1. कश्मीर में फेसबुक और वाट्सएप ने भी बढ़ाईं मुश्किलें

    कश्मीर में फेसबुक और वाट्सएप ने भी बढ़ाईं मुश्किलें

    वादी में आतंकियों और उनके आकाओं द्वारा हालात बिगाड़ने के लिए फेसबुक और वाट्सएप का दुरुपयोग किए जाने का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार इन दोनों सेवाओं को प्रतिबंधित करने की योजना पर विचार कर रही है।

  2. आतंकियों व पत्थरबाजों से निबटने का सेना का तरीका सही

    आतंकियों व पत्थरबाजों से निबटने का सेना का तरीका सही

    आखिर सैनिक घुसपैठियों से देश की रक्षा करें या देश में ही देश का नमक खाकर गद्दारी कर रहे पथभ्रष्ट युवाओं से संघर्ष करें। जब सेना सख्ती करती है तो देश के सारे प्रतिक्रियावादियों को मानवाधिकार और ना जाने क्या क्या याद आ जाता है।

  3. उत्तर प्रदेश में छुट्टियों की छुट्टी करने का फैसला ऐतिहासिक

    उत्तर प्रदेश में छुट्टियों की छुट्टी करने का फैसला ऐतिहासिक

    उत्तर प्रदेश से छुटि्टयों को लेकर जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक वहां महापुरुषों के नाम पर 42 छुट्टियां हर वर्ष होती हैं। 52 रविवार के साथ दूसरे और तीसरे शनिवार की छुट्टी के 24 दिन और हो जाते हैं।

  4. राम तिरपाल में रहें और आप राष्ट्रपति भवन में?

    राम तिरपाल में रहें और आप राष्ट्रपति भवन में?

    जब उनकी सरकार नहीं बन पाती थी तो जनता से वे इसलिए वोट माँगते थे कि पूर्ण बहुमत में आने पर वे क़ानून बना कर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाएंगे। जनता ने जब से उन्हें पूर्ण बहुमत दिया, इनमें से कोई भी अयोध्या नहीं गया।

  5. कर्ज माफ़ी किसानों की असल समस्या का समाधान नहीं

    कर्ज माफ़ी किसानों की असल समस्या का समाधान नहीं

    एक मोटा-मोटी बात सामने आती है कि कर्ज माफ़ी योजना की तहत कुछ किसान एक बार तो ऋण मुक्त हो जाते हैं, मगर अगले सीजन की फसल के लिए उनके सामने वही समस्या मुँह खोले खड़ी मिलती है।

  6. शराब से राजस्व के लालच में राजमार्गों का दर्जा ही घटा दिया

    शराब से राजस्व के लालच में राजमार्गों का दर्जा ही घटा दिया

    राजमार्गों से लगते होटलों एवं ठेकों को बचाने के लिए उन तक पहुंचने के लिए घुमावदार रास्ते बनाकर दिखाने के लिए उनकी दूरी 500 मीटर कर दी गयी है ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाया जा सके।

  7. वंदे मातरम गाने वाले क्या सब देशभक्त ही हैं?

    वंदे मातरम गाने वाले क्या सब देशभक्त ही हैं?

    वंदे मातरम को जो न गाए, उसे देशद्रोही कहना भी उचित नहीं, क्योंकि जो नहीं गाता है, वह गलतफहमी का शिकार है, गलत कर्मों का नहीं। जो गाते हैं, क्या वे सब देशभक्त ही हैं?

  8. अम्बेडकर के नाम पर कुछ और ही कर रहे विदेशी संगठन

    अम्बेडकर के नाम पर कुछ और ही कर रहे विदेशी संगठन

    अमेरिकी विदेशी संगठनों की कारगुजारियों के कारण यहां कभी ‘असहिष्णुता’ का ग्राफ ऊपर की ओर उठ जाता है, तो कभी ‘दलितों की सुरक्षा’ का ग्राफ नीचे की ओर गिरा हुआ बताया जाता है। ये संस्थायें भिन्न-भिन्न प्रकृति और प्रवृति की हैं।

  9. शायद एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाह रहा है पाकिस्तान

    शायद एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाह रहा है पाकिस्तान

    जाधव को फांसी की सजा सुनाने के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या मौजूदा संदर्भ में पाकिस्तान पर एक और ''सर्जिकल स्ट्राइक'' की जाए? इस मामले को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने या जाधव की रिहाई तक पाकिस्तान के साथ तमाम रिश्ते तोड़ लिए जाएं?

  10. अगर ऐसा हो जाए तो गौवध अपने आप बंद हो जाएगा

    अगर ऐसा हो जाए तो गौवध अपने आप बंद हो जाएगा

    दिगंबर जैन महात्मा आचार्य विद्यासागरजी की प्रेरणा से संचालित यहां दयोदय गौशाला नामक संस्था में पहुंचकर तो मैं चमत्कृत रह गया। ऐसी लगभग 100 गौशालाएं देश भर में काम कर रही हैं।

  11. चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार समय की माँग है

    चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार समय की माँग है

    चुनाव आयोग पर कभी मतदाता सूची में गड़बड़ी के लिए, कभी उटपटांग परिसीमन के लिए, कभी फर्जी मतदान के लिए, कभी मतदान केन्द्रों पर अव्यवस्था के लिए तो कभी ई.वी.एम. में गड़बड़ी के लिए आरोप लगते रहते हैं।

  12. ईवीएम की जाँच जरूरी, पर बैलेट की मांग नाजायज है

    ईवीएम की जाँच जरूरी, पर बैलेट की मांग नाजायज है

    इन पार्टियों को आखिर ''ईवीएम में गड़बड़ी'' क्यों नजर आ रही है? बात सिर्फ एवीएम में गड़बड़ी की उठती तो एक बात थी, किन्तु बैलेट पेपर पर चुनाव करना आखिर इन्हें ज्यादा उचित क्योंकर लग रहा है?

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