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कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकताः आदित्यनाथ

कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकताः आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी मंशा जाहिर करते हुए आज आला अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा और पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि कानून-व्यवस्था उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है और इससे किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।

 
इलाहाबाद में बसपा के एक नेता की हत्या के मामले का भी संज्ञान लिया गया। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मुलाकात करने वीवीआईपी गेस्ट हाउस गये। शर्मा ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि वह बस शिष्टाचार भेंट करने गये थे। उन्होंने कहा कि जनता के लिये पूरी शक्ति से काम करेंगे। काम धरातल पर दिखे, इसके लिये प्रयास करेंगे। हमें पांच साल एक्शन करना होगा।
 
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने सरकार बनने के दिन रात 12 बजे से पहले प्रदेश के सारे यांत्रिक बूचड़खाने बंद होने का भाजपा का चुनावी वादा पूरा नहीं होने के सवाल पर कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक होने दीजिये। मंत्रियों में विभागों के बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि महकमों का आवंटन जल्द हो जाएगा। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पुलिस महानिदेशक जल्द ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस प्रमुखों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। लोकभवन में आज अपराह्न तीन बजे बहुत अहम बैठक होगी, जिसमें पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जा सकते हैं। यह मुख्यमंत्री के तौर पर आदित्यनाथ की अधिकारियों के साथ पहली बैठक होगी। लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक ए. सतीश गणेश और मण्डलायुक्त भुवनेश कुमार ने लोकभवन में इस बैठक की तैयारी का जायजा लिया।
 

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