1. इस तरह करेंगे शनि का पूजन तो दूर हो जाएंगे सभी कष्ट

    इस तरह करेंगे शनि का पूजन तो दूर हो जाएंगे सभी कष्ट

    इस दिन सुबह लकड़ी के एक पाट पर काला वस्त्र बिछा लें और उस पर शनिदेव की प्रतिमा या तस्वीर या फिर एक सुपारी रखकर उसके दोनों और शुद्ध घी व तेल का दीपक जलाएं।

  2. साढ़े साती चल रही है तो करें शनि की विशेष पूजा

    साढ़े साती चल रही है तो करें शनि की विशेष पूजा

    शनि की साढ़े साती और ढैया वालों को विशेष पूजा करनी चाहिए। इस बार शनि जयंती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस दिन सूर्य, चंद्र और मंगल एक साथ वृषभ राशि में रहेंगे। शनि धनु राशि में वक्री हैं। इस कारण सभी राशियों में इसका प्रभाव रहेगा।

  3. देव ऋषि नारद को रहती है दुनिया के हर कोने की खबर

    देव ऋषि नारद को रहती है दुनिया के हर कोने की खबर

    नारद मुनि का व्यक्तित्व रहस्यमय है, उन्हें समझना आसान नहीं है। यूं तो वे हमेशा खुश और आनन्दित दिखते हैं पर वे काफी संजीदा और विद्वान भी हैं। हिन्दू पौराणिक कथाओं की मानें तो उन्होंने भगवान विष्णु के कई काम पूरे किये हैं।

  4. बालाजी धाम आकर देखिये कैसे दूर हो जाते हैं सारे कष्ट

    बालाजी धाम आकर देखिये कैसे दूर हो जाते हैं सारे कष्ट

    यहां जिस रूप में बालाजी की मूर्ति है वैसी देश में अन्यत्र कहीं भी नहीं है। यहां बालाजी को मूंछ और दाढ़ी में दिखाया गया है जो हनुमान जी के व्यस्क रूप को प्रदर्शित करती है।

  5. अजर−अमर हो गईं कृष्ण भक्त मीरा बाई

    अजर−अमर हो गईं कृष्ण भक्त मीरा बाई

    मीरा बाई ने "वरसी का मायरा," "गीत गोविन्द टीका'''', "राग गोविन्द" एवं "राग सोरठा के पद" नामक ग्रन्थों की भी रचना की। मीरा बाई के भजनों व गीतों का संकलन "मीरा बाई की पदावली" में किया गया।

  6. पराक्रम और सत्य की राह दिखाते हैं भगवान परशुराम

    पराक्रम और सत्य की राह दिखाते हैं भगवान परशुराम

    मान्यता है कि भगवान परशुराम ने अहंकारी और दुष्टों का पृथ्वी से 21 बार सफाया करने के लिए युद्ध किया। भगवान परशुराम के पिता ऋषि जमदग्नि व माता का नाम रेणुका था। इनको विष्णु का अवतार माना गया है।

  7. हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ करने से जीवन में नहीं आती कोई बाधा

    हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ करने से जीवन में नहीं आती कोई बाधा

    हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ यदि नियमित रूप से किया जाए तो कोई बाधा आपके जीवन में नहीं आ सकती। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करने से बड़े से बड़ा भय दूर हो जाता है।

  8. संगम का कोई भी प्रयोग महावीर को परास्त नहीं कर सका

    संगम का कोई भी प्रयोग महावीर को परास्त नहीं कर सका

    संगम ने महावीर को विचलित करने का दूसरा रास्ता अपनाया। उसने रूपसियों की कतार खड़ी की और महावीर को अपने प्रेम-जाल में फंसाने का प्रयत्न शुरू कर दिया लेकिन वहां भी वह महावीर की साधना को भंग नहीं कर सका।

  9. मानव जीवन के लिए हर दृष्टि से आदर्श हैं भगवान श्रीराम

    मानव जीवन के लिए हर दृष्टि से आदर्श हैं भगवान श्रीराम

    भगवान श्रीराम महान पत्नी व्रता भी थे उन्होंने वनवास से लौटने के बाद माता सीता के साथ न रह कर भी कभी राजसी ठाठ में जीवन नहीं बिताया तथा न ही कभी उनके सिवा किसी अन्य की कल्पना की

  10. आसुरी शक्तियों से धरती को मुक्त कराने आये थे भगवान श्रीराम

    आसुरी शक्तियों से धरती को मुक्त कराने आये थे भगवान श्रीराम

    राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम ने असुर राज रावण और अन्य आसुरी शक्तियों के प्रकोप से धरती को मुक्त कराने के लिए ही इस धरा पर जन्म लिया था।

  11. भगवान श्रीराम के जन्म के समय का अयोध्या नगरी का माहौल

    भगवान श्रीराम के जन्म के समय का अयोध्या नगरी का माहौल

    नगर की वधूटियां अपने अपने सिर पर मंगल कलश लेकर गाती हुईं महाराज दशरथ के राज भवन में आयीं। महाराज दशरथ ने ब्राह्मणों को अनेकों प्रकार के दान देकर संतुष्ट किया।

  12. जानिये राजस्थान की कुलदेवियों और लोकदेवियों के बारे में

    जानिये राजस्थान की कुलदेवियों और लोकदेवियों के बारे में

    राजस्थान में शक्ति पूजा की परम्परा प्राचीन समय से ही देखने को मिलती है। रंगमहल (हनुमानगढ़) में पकी हुई मिट्टी की देवी प्रतिमाएं अति प्राचीन परम्परा को पुष्ट करती हैं।