एवं व्यापक हिंसा होगी लेकिन मंडेला ऐसे करिश्माई व्यक्ति थे कि हिंसा की एक भी घटना नहीं होने दी।

  4. जब पीरूसिंह की बहादुरी से थर्रा गया था पाकिस्तान

    जब पीरूसिंह की बहादुरी से थर्रा गया था पाकिस्तान

    परमवीर चक्र से सम्मानित होने वाले हवलदार मेजर पीरूसिंह राजस्थान के पहले व भारत के दूसरे बहादुर सैनिक थे। उन्होंने जो कुछ किया उसको विश्व के अब तक के सबसे साहसिक कारनामों में से एक माना जाता है।

  5. तिरंगा झंडा फहरा कर अंग्रेजों को चुनौती दी थी अरुणा ने

    तिरंगा झंडा फहरा कर अंग्रेजों को चुनौती दी थी अरुणा ने

    अरूणा आसफ अली ने अद्भुत कौशल का परिचय दिया और 9 अगस्त के दिन मुम्बई के गवालिया टैंक मैदान में तिरंगा झंडा फहराकर अंग्रेजों को देश छोड़ने की खुली चुनौती दे डाली।

  6. हरियाणवी लोककला की अमर विभूति हैं पं. लखमी चन्द

    हरियाणवी लोककला की अमर विभूति हैं पं. लखमी चन्द

    कुदरतन बालक लखमी चन्द को गाने का शौक था। इसी के शौक के कारण वह हमेशा कुछ न कुछ गुनगुनाता रहता था। सात-आठ वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपनी मधुर व सुरीली आवाज से लोगों का मन मोह लिया।

  7. विवेकानंद ने अपने विचारों से विश्व पर गहरी छाप छोड़ी

    विवेकानंद ने अपने विचारों से विश्व पर गहरी छाप छोड़ी

    विवेकानन्द ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण माना। वह चाहते थे कि नौजवान पीढ़ी रूढि़वाद से अछूती रहकर अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल देश की तरक्की के लिए करे।

  8. ब्रिटिश संसद में ड्रेन थ्योरी पेश की थी दादाभाई नौरोजी ने

    ब्रिटिश संसद में ड्रेन थ्योरी पेश की थी दादाभाई नौरोजी ने

    दादा भाई नौरोजी ने भारत की लूट के संबंध में ब्रिटिश संसद में ड्रेन थ्योरी पेश की थी। इस ड्रेन थ्योरी में भारत से लूटे हुए धन को ब्रिटेन ले जाने का उल्लेख था।

  9. भूला बिसरा क्रांतिकारी शहीद उदमी राम

    भूला बिसरा क्रांतिकारी शहीद उदमी राम

    हरियाणा में सोनीपत जिले के गाँव लिबासपुर के महान क्रांतिकारी उदमी राम को उनकी पत्नी सहित अंग्रेजों ने पीपल के पेड़ पर कीलों से ठोंक दिया था और 35 दिन तक रूह कंपा देने वाली भयंकर यातनाएं दी गई थीं।

  10. ख़ुशमिज़ाज और सकारात्मक सोच के हैं राहुल गांधी

    ख़ुशमिज़ाज और सकारात्मक सोच के हैं राहुल गांधी

    कट्टर विरोधी भी कहते हैं कि राहुल का विरोध करना उनकी पार्टी की नीति का एक अहम हिस्सा है, लेकिन ज़ाती तौर पर वे राहुल गांधी को बहुत पसंद करते हैं। वे ख़ुशमिज़ाज, ईमानदार, मेहनती और सकारात्मक सोच वाले हैं।

  11. बेहतरीन सेनापति ही नहीं कुशल प्रशासक भी थीं लक्ष्मीबाई

    बेहतरीन सेनापति ही नहीं कुशल प्रशासक भी थीं लक्ष्मीबाई

    लक्ष्मीबाई ने कम उम्र में ही साबित कर दिया कि वह न सिर्फ बेहतरीन सेनापति हैं बल्कि कुशल प्रशासक भी। वह महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने की भी पक्षधर थीं।

  12. महानायक बिरसा को अब मिल रही है बेड़ियों से आजादी

    महानायक बिरसा को अब मिल रही है बेड़ियों से आजादी

    झारखंड के महान आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की राज्य में जितनी भी प्रतिमाएं थीं वे सब की सब बेड़ियों से बंधी हुई थीं लेकिन अब सरकार ने बेड़ियां हटाने का निर्णय किया है।