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जश्न के दौरान पुणे में भड़की हिंसा, एक की मौत

By ankit@prabhasakshi.com | Publish Date: Jan 2 2018 3:40PM
जश्न के दौरान पुणे में भड़की हिंसा, एक की मौत

पुणे। सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे शहर में कोरेगांव भीमा की लड़ाई की 200वीं सालगिरह की जश्न मनाई गई। जश्न के दौरान ही हिंसा भड़क गई जिसमें एक शख्स की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। इसके साथ ही पनपे हिंसा में कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हिंसा के बढ़ते ही पुणे के हड़प्सर और फुरसुंगी के बसों में तोड़-फोड़ मचाई गई। अहमदाबाद और औरंगाबाद जाने वाली सभी बसों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

घटना के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने कहा "भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर भारी भीड़ को देखते हुए हमने पुलिस की 6 कंपनियां तैनात की थी। कुछ लोगों ने माहौल को बिगाड़ने के लिए हिंसा फैलाई। इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मृतक के परिवार वालों को 10 लाख के मुआवजा दिया जाएगा।"     
 
उधर इस घटना के बाद राजनीति शुरू हो गई है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने दक्षिणपंथी संगठनों की जिम्मेदार बताया है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भीमा-कोरेगांव में हिंसा साजिश के तहत फैलाई गई। मुंबई कांग्रेस के डॉ. राजू वाघमारे ने कहा कि पहले से दलितों पर हमले करने की प्लानिंग थी। उन्होंने कहा कि यहां हिंसा भड़काने के लिए लंबे समय से आरएसएस के कुछ लोग तैयारी कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राज्य के मुख्यमंत्री से कहा कि, मामले की निष्पक्ष रूप से जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा ना होने पाए।
 
बता दें कि भीमा कोरेगांव की लड़ाई 1 जनवरी 1818 को पुणे स्थित कोरेगांव में भीमा नदी के पास उत्तर-पू्र्व में हुई थी। यह लड़ाई महार और पेशवा सैनिकों के बीच लड़ी गई थी। 200 साल पहले अंग्रेजों ने 1 जनवरी के दिन जो लड़ाई जीती थी उसका जश्न हर साल पुणे में मनाया जाता है।