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गायत्री प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश

By admin@PrabhaSakshi.com | Publish Date: Feb 17 2017 8:26PM
गायत्री प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश
उच्चतम न्यायालय ने आज उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि वह कथित सामूहिक बलात्कार और महिला तथा उसकी बेटी के साथ बलात्कार के प्रयास के मामले में राज्य के मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता गायत्री प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह मामले की जांच करे और आठ सप्ताह के भीतर घटनाओं पर की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में उसे सौंपे।
 
प्रजापति और अन्य लोगों द्वारा कथित रूप से बार-बार बलात्कार की शिकार हुई महिला ने जनहित याचिका दायर कर उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश पुलिस को दे। महिला की ओर से पेश हुए वकील महमूद प्राचा ने कहा कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से की गयी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उत्तर प्रदेश की ओर से पेश हुए वकील ने कहा, चूंकि फिलहाल उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहे हैं, इसलिए याचिका दायर की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हलफनामे में कहा है कि कथित घटना की पुष्टि नहीं की जा सकती है और शिकायत दर्ज कराने में भी देरी हुई है। प्राचा ने कहा कि याचिका चुनावी प्रक्रिया की घोषणा से पहले दायर की गयी थी और उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष 25 नवंबर को नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि चुनावों की घोषणा होने के बाद किसी व्यक्ति की मूल और नागरिक अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है और उत्तर प्रदेश पुलिस को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी।
 
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए, उन्होंने कहा कि कथित घटना पहली बार अक्तूबर 2014 में हुई और जुलाई 2016 तक चली। जब आरोपी ने याचिका दायर करने वाली महिला की नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने का प्रयास किया, तब उसने शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया। प्राचा ने कहा कि महिला ने अक्तूबर 2016 में पुलिस महानिदेशक से शिकायत की थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। उसके बाद न्याय के लिए वह उच्चतम न्यायालय पहुंची।