Prabhasakshi
सोमवार, सितम्बर 25 2017 | समय 20:36 Hrs(IST)
ब्रेकिंग न्यूज़
Ticker Imageमीरवायज ने वार्ता के लिए वाजपेयी फार्मूला अपनाने को कहाTicker Image‘पीपली लाइव’ के सह-निर्देशक फारूकी दुष्कर्म के आरोप में बरीTicker Imageकार्ति चिदंबरम पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 1.16 करोड़ की संपत्ति जब्तTicker Imageऐश्वर्या के साथ तीसरी बार काम करने को लेकर खुश हूं: अनिल कपूरTicker Image‘सुपर 30’ में आनंद कुमार की भूमिका में दिखेंगे रितिक रोशनTicker Imageआनंद एल राय की फिल्म की शूटिंग जोरों पर: शाहरुख खानTicker Imageराजकुमार को हर वह चीज मिल रही है जिसके वह योग्य हैं: कृति सैननTicker Imageबनिहाल में एसएसबी दल पर हमले में शामिल तीसरा आतंकी गिरफ्तार

राष्ट्रीय

अखिलेश ने 20 करोड़ बेरोजगारी भत्ता देने पर खर्च दिए 15 करोड़

By admin@PrabhaSakshi.com | Publish Date: May 19 2017 2:52PM
अखिलेश ने 20 करोड़ बेरोजगारी भत्ता देने पर खर्च दिए 15 करोड़

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के समय बेरोजगारी भत्ता देने के लिए आयोजित चेक वितरण कार्यक्रमों पर लगभग 15 करोड़ रूपये खर्च कर दिये गये। उस समय अखिलेश यादव राज्य के मुख्यमंत्री थे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया कि बेरोजगारी भत्ते से जुड़ी योजना में विशिष्ट दिशानिर्देश हैं कि धन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कराया जाएगा। लाभार्थी को योजना के तहत आवेदन फार्म पर अपने बैंक खाते का ब्यौरा भरना होता है।

 
विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट में कहा गया कि अगर भत्ता चेक के जरिए वितरित करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होता तो लगभग 15 करोड़ रूपये के व्यय से बचा जा सकता था। कैग ने कहा कि राज्य सरकार ने मई 2012 में योजना लांच की। लाभार्थियों के बचत खातों में, चाहे वे किसी राष्ट्रीयकृत बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में हों, तिमाही भुगतान भेजा जाना था। उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षण एवं रोजगार निदेशक के रिकार्ड से पता चला कि विभाग ने 2012-13 में 69 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किये और 20.58 करोड़ रूपये एक लाख 26 हजार 521 बेरोजगार लोगों को वितरित किये। रिपोर्ट में कहा गया कि लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर लाने ले जाने में 6.99 करोड़ रूपये खर्च किये गये जबकि बैठने की व्यवस्था और नाश्ते पानी पर 8.07 करोड़ रूपये खर्च किये गये। विभिन्न कार्यक्रम स्थलों पर लगभग 1.26 लाख बेरोजगारों को चेक दिये गये। ये चेक तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने हाथ से सौंपे।
 
राज्य सरकार ने सितंबर 2016 को अपने जवाब में कहा कि लाभार्थियों को चेक वितरण निर्देशों के तहत ही किया गया है। योजना की नियमावली के मुताबिक राष्ट्रीयकृत बैंक में हालांकि खाता खोलना अनिवार्य है लेकिन बैंक खातों के जरिए ही लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए राज्य सरकार बाध्य नहीं है। कैग ने जवाब को उचित नहीं माना। उसका कहना था कि योजना के दिशानिर्देशों में इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को लाने और ले जाने का प्रावधान नहीं है। कैग ने साफ कहा कि ऐसे कार्यक्रमों पर 15.06 करोड़ रूपये खर्च कर दिये गये जो उचित नहीं ठहराया जा सकता। रिपोर्ट में कहा गया कि 69 जिलों में बेरोजगारी भत्ता योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण के लिए कार्यक्रमों के आयोजन पर 15.06 करोड़ रूपये खर्च कर दिये गये हालांकि बेरोजगारी भत्ता लाभार्थियों के खाते में जमा कराया जाना था। भत्ते की योजना की शुरूआत 2003-07 में तत्कालीन सपा सरकार ने की थी। उस समय मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। हाईस्कूल पास 30 से 40 वर्ष आयु वाले हर बेरोजगार को एक हजार रूपये देने की व्यवस्था की गयी थी। कैग ने बताया कि इसी योजना को अखिलेश सरकार ने मई 2012 में फिर से चलाया।