Prabhasakshi
मंगलवार, जनवरी 23 2018 | समय 03:23 Hrs(IST)
रहमतों की बारिश (ईद मिलाद-उन-नबी पर विशेष)

रहमतों की बारिश (ईद मिलाद-उन-नबी पर विशेष)

हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को समर्पित कलाम...
साहित्य को  धंधा बना देने वाले साफ हो जायेंगे : दूधनाथ सिंह

साहित्य को धंधा बना देने वाले साफ हो जायेंगे : दूधनाथ सिंह

दूधनाथ सिंह नहीं रहे। कथाकार दूधनाथ सिंह नहीं रहे। आलोचक दूधनाथ सिंह नहीं रहे। लगभग साठ वर्षों से अनवरत चलती रही रचना यात्रा को विराम लग गया। वह सुस्ताने चली गयी।
भ्रष्टाचार, हमारा मूलभूत अधिकार (व्यंग्य)

भ्रष्टाचार, हमारा मूलभूत अधिकार (व्यंग्य)

बुजुर्गों का कहना है कि बेटे कब बड़े और बेटियां कब जवान हो जाती हैं, इसका पता ही नहीं लगता। यही हाल हमारे महान भारत देश का है। कब, किस दिशा में हम कितना आगे बढ़ जाएंगे, कहना कठिन है।