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भाजपा का त्रिपुरा में वामपंथी किले को भेदने के लिए हाई-प्रोफाइल प्रचार अभियान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 13 2018 5:12PM
भाजपा का त्रिपुरा में वामपंथी किले को भेदने के लिए हाई-प्रोफाइल प्रचार अभियान
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अगरताला। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पूरी तरह से कमर कस ली है। राज्य में 18 फरवरी को मतदान होगा। चुनावी मैदान में भाजपा के सीधे तौर पर उतरने के साथ ही राज्य में चुनावी सरगर्मी इतनी तेज हो गई है जिसे स्थानीय लोगों ने पहले कभी नहीं देखा था। एक सरकार कर्मचारी मिथुन घोष का कहना है कि राज्य में 25 साल से सत्ता में बैठी वामपंथी सरकार को हटाने के लिए भाजपा अपने शीर्ष नेताओं को प्रचार अभियान में उतारने के साथ ही अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले हफ्ते इस पूर्वोत्तर राज्य के दौरे पर आये थे और गुरुवार को दो चुनाव सुभाएं की थीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी कई जन सभाएं की और राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी जैसे शीर्ष नेताओं के साथ-साथ पार्टी में हिंदुत्व का चेहरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ने कई रोड शो किए, जिसके सहारे भाजपा 60 विधानसभा क्षेत्रों के 25 लाख मतदाताओं को साधने में जुटी हुई है।
 
राष्ट्रीय परिदृश्य पर एक छोटे राज्य के रूप में त्रिपुरा के उत्सुक और राजनीतिक रूप से जागरूक मतदाताओं को इस बार कुछ नया देखने को मिल रहा है। मतदाताओं में इस बात की उत्सुकता है कि क्या भगवा दल वामपंथी किले को भेदने में सक्षम है। हालांकि भाजपा की राह बहुत ही कठिन है, लेकिन दूसरी ओर माकपा के लिए मुख्यमंत्री माणिक सरकार की व्यक्तिगत छवि राहत की बात है जिन पर जनता कई बुनियादी समस्याओं को नजअंदाज कर एक बार फिर से भरोसा कर सकती है। हालांकि राज्य में रोज़गार के अवसरों, विकास और पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी चीजों की कमी से संबंधित मुद्दों पर सरकार घिर सकती है।
 
एक तरफ वामपंथी दल ग्रामीण विकास और गरीबों पर अपना ध्यान केंद्रित करने का वादा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र के जरिये मतदाताओं को रिझाने के लिए कई लोकलुभावन वादे किये हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को घोषणा-पत्र जारी किया था।