1. सफेदू खरगोश और अदृश्य शक्ति (बाल कहानी)

    सफेदू खरगोश और अदृश्य शक्ति (बाल कहानी)

    कई दिन बीत गए पर ये चोरियां कौन कर रहा है या पत्थर कहां से आ रहे हैं इसका कोई सुराग पता नहीं चल पा रहा था। महाराज शेरसिंह भी इस बात को लेकर बहुत चिंतित थे।

  2. उफ्फ, ये बच्चे (लधु कथा)

    उफ्फ, ये बच्चे (लधु कथा)

    बाबा ने आश्वासन दिया, तो सोनू चुप होकर गोदी से उतर गया और अपनी मां के साथ व्यस्त हो गया। बाबा जी नाश्ता करके अखबार पढ़ने लगे; पर दोपहर में जब वे खाना खा रहे थे, तो उसने फिर जिद पकड़ ली।

  3. सच्ची दोस्ती... (बच्चों के लिए कहानी)

    सच्ची दोस्ती... (बच्चों के लिए कहानी)

    टीना नवीं कक्षा में पढ़ती थी, वह पढ़ाई में होशियार थी और हमेशा ही अपनी कक्षा में अव्वल आती थी। टीना में वैसे तो सभी आदतें अच्छी थीं किन्तु पढ़ाई को लेकर वह बहुत असुरक्षित महसूस करती थी।

  4. सतर्कता जरूरी है (बच्चों के लिए कहानी)

    सतर्कता जरूरी है (बच्चों के लिए कहानी)

    सुंदरवन में शेर, चीता जैसे विशाल खूंखार जानवरों के साथ ही हिरन, खरगोश जैसे छोटे-छोटे जानवर भी रहा करते थे। छोटे जानवरों को हर समय बड़े जानवरों से खतरा रहता था।

  5. समय का सदुपयोग जरूरी (कहानी)

    समय का सदुपयोग जरूरी (कहानी)

    सुमित ने बारहवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में नया एडमीशन लिया था। कॉलेज जाने के लिए सुमित बहुत उत्साहित था। आज कॉलेज में उसका पहला दिन था।

  6. टक्कू की प्यारी बहना (बाल कहानी)

    टक्कू की प्यारी बहना (बाल कहानी)

    रक्षाबंधन के उस दिन ने टक्कू को कवि बना दिया था। अब उसका एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता था जिस दिन वह अपनी टेबल पर बैठकर कोई अच्छी कविता न लिख लेता।

  7. समय पर काम न करना बुरी बात (कहानी)

    समय पर काम न करना बुरी बात (कहानी)

    सुरेश अपने सभी काम-काज समय पर निपटा लेता था जबकि भोलू समय का पाबंद नहीं था। काम समय पर न करने के कारण स्कूल हो या घर हर जगह भोलू को डांट खानी पड़ती थी।

  8. आओ मिलकर योग दिवस मनायें (कविता)

    आओ मिलकर योग दिवस मनायें (कविता)

    आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें, गांव-गांव और शहर-शहर में, इसकी अलख जगायें।

  9. चंपू खरगोश और उसकी जादुई छड़ी (बाल कथा)

    चंपू खरगोश और उसकी जादुई छड़ी (बाल कथा)

    सुंदरवन से चंपू खरगोश एक बार शहर घूमने के लिए आया। शहर की कठिनाइयों से चंपू अनजान था। वह निर्भय होकर शहर की गलियों में घूमने लगा।

  10. भूकंप से डरें नहीं, सचेत रहें (बाल कथा)

    भूकंप से डरें नहीं, सचेत रहें (बाल कथा)

    मीकू खरगोश शहर से पढ़ाई पूरी कर बहुत दिनों बाद सुंदरवन वापस आया था। मीकू के दोस्त जंपी बंदर, मीनू चिडि़या, टोनी भालू, गोलू हाथी और टिंपू गिलहरी मीकू से मिलकर बहुत खुश थे।

  11. कहानीः पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे होशियार

    कहानीः पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे होशियार

    मिंकू किताब को उलटी पकड़कर उसके पन्नों को लगातार उलट-पलट कर पढ़ने की कोशिश कर रहा था और बहुत देर तक जब किताब का कोई भी शब्द उसकी समझ में न आया तो उसने पन्नों को फाड़ना शुरू कर दिया।

  12. सड़क पर सुरक्षा (बच्चों के लिए कहानी)

    सड़क पर सुरक्षा (बच्चों के लिए कहानी)

    रोमेश एक दिन जब बाजार जा रहा था तो रास्ते में एक चैराहे पर लगी भीड़ देखकर ठिठक गया। आसपास के लोगों की बातें सुनने से उसे पता चला कि वहां कोई एक्सीडेंट हुआ है।