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अहमद पटेल की जीत ने कांग्रेस में नई जान फूंक दी है

By मनोज झा | Publish Date: Aug 11 2017 12:23PM
अहमद पटेल की जीत ने कांग्रेस में नई जान फूंक दी है

बतौर पत्रकार मैंने कई चुनाव देखे हैं...लेकिन राज्यसभा चुनाव को लेकर कभी इस कदर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिलेगा ये कभी नहीं सोचा था। मंगलवार को गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए मतदान का सिलसिला तो दिन में ही खत्म हो गया था..लेकिन नतीजे को लेकर देर रात तक ड्रामा जारी रहा। गुजरात से अहमद पटेल किसी भी हाल में राज्यसभा ना पहुंचें इसके लिए बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया...लेकिन चुनाव आयोग की तत्परता से आखिरी समय में बाजी पलट गई और अहमद पटेल ने मैदान मार लिया।

अब बीजेपी के नेता भले ही खुलकर ना बोलें लेकिन उनके लिए इस हार को पचाना आसान नहीं। बीजेपी विधायकों की संख्या को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जीतना पहले से तय था बाद में बीजेपी ने बलवंत सिंह राजपूत को तीसरा उम्मीदवार बनाकर पटेल की दावेदारी को खतरे में डाल दिया। नाक की लड़ाई में बीजेपी की रणनीति में हुई चूक पर पार्टी के अंदर घमासान मचा है...कांग्रेस की ये जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद उसके आधा दर्जन विधायक बीजेपी के पाले में चले गए थे। गुजरात में बीजेपी के पक्ष में बन रहे माहौल के बाद कांग्रेस को अपने 44 विधायकों को बैंगलोर के रिजॉर्ट में रखना पड़ा। चुनाव से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के सभी विधायक जब अहमदाबाद लौटे तो उन्हें एयरपोर्ट से सीधे आणंद के रिजॉर्ट में ले जाया गया ताकि चुनाव के वक्त समीकरण ना बिगड़ जाए।
 
कुछ दिनों पहले कांग्रेस को अलविदा कहने वाले शंकर सिंह वाघेला ने यहां तक कह दिया था कि कांग्रेस के 44 में से 3-4 विधायक टूटेंगे और पटेल चुनाव हार जाएंगे। उन्होंने ये सभी कहा कि मैं अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहूंगा और पटेल के समर्थन में मतदान नहीं करुंगा। लेकिन कांग्रेस के दो बागी विधायकों के कारण चुनाव की पूरी तस्वीर बदल गई। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि उसके दो विधायक भोलाबाई गोहिल और राघवभाई पटेल ने अपना बैलेट बीजेपी नेता को दिखा दिया है लिहाजा उनके वोट रद्द किए जाएं। उसके बाद जो हुआ उसे टीवी पर सबने देखा...कांग्रेस और बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल देर रात तक चुनाव आयोग का चक्कर लगाते दिखा।
 
आखिरकार चुनाव आयोग ने आधी रात को कांग्रेस के बागी विधायकों के वोट रद्द कर दिए और तब कहीं जाकर मतों की गिनती शुरु हो सकी। देर रात जब नतीजे आए तो अहमद पटेल 44 वोट के साथ विजयी घोषित किए गए। आखिर अहमद पटेल की जीत कैसे हुई ? गुजरात राज्यसभा चुनाव में 182 में 176 विधायकों ने वोट दिया..कांग्रेस के 2 बागी विधायकों के वोट रद्द होने के बाद अंतिम मुकाबला 174 वोटों को आधार पर हुआ। यानि पहले अहमद पटेल को जीत के लिए जो 45 वोट की जरूरत थी वो 44 की हो गई और पटेल को ठीक उतने ही वोट मिले।
 
वैसे अभी ये साफ नहीं है कि अहमद पटेल की जीत में किस दूसरे विधायक का हाथ रहा...जेडीयू के इकलौते विधायक छोटूभाई वासवा का या फिर एनसीपी के दो विधायकों का जिनसे उन्हें समर्थन की उम्मीद थी। सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का इन परिस्थितियों में चुनाव जीतना बीजेपी को हैरान कर रहा है। अब बीजेपी के समर्थकों को भले ही ये बात अच्छी ना लगे लेकिन अहमद पटेल की जीत ने कांग्रेस में नई जान फूंक दी है। बीजेपी में चाणक्य समझे जाने वाले अमित शाह अपने ही गढ़ में मात खा जाएंगे इसका अंदाजा उन्हें भी नहीं था। गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और अहमद पटेल की इस जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। 
 
मनोज झा
(लेखक एक टीवी चैनल में वरिष्ठ पत्रकार हैं।)