1. व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है दक्षिण दिशा का

    व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है दक्षिण दिशा का

    जिन लोगों को आप पहचानते हैं या जिन्होंने विश्व भर में अपना नाम कमाया है, अगर आप उनके साथ बैठे तो देखेंगे कि उनमें एक अपनी ही किस्म का ठहराव है।

  2. मोक्ष के लिए मकर संक्रांति पर गंगासागर में करें स्नान

    मोक्ष के लिए मकर संक्रांति पर गंगासागर में करें स्नान

    मान्यता है कि गंगासागर का पुण्य स्नान अगर विशेष रूप से मकर संक्रांति के दिन किया जाए तो उसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है और पुण्यार्थी को इस स्नान का विशेष पुण्य मिलता है।

  3. शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात हैं पंडित गणेशनारायण

    शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात हैं पंडित गणेशनारायण

    शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात गणेशनारायणजी ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के कारण कम उम्र में ही वेदों, व्याकरण, ज्योतिष में पर्याप्त ज्ञान प्राप्त कर लिया था।

  4. हनुमान जयंती पर प्रसन्न करें श्रीराम भक्त हनुमान को

    हनुमान जयंती पर प्रसन्न करें श्रीराम भक्त हनुमान को

    श्रीराम भक्त हनुमान संकटमोचक के रूप में जाने जाते हैं। यह ऐसे देव के रूप में भी प्रसिद्ध हैं जिन्हें सबसे आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।

  5. वास्तु के मुताबिक रंगों का खास प्रभाव होता है जीवन पर

    वास्तु के मुताबिक रंगों का खास प्रभाव होता है जीवन पर

    यदि हम अपने आस-पास के रंगों को सही जगह पर नहीं रखेंगे तो हमारे जीवन पर रंगों का नकारात्मक असर भी पड़ सकता है। ब्रह्मांड ने हरेक तत्व के लिए खास दिशा में खास जगह का चयन किया है।

  6. सभी यज्ञों के पुरोहित माने जाते हैं अग्निदेव

    सभी यज्ञों के पुरोहित माने जाते हैं अग्निदेव

    पुराणों के अनुसार अग्निदेव की पत्नी स्वाहा के पावक, पवमान और शुचि नामक तीन पुत्र हुए। इनके पुत्र पौत्रों की संख्या उनचास है। भगवान कार्तिकेय को अग्नि देवता का पुत्र माना गया है।

  7. भारतीय धर्म और संस्कृति के पुरोधा गुरु नानक देव

    भारतीय धर्म और संस्कृति के पुरोधा गुरु नानक देव

    इस वर्ष गुरु नानक जयंती 14 नवंबर को मनाई जा रही है। गुरु नानक जयंती को सिख समुदाय बेहद हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाता है। यह उनके लिए दीपावली जैसा ही पर्व होता है। इस दिन गुरुद्वारों में शबद−कीर्तन किए जाते हैं।

  8. रंगोली व तोरण से घर में आती हैं खुशियां और समृद्धि

    रंगोली व तोरण से घर में आती हैं खुशियां और समृद्धि

    क्या आपको पता है कि यदि रंगोली घर की सही दिशा में बनाई जाए तो जीवन में खुशियां, समृद्धि और उपलब्धियां लेकर आती है। इसी तरह तोरण द्वार लगाने के लिए भी कुछ नियम हैं।

  9. कुशल शासक और समाजवाद के अग्रदूत थे महाराजा अग्रसेन

    कुशल शासक और समाजवाद के अग्रदूत थे महाराजा अग्रसेन

    उन्होंने नियम बनाया था कि उनके नगर में बाहर से आकर बसने वाले व्यक्ति की सहायता के लिए नगर का प्रत्येक निवासी उसे एक रुपया व एक ईंट देगा, जिससे आसानी से उसके लिए निवास स्थान व व्यापार का प्रबंध हो जाए।

  10. सबकुछ दिलाता है 16 दिवसीय महालक्ष्मी पूजन

    सबकुछ दिलाता है 16 दिवसीय महालक्ष्मी पूजन

    सोलह ब्राह्मणियों को भोजन कराकर पूजा की सभी वस्तुएं उन्हें दे दी जाती हैं और डोरे को सिरा दिया जाता है। पूजा के बाद प्रतिदिन कथा भी कही और सुनी जाती है।

  11. पितरों की तृप्ति का अवसर माना जाता है पितृ पक्ष

    पितरों की तृप्ति का अवसर माना जाता है पितृ पक्ष

    पितृपक्ष को महालय या कनागत भी कहा जाता है। हिंदू धर्म मान्यता अनुसार, सूर्य के कन्या राशि में आने पर पितर परलोक से उतर कर कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अपने पुत्र पौत्रों के यहां आते हैं।

  12. निर्माण एवं सृजन के देवता हैं भगवान विश्वकर्मा

    निर्माण एवं सृजन के देवता हैं भगवान विश्वकर्मा

    विश्वकर्मा शिल्प एवं वास्तु विद्या के अधिष्ठाता तथा निर्माण एवं सृजन के देवता हैं। विश्वकर्मा वैदिक देवताओं में से एक हैं। उन्हें पृथ्वी, जल, प्राणी आदि का निर्माता कहा जाता है।