1. शिव पूजा में केतकी पुष्प का निषेध होता है

    शिव पूजा में केतकी पुष्प का निषेध होता है

    केतकी पुष्प ने भी ब्रह्मा के पक्ष में विष्णु को असत्य साक्ष्य दिया। इस पर भगवान शिव प्रकट हो गये और उन्होंने असत्यभाषिणी केतकी पर क्रुद्ध होकर उसे सदा के लिए त्याग दिया।

  2. अनूठी थी भगवान शंकर की बारात, भूत-प्रेत-पिशाच थे बाराती

    अनूठी थी भगवान शंकर की बारात, भूत-प्रेत-पिशाच थे बाराती

    नन्दी, क्षेत्रपाल, भैरव आदि गणराज भी कोटि कोटि गणों के साथ निकल पड़े। ये सभी तीन नेत्रों वाले थे। सबके मस्तक पर चंद्रमा और गले में नील चिन्ह थे। सभी ने रुद्राक्ष के आभूषण पहन रखे थे। सभी के शरीर पर उत्तम भस्म पुती हुई थी।

  3. तोड़फोड़ करने की बजाय ऐसे दूर करें घर से वास्तु दोष

    तोड़फोड़ करने की बजाय ऐसे दूर करें घर से वास्तु दोष

    पंचतत्वों को संतुलित करने के लिए भवन के क्रिया कलाप अर्थात व्यक्ति कहां सो रहा है, गैस का चूल्हा कहां है, टायलेट कहां हैं आदि को जांचा जाता है और उनका रिजल्ट देखा जाता है।

  4. अपने चमत्कारों के लिए भी जाने जाते हैं साईंबाबा

    अपने चमत्कारों के लिए भी जाने जाते हैं साईंबाबा

    गुरु पूर्णिमा के दिन साईं बाबा की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु दूर−दूर से आते हैं और बाबा के दर्शन कर फल प्राप्त करते हैं। महाराष्ट्र का पंढरपुर शिरडी अब तीर्थ स्थान बन चुका है।

  5. व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है दक्षिण दिशा का

    व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है दक्षिण दिशा का

    जिन लोगों को आप पहचानते हैं या जिन्होंने विश्व भर में अपना नाम कमाया है, अगर आप उनके साथ बैठे तो देखेंगे कि उनमें एक अपनी ही किस्म का ठहराव है।

  6. मोक्ष के लिए मकर संक्रांति पर गंगासागर में करें स्नान

    मोक्ष के लिए मकर संक्रांति पर गंगासागर में करें स्नान

    मान्यता है कि गंगासागर का पुण्य स्नान अगर विशेष रूप से मकर संक्रांति के दिन किया जाए तो उसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है और पुण्यार्थी को इस स्नान का विशेष पुण्य मिलता है।

  7. शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात हैं पंडित गणेशनारायण

    शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात हैं पंडित गणेशनारायण

    शेखावाटी के परमहंस के नाम से विख्यात गणेशनारायणजी ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के कारण कम उम्र में ही वेदों, व्याकरण, ज्योतिष में पर्याप्त ज्ञान प्राप्त कर लिया था।

  8. हनुमान जयंती पर प्रसन्न करें श्रीराम भक्त हनुमान को

    हनुमान जयंती पर प्रसन्न करें श्रीराम भक्त हनुमान को

    श्रीराम भक्त हनुमान संकटमोचक के रूप में जाने जाते हैं। यह ऐसे देव के रूप में भी प्रसिद्ध हैं जिन्हें सबसे आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।

  9. वास्तु के मुताबिक रंगों का खास प्रभाव होता है जीवन पर

    वास्तु के मुताबिक रंगों का खास प्रभाव होता है जीवन पर

    यदि हम अपने आस-पास के रंगों को सही जगह पर नहीं रखेंगे तो हमारे जीवन पर रंगों का नकारात्मक असर भी पड़ सकता है। ब्रह्मांड ने हरेक तत्व के लिए खास दिशा में खास जगह का चयन किया है।

  10. सभी यज्ञों के पुरोहित माने जाते हैं अग्निदेव

    सभी यज्ञों के पुरोहित माने जाते हैं अग्निदेव

    पुराणों के अनुसार अग्निदेव की पत्नी स्वाहा के पावक, पवमान और शुचि नामक तीन पुत्र हुए। इनके पुत्र पौत्रों की संख्या उनचास है। भगवान कार्तिकेय को अग्नि देवता का पुत्र माना गया है।

  11. भारतीय धर्म और संस्कृति के पुरोधा गुरु नानक देव

    भारतीय धर्म और संस्कृति के पुरोधा गुरु नानक देव

    इस वर्ष गुरु नानक जयंती 14 नवंबर को मनाई जा रही है। गुरु नानक जयंती को सिख समुदाय बेहद हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाता है। यह उनके लिए दीपावली जैसा ही पर्व होता है। इस दिन गुरुद्वारों में शबद−कीर्तन किए जाते हैं।

  12. रंगोली व तोरण से घर में आती हैं खुशियां और समृद्धि

    रंगोली व तोरण से घर में आती हैं खुशियां और समृद्धि

    क्या आपको पता है कि यदि रंगोली घर की सही दिशा में बनाई जाए तो जीवन में खुशियां, समृद्धि और उपलब्धियां लेकर आती है। इसी तरह तोरण द्वार लगाने के लिए भी कुछ नियम हैं।

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