1. टीवी पर ठहाके लगाने में सिद्धहस्त सिद्धू राजनीति में विफल!

    टीवी पर ठहाके लगाने में सिद्धहस्त सिद्धू राजनीति में विफल!

    अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो ही उनकी थोड़ी बहुत इज्जत बचेगी, अन्यथा टेलीविजन पर ठहाके लगाने का उनका कार्यक्रम तो जारी ही रहेगा। (इंट्रो)

  2. तमिलनाडु में तीन दशकों तक लहराया जयललिता का परचम

    तमिलनाडु में तीन दशकों तक लहराया जयललिता का परचम

    छठे और सातवें दशक में तमिल सिनेमा में अभिनय का जादू बिखेरनी वाली जयललिता अपने पथप्रदर्शक और सुपरस्टार एमजीआर की विरासत को संभालने के बाद पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं।

  3. मोदी का कथन विपक्ष ने क्यों ले लिया दिल पर?

    मोदी का कथन विपक्ष ने क्यों ले लिया दिल पर?

    मोदी का यह कथन बिल्कुल सही था कि नोटबंदी से सर्वाधिक परेशान भ्रष्टाचारी हुए हैं। आमजन ने तो देश हित में मुश्किल उठाई और बड़े धैर्य का परिचय दिया। मोदी ने इसी भाषण में कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने की बात कही।

  4. भारत खुला, मुंह बंद (राजनीतिक व्यंग्य)

    भारत खुला, मुंह बंद (राजनीतिक व्यंग्य)

    बंद कराना हो या धरना-प्रदर्शन। तोड़फोड़ करानी हो या गिरफ्तारी। आजकल सब काम नकद पैसे से ही होता है। जितना पैसा खर्च करो, उतने लोग जुट जाते हैं; पर एक चाय वाले ने ये सारा पैसा एक रात में रद्दी कर दिया। तो फिर लोग कहां से आते?

  5. उपचुनाव परिणामों पर कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए

    उपचुनाव परिणामों पर कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए

    उपचुनाव परिणाम दर्शाते हैं कि जहां भाजपा से कांग्रेस का सीधा मुकाबला था, वहां उसे शिकस्त मिली। कांग्रेस के मुद्दे यहां नहीं चले। जहां भाजपा नहीं थी, वहां कांग्रेस विपक्षी पार्टी की भूमिका निभाने में विफल है।

  6. राष्ट्रगान की अनिवार्यता राष्ट्र के प्रति प्रेम और बढ़ाएगी

    राष्ट्रगान की अनिवार्यता राष्ट्र के प्रति प्रेम और बढ़ाएगी

    30 नवंबर, 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक आदेश देते हुए कहा कि सभी सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स में अब फिल्मों को शुरू करने से पहले राष्ट्रीय गान जरूर बजेगा।

  7. क्या नोटबंदी से लगा झटका झेल पाएगी भारतीय अर्थव्यवस्था?

    क्या नोटबंदी से लगा झटका झेल पाएगी भारतीय अर्थव्यवस्था?

    भारत की अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था है और इतने बड़े झटके, जिसका असर कम से कम 6 महीने से साल भर तक रहने वाला है, उससे भारतीय अर्थव्यवस्था कैसे उबर पाएगी?

  8. मोदी विरोध को धार दे रहीं ममता का लक्ष्य कुछ और है

    मोदी विरोध को धार दे रहीं ममता का लक्ष्य कुछ और है

    दीदी को लगता है कि जिस तरह से कांग्रेस का पतन हो रहा है और नरेंद्र मोदी जैसे कद्दावर नेता को चुनौती देने की हैसियत में कोई नेता दिख नहीं रहा है, ऐसे में वह यदि मेहनत करें तो शायद बड़े राष्ट्रीय विकल्प के रूप में उभर सकती हैं।

  9. नोटबंदी से परेशान राजनीतिक दल विरोध में दे रहे कुतर्क

    नोटबंदी से परेशान राजनीतिक दल विरोध में दे रहे कुतर्क

    जनता की भावनाओं और आकाक्षांओं को समझने में नरेन्द्र मोदी का मुकाबला विपक्ष का कोई भी नेता नहीं कर पा रहा है। यदि ऐसा होता, तब नोटबंदी का विरोध करने के लिए विपक्षी नेताओं को कुतर्क ढूंढकर लाने की जरूरत नहीं पड़ती।

  10. पूँजीवाद के विरुद्ध लड़ाई में सदा अग्रगण्य रहे फिदेल कास्त्रो

    पूँजीवाद के विरुद्ध लड़ाई में सदा अग्रगण्य रहे फिदेल कास्त्रो

    उग्रवामपंथी से लेकर साम्यवाद तक जितने भी लैटिन अमेरिकी साम्यवादी विकल्प थे, उसमें क्यूबा के फिदेल कास्त्रो का विकल्प काफी अनोखा व अति महत्वपूर्ण था।

  11. मोदी अब आंदोलन बन चुके हैं, जनता उनके साथ है

    मोदी अब आंदोलन बन चुके हैं, जनता उनके साथ है

    नरेंद्र मोदी केवल भारत के प्रधानमन्त्री ही नहीं हैं बल्कि वह अब सचमुच एक आंदोलन बन चुके हैं। इस आंदोलन में देश उनके साथ है। नौजवान उनके साथ है। व्यवसायी उनके साथ है। गरीब उनके साथ है।

  12. प्रधानमंत्री ने 50 दिन ही तो मांगे हैं, उनका साथ दीजिए

    प्रधानमंत्री ने 50 दिन ही तो मांगे हैं, उनका साथ दीजिए

    प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नोटबंदी मामले में 50 दिन का वक्त मांगा है। उम्मीद है एक पारदर्शी व्यवस्था, विकसित राष्ट्र और उज्ज्वल भविष्य के लिये देशवासी प्रधानमंत्री और सरकार का साथ देंगे।