1. अम्बेडकर के नाम पर कुछ और ही कर रहे विदेशी संगठन

    अम्बेडकर के नाम पर कुछ और ही कर रहे विदेशी संगठन

    अमेरिकी विदेशी संगठनों की कारगुजारियों के कारण यहां कभी ‘असहिष्णुता’ का ग्राफ ऊपर की ओर उठ जाता है, तो कभी ‘दलितों की सुरक्षा’ का ग्राफ नीचे की ओर गिरा हुआ बताया जाता है। ये संस्थायें भिन्न-भिन्न प्रकृति और प्रवृति की हैं।

  2. शायद एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाह रहा है पाकिस्तान

    शायद एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाह रहा है पाकिस्तान

    जाधव को फांसी की सजा सुनाने के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या मौजूदा संदर्भ में पाकिस्तान पर एक और ''सर्जिकल स्ट्राइक'' की जाए? इस मामले को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने या जाधव की रिहाई तक पाकिस्तान के साथ तमाम रिश्ते तोड़ लिए जाएं?

  3. अगर ऐसा हो जाए तो गौवध अपने आप बंद हो जाएगा

    अगर ऐसा हो जाए तो गौवध अपने आप बंद हो जाएगा

    दिगंबर जैन महात्मा आचार्य विद्यासागरजी की प्रेरणा से संचालित यहां दयोदय गौशाला नामक संस्था में पहुंचकर तो मैं चमत्कृत रह गया। ऐसी लगभग 100 गौशालाएं देश भर में काम कर रही हैं।

  4. चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार समय की माँग है

    चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार समय की माँग है

    चुनाव आयोग पर कभी मतदाता सूची में गड़बड़ी के लिए, कभी उटपटांग परिसीमन के लिए, कभी फर्जी मतदान के लिए, कभी मतदान केन्द्रों पर अव्यवस्था के लिए तो कभी ई.वी.एम. में गड़बड़ी के लिए आरोप लगते रहते हैं।

  5. ईवीएम की जाँच जरूरी, पर बैलेट की मांग नाजायज है

    ईवीएम की जाँच जरूरी, पर बैलेट की मांग नाजायज है

    इन पार्टियों को आखिर ''ईवीएम में गड़बड़ी'' क्यों नजर आ रही है? बात सिर्फ एवीएम में गड़बड़ी की उठती तो एक बात थी, किन्तु बैलेट पेपर पर चुनाव करना आखिर इन्हें ज्यादा उचित क्योंकर लग रहा है?

  6. प्रलाप करने की बजाय पार्टी को दोबारा खड़ा करें नेताजी

    प्रलाप करने की बजाय पार्टी को दोबारा खड़ा करें नेताजी

    पार्टी की नईया डूबने व पुत्र का ताज छिन जाने से हताश नेता जी से ज्यादा कौन जानता होगा कि सपा का दुबारा खड़ा होना आसान नहीं है। उन्हें चाहिए कि प्रलाप करना छोड़ें और अखिलेश पर भरोसा जताते हुए उसे साथ लेकर दोबारा पार्टी को खड़ा करें।

  7. योगी ने जगाई उम्मीद- 5 वर्ष में बन जाएगा उत्तम प्रदेश

    योगी ने जगाई उम्मीद- 5 वर्ष में बन जाएगा उत्तम प्रदेश

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धड़ाधड़ जारी होने वाले निर्णयों व उन पर तेजी से होते अमल से लोगो को भरोसा हो चला है कि नि:संदेह पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनकर रहेगा।

  8. मुफ्ती के बेटे भी चुनावी मैदान में, पर राह आसान नहीं

    मुफ्ती के बेटे भी चुनावी मैदान में, पर राह आसान नहीं

    देखा जाए तो अनंतनाग में पीडीपी की ही इज्जत दांव पर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस को इस बार इस संसदीय क्षेत्र में नेकां का भी समर्थन हासिल है जिसने इस क्षेत्र से 6 बार जीत हासिल की है।

  9. उप्र में नेता प्रतिपक्ष पर सपा की हड़बड़ी पर राज्यपाल का सवाल

    उप्र में नेता प्रतिपक्ष पर सपा की हड़बड़ी पर राज्यपाल का सवाल

    उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक पर पद की मर्यादा और दायित्व दोनों को बखूबी समझते हैं, और उसी के अनुरूप सदैव सक्रिय व सजग रहते हैं। यह बात हालिया प्रकरण से एक बार फिर साबित हो गयी है।

  10. सियासत-साहित्य दोनों में दखल रखते हैं हृदय नारायण दीक्षित

    सियासत-साहित्य दोनों में दखल रखते हैं हृदय नारायण दीक्षित

    अध्ययन, लेखन और सक्रिय राजनीति के बीच समन्वय बनाना आसान नहीं होता। दोनों की प्रकृति अलग है। दोनों के लिए अलग−अलग भरपूर समय की अवश्यकता होती है।

  11. सरकारें दावे पर दावे करती रहीं पर यमुना मैली होती गयी

    सरकारें दावे पर दावे करती रहीं पर यमुना मैली होती गयी

    दिल्लीवासी और एनसीआर के निवासी यमुना में केवल गन्दगी ही नहीं डाल रहे हैं बल्कि इसके तटीय क्षेत्रों में अतिक्रमण करके यमुना बैंक क्षेत्र में हजारों बस्तियां और झुग्गी-झोपड़ियाँ बसा दी गई हैं जिनकी गंदगी भी सीधे यमुना में डाल दी जाती है।

  12. जानिये क्या है अयोध्या का विवाद और उससे जुड़ा इतिहास

    जानिये क्या है अयोध्या का विवाद और उससे जुड़ा इतिहास

    जब बाबर दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ उस समय जन्मभूमि सिद्ध महात्मा श्यामनन्द जी महाराज के अधिकार क्षेत्र में थी। महात्मा श्यामनन्द की ख्याति सुनकर ख्वाजा कजल अब्बास मूसा आशिकान अयोध्या आये।