1. निजी अस्पताल है तो सिजेरियन डिलीवरी ही कराएगा!

    निजी अस्पताल है तो सिजेरियन डिलीवरी ही कराएगा!

    निजी चिकित्सालयों में सिजेरियन डिलीवरी का आंकड़ा सरकारी अस्पतालों की तुलना में कहीं अधिक है। यह हालात तब हैं जबकि चिकित्सालयों द्वारा प्रेगनेंसी से लेकर डिलीवरी तक प्रेगनेंट महिला को परीक्षण में रखा जाता है।

  2. रोमांचक रहा आईपीएल-10, दे गया कुछ नयी प्रतिभाएं भी

    रोमांचक रहा आईपीएल-10, दे गया कुछ नयी प्रतिभाएं भी

    इस बार कुछ ऐसे खिलाड़ी भी थे जिनका प्राइस रेट तो बहुत कम था लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है और इस बात की प्रबल संभावना है कि अगली बार उनका प्राइस रेट भी बढ़ेगा ही।

  3. कम्प्यूटर पर कट-पेस्ट की सुविधा ने पुस्तकों की आदत छुड़ायी

    कम्प्यूटर पर कट-पेस्ट की सुविधा ने पुस्तकों की आदत छुड़ायी

    इन्टरनेट ने जानकारी के छोटे−छोटे केप्सूलों के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर शार्टकट की आदत डाल दी है। सारी दुनिया आज लोगों में कम होती पढ़ने की आदत से चिंतित है।

  4. छोटे होते जा रहे परिवारों की बढ़ती जा रही हैं समस्याएं

    छोटे होते जा रहे परिवारों की बढ़ती जा रही हैं समस्याएं

    एक समय था जब एक ही छत के नीचे दादा−दादी, ताउ−ताई, चाचा−चाची और भाई बहनों से भरा पूरा परिवार रहता था, आज उसकी जगह एकल परिवार ने ले ली है।

  5. जैव विविधता हमारे अस्तित्व और विकास के लिए जरूरी

    जैव विविधता हमारे अस्तित्व और विकास के लिए जरूरी

    हरे−भरे पौधे, विभिन्न प्रकार के जीव−जंतु, मिट्टी, हवा, पानी, पहाड़, नदियां, समुद्र, महासागर आदि सब प्रकृति की देन है, जो हमारे अस्तित्व एवं विकास के लिये आवश्यक है।

  6. शहादत को प्रान्तीय नजर से देख कर गलती कर बैठे अखिलेश

    शहादत को प्रान्तीय नजर से देख कर गलती कर बैठे अखिलेश

    सियासत, पूर्वाग्रह और वोटबैंक की राजनीति किसी भी स्तर तक जा सकती है। लेकिन स्वतंत्र भारत में शायद यह पहला अवसर है जब किसी जिम्मेदार नेता ने शहादत को प्रान्तीय नजरिये से देखा है।

  7. वन बेल्ट वन रोड परियोजना साकार हुई तो भारत की बढ़ेगी मुश्किल

    वन बेल्ट वन रोड परियोजना साकार हुई तो भारत की बढ़ेगी मुश्किल

    यदि चीन वन बेल्ट वन रोड परियोजना को अमली जामा पहनाने में सफल हो जाता है तो दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन की स्थिति धराशायी होगी। जो भारत के लिए बेहद गंभीर स्थिति होगी।

  8. बिजनेस हाउस बनते जा रहे हैं स्कूल, छात्र-अभिभावक बेहाल

    बिजनेस हाउस बनते जा रहे हैं स्कूल, छात्र-अभिभावक बेहाल

    पेरेन्टस के सामने अब तो निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को ट्यूशन कराने की सलाह अलग से नई मजबूरी बनती जा रही है। देखा जाए तो स्कूलों में आज पढ़ाई को छोड़कर सभी कुछ हो रहा है। पढ़ाई अभिभावकों व ट्यूशन के भरोसे चलने लगी है।

  9. दो मुख्यमंत्रियों की शिकायतों पर क्या गौर किया जायेगा?

    दो मुख्यमंत्रियों की शिकायतों पर क्या गौर किया जायेगा?

    यह याद रखना जरूरी होगा कि ये दोनों मुख्यमंत्री ऐसे राज्यों के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जहां सेना को आफ्सपा के तहत दंड से मुक्ति प्राप्त है और जहां दिल्ली के खिलाफ जनभावनाओं का पुराना इतिहास रहा है।

  10. श्रीलंका के साथ संबंध बेहतर बनाने में मोदी सरकार सफल

    श्रीलंका के साथ संबंध बेहतर बनाने में मोदी सरकार सफल

    संबंधों को बेहतर बनाने हेतु आर्थिक, राजनीतिक, सामरिक कूटनीति के साथ साथ सांस्कृतिक कूटनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए वर्तमान समय में प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक कूटनीति पर भी ध्यान केन्द्रित किया है।

  11. भारत सिर्फ कोई भूखण्ड नहीं, ईश्वर इस भूमि पर अवतरित हुए

    भारत सिर्फ कोई भूखण्ड नहीं, ईश्वर इस भूमि पर अवतरित हुए

    विश्व-वसुधा के अन्य देशों की तरह भारत कोई भूखण्ड नहीं है, बल्कि पृथ्वी पर सृष्टि रचने वाले स्रष्टा का पार्थीव ठौर है। ईश्वर का दूत कहे जाने वाले पैगम्बरों का जन्म अन्यत्र भले ही कहीं हुआ हो, किन्तु स्वयं ईश्वर तो इसी भूमि पर अवतरित हुए हैं।

  12. भारत में कुपोषण और भुखमरी की समस्या जस की तस

    भारत में कुपोषण और भुखमरी की समस्या जस की तस

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि भारत में हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या दस लाख से भी ज्यादा है। दक्षिण एशिया में भारत कुपोषण के मामले में सबसे बुरी हालत में है।