1. भारत माता के सच्चे सपूत ''भारत रत्न'' अटल बिहारी वाजपेयी

    भारत माता के सच्चे सपूत ''भारत रत्न'' अटल बिहारी वाजपेयी

    सात दशकों से भारतीय राजनीति में अपना स्थान अक्षुण्ण रखने वाले अटल बिहारी वाजपेयी सचमुच ''''भारत रत्न'''' हैं। ऐसे नेता विरले ही होते हैं जो मुख्य विपक्षी दलों के बीच भी बेहद सम्मान की निगाह से देखे जाते हैं।

  2. दो सीटों से चुनाव लड़ने की अनुमति बड़ी चुनावी खामी

    दो सीटों से चुनाव लड़ने की अनुमति बड़ी चुनावी खामी

    जब मत देने वाला एक बार ही अपने मताधिकार का उपयोग कर सकता है तो उम्मीदवार कैसे दो या दो से अधिक स्थानों पर चुनाव लड़ने की पात्रता पा सकता है? यह हमारे चुनाव प्रक्रिया की एक बड़ी विसंगति है, जो लंबे समय से चली आ रही है।

  3. तलाक के तरीके में बदलाव से ज्यादा जरूरी तलाक रोकना

    तलाक के तरीके में बदलाव से ज्यादा जरूरी तलाक रोकना

    तलाक एक बार में तीन दिया जाए या कुछ अंतराल के बाद, प्रभावित तो महिला और परिवार को ही होना है। तलाक के तरीकों पर बहस करने की बजाए हमें यह सोचना होगा कि ऐसा क्या किया जाए कि परिवार का शिराजा बिखरने न पाए।

  4. आडवाणी की चिंता के असल मायने कुछ और ही हैं

    आडवाणी की चिंता के असल मायने कुछ और ही हैं

    यह पहला मौका नहीं है जब आडवाणी ने दबे−छिपे ढंग से मोदी की रीति−नीतियों का विरोध किया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार संसद को शतरंज बना कर चालें चली गई हैं।

  5. देश में बदलाव स्वाभाविक रूप से हो, टॉर्चर करना ठीक नहीं

    देश में बदलाव स्वाभाविक रूप से हो, टॉर्चर करना ठीक नहीं

    देश जब बदलाव को तैयार हुआ तो आसानी से घर-घर टीवी आ गए, स्वाभाविक रूप से अधिकांश घरों में कंप्यूटर आ गए, लोगों के हाथ में ही स्मार्टफोन आ गए और यह सब नेचुरल रूप से हुआ, ना कि किसी को टॉर्चर करके या एक दिन में बदलाव की उम्मीद करके।

  6. नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट कब तक रहेगी?

    नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट कब तक रहेगी?

    भारत की इकॉनमी 7.5 की रफ़्तार से बढ़ रही है, किन्तु हमारी क्षमता इससे कहीं ज्यादा है। अभी तो तमाम रेटिंग एजेंसियों ने इसे 7.1 तक घटाया है, हालाँकि देखना दिलचस्प होगा कि नोटबंदी की वजह से हालिया गिरावट कितने दिनों तक रहती है।

  7. मुस्लिम वोटरों के लिये बसपा और सपा में जंग

    मुस्लिम वोटरों के लिये बसपा और सपा में जंग

    मुसलमानों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि है कि वे जिस समाजवादी पार्टी को अब तक अपना सबसे बड़ा हितैषी समझकर वोट करते रहे हैं दरअसल, वह उनकी सबसे बड़ी दुश्मन है।

  8. आम आदमी तो 70 साल से लाइन में खड़ा है

    आम आदमी तो 70 साल से लाइन में खड़ा है

    आम आदमी तो पैदा होते ही लाइन में लग जाता है। अस्पताल, बस अड्डा, रेल स्टेशन, स्कूल, धार्मिक स्थल, राशन की दुकान, पोस्ट आफिस, पुलिस थाना, कचहरी और यहां तक की शमशान घाट आम आदमी हर जगह लाइन में ही तो खड़ा है।

  9. यह सिर्फ विजय दिवस ही नहीं, पाक को चेतावनी भी है

    यह सिर्फ विजय दिवस ही नहीं, पाक को चेतावनी भी है

    16 दिसम्बर को मनाया जाने वाला विजय दिवस एक ऐतिहासिक और गौरवमयी दिवस के रूप में आज भी याद किया जाता है। यह दिवस पाकिस्तान को एक चेतावनी भी देता है।

  10. ममता दीदी के इस गुस्से के मायने क्या हैं?

    ममता दीदी के इस गुस्से के मायने क्या हैं?

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी के गुस्से का मुख्य कारण है भारत सरकार द्वारा उन्हें विश्वास में लिये बिना ही देश में 500 व 1000 के नोटों का चलन बन्द कर देना।

  11. जयललिता का अंधा महिमामंडन क्यों, अतीत क्यों भुला दिया?

    जयललिता का अंधा महिमामंडन क्यों, अतीत क्यों भुला दिया?

    जयललिता को सिर्फ देवी बताना खबर के साथ न्याय कतई नहीं है। भारतीय राजनीति ऐसे लालू, मुलायम, मायावती और जयललिता के किस्सों से भरी पड़ी है लेकिन उनका अंधा महिमामण्डन मीडिया के प्रति नफरत ही पैदा करता है, निराशा ही भरता है।

  12. संसद में हो रहे हंगामे से विपक्ष का ही नुकसान

    संसद में हो रहे हंगामे से विपक्ष का ही नुकसान

    यदि हंगामा न हो तो विपक्ष का फायदा कहीं अधिक होता है, क्योंकि तब उसे सरकार की आलोचना का पर्याप्त अवसर मिलता है। संसद सर्वोच्च पंचायत है। देश वहां की आवाज सुनता है। विपक्ष के भाषण से अनेक तथ्य आते।

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