1. पृथ्वी दिवस मना कर ही ना समझें अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री

    पृथ्वी दिवस मना कर ही ना समझें अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री

    पृथ्वी दिवस विश्व भर में 22 अप्रैल को पर्यावरण चेतना जाग्रत करने के लिए मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को पहली बार सन् 1970 में मनाया गया था। वैसे पृथ्वी दिवस अब महज औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं बचा।

  2. टूरिस्ट सीजन में कश्मीर के बिगड़े हालात से चिंता बढ़ी

    टूरिस्ट सीजन में कश्मीर के बिगड़े हालात से चिंता बढ़ी

    जबकि कश्मीर में टूरिस्टों का इंतजार सभी को हो रहा है, कश्मीर पुलिस यह कह कर सभी को डराने में जुटी है कि सेना एलओसी से होने वाली घुसपैठ को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

  3. बेहद कम तनख्वाह में गुजर-बहस कर रहे अधिकांश युवा

    बेहद कम तनख्वाह में गुजर-बहस कर रहे अधिकांश युवा

    सत्तर प्रतिशत लोगों में भी ज्यादातर कोई जमी-जमाई या बहुत अच्छी अनख्वाह वाली नौकरी नहीं कर रहे हैं बल्कि उनमें भी बड़ी तादाद ऐसे लोगों की है, जो अशंकालिक तौर पर नियोजित हैं और बेहद कम तनख्वाह में किसी तरह गुजर-बहस कर रहे हैं।

  4. महिला−शिशु कल्याण पर विशेष ध्यान दे रहीं हैं रीता

    महिला−शिशु कल्याण पर विशेष ध्यान दे रहीं हैं रीता

    रीता बहुगुणा जोशी का मंत्रालय आधी आबादी के साथ−साथ भावी पीढी के कल्याण से जुड़ा है। बसपा और सपा की सरकारों ने इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया इसलिये उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में पिछड़ गया।

  5. विरासत हमारे इतिहास, सभ्यता और भविष्य की नींव

    विरासत हमारे इतिहास, सभ्यता और भविष्य की नींव

    पूर्वजों और पुराने समय की यादों को संजोकर रखने वाली अनमोल वस्तुओं की कीमत को ध्यान में रखकर ही संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने वर्ष 1983 से हर साल 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाने की शुरुआत की थी।

  6. आईपीएल से चमकता है कश्मीर के क्रिकेट बैट का कारोबार

    आईपीएल से चमकता है कश्मीर के क्रिकेट बैट का कारोबार

    आईपीएल और विश्व कप के पास आने से जहां क्रिकेट प्रेमी काफी खुश होते हैं वहीं दूसरी तरफ कश्मीर घाटी में इस खबर से हमेशा ही खुशी की लहर दौड़ पड़ती है।

  7. घायलों की मदद से आज भी कतराते हैं 85 फीसदी लोग

    घायलों की मदद से आज भी कतराते हैं 85 फीसदी लोग

    एक रिपोर्ट के अनुसार 88 प्रतिशत लोगों का मानना है कि घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद मेडिको लीगल केस बनने पर पुलिस अस्पताल ले जाने वालों को ही गवाह बना देती है।

  8. बाबा साहेब के विचार सदियों तक लोगों को ऊर्जावान बनाए रखेंगे

    बाबा साहेब के विचार सदियों तक लोगों को ऊर्जावान बनाए रखेंगे

    आज बाबा साहेब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार व दर्शन सदियों तक लोगों को ऊर्जावान बनाए रखेंगे। जरूरी यह है कि अंबेडकर के विचार व दर्शन से युवा पीढ़ी को परिचित कराया जाए।

  9. एंटी रोमियो स्कवॉड महिला सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

    एंटी रोमियो स्कवॉड महिला सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

    इस स्कवॉड में हर जोन में 500 पुलिस अधिकारी और जवान काम करेंगे। जोन के एक थाने के अंतर्गत 2 से 2 टीमें बनाई गई हैं और प्रत्येक टीम में पुलिस के 2 जवान होंगे।

  10. कोई बच्चा पिछड़ा है तो उसको आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है

    कोई बच्चा पिछड़ा है तो उसको आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है

    हम सबका यह परम दायित्व है कि प्रतिभाशाली एवं पिछड़े बालकों को अच्छा संस्कार, अच्छी शिक्षा एवं हर सम्भव मदद करें ताकि वे एक बेहतर नागरिक बनकर राष्ट्र की तरक्की करें और गौरव का परचम लहराएँ।

  11. सूरज की तपिश से बचना है तो करते चलें वृक्षारोपण

    सूरज की तपिश से बचना है तो करते चलें वृक्षारोपण

    पृथ्वी पर जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि पृथ्वी को तंदुरुस्त रखा जाये। धरती की सेहत का राज है वृक्षारोपण। नाना प्रकार के पेड़-पौधे हमारी पृथ्वी का श्रृंगार करते हैं। वृक्षारोपण कई मर्ज की दवा भी है।

  12. अवसाद की फैलती बीमारी से जल्द निपटना होगा

    अवसाद की फैलती बीमारी से जल्द निपटना होगा

    विश्व स्वास्थ्य दिवस 2017 की थीम है अवसाद रोग की रोकथाम करना। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक सबको स्वास्थ्य का लक्ष्य तय किया है। इस बार 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर संयुक्त राष्ट्र अवसाद की समस्या पर बात करेगा।

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