1. श्रद्धा के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखें

    श्रद्धा के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखें

    गणेशोत्सव की सार्थकता को समझें और इन आयोजनों के माध्यम से अपनी श्रद्धा को पोषित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण की स्वस्थ परम्पराएँ चल पड़ें, ऐसे कुछ प्रयास किये जायें।

  2. जैन समाज का महाकुंभ पर्व है पर्युषण

    जैन समाज का महाकुंभ पर्व है पर्युषण

    सम्पूर्ण जैन समाज का यह महाकुंभ पर्व है, यह जैन एकता का प्रतीक पर्व है। जैन लोग इसे सर्वाधिक महत्व देते हैं। संपूर्ण जैन समाज इस पर्व के अवसर पर जागृत एवं साधनारत हो जाता है।

  3. सद्बुद्धि चाहिए तो करें गणेश-गायत्री का स्मरण

    सद्बुद्धि चाहिए तो करें गणेश-गायत्री का स्मरण

    गणेश पूजन के शुभ अवसर पर सद्बुद्धि जगाने का प्रयत्न सभी गणेश पूजक को करना चाहिए। जो गणेश-गायत्री का नियमित स्मरण करेगा, उसे अवश्य सद्बुद्धि प्राप्त होगी।

  4. ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य देने वाले हैं भगवान श्रीगणेश

    ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य देने वाले हैं भगवान श्रीगणेश

    भगवान श्रीगणेश का हमारे जीवन में कितना धार्मिक महत्व है यह इसी बात से समझा जा सकता है कि किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में उनका स्मरण किया जाता है।

  5. जीवन को प्रभावित करती हैं दिशाएँ, इसलिए रखें खास ध्यान

    जीवन को प्रभावित करती हैं दिशाएँ, इसलिए रखें खास ध्यान

    वास्तु शास्त्र में दिशाएं हमारे जीवन को किस तरह प्रभावित करती हैं इसे इस बात से समझा जा सकता है कि जो कुछ भी आपके जीवन में घटित हो रहा है उसका संबंध किसी न किसी दिशा से है।

  6. खुशहाली के लिए सभी चीजों का सही दिशा में होना जरूरी

    खुशहाली के लिए सभी चीजों का सही दिशा में होना जरूरी

    वास्तु शास्त्र में दिशाओं के अनुसार सफलता और उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है। इसी आधार पर वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हुए भवनों को डिजाइन किया जाता है।

  7. भवन का वास्तु खराब हो तो जीवन पर पड़ता है असर

    भवन का वास्तु खराब हो तो जीवन पर पड़ता है असर

    वास्तु का अर्थ है निवास के लिए सही भवन और शास्त्र का अर्थ है अध्ययन। वास्तु का अर्थ वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन की डिजाइनिंग या उसे सही करना है।

  8. श्रावण माह में भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं शिव

    श्रावण माह में भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं शिव

    सावन के महीने में भगवान शिव की अपने भक्तों पर विशेष कृपादृष्टि होती है। इस माह शिव के भक्तगण अपनी सभी प्रकार की समस्याओं का हल भगवान शिव की उपासना व विभिन्न प्रकार के उपायों के माध्यम से कर सकते हैं।

  9. न्यूमरो-पॉवर का जादुई जगत जगा सकता है सोए भाग्य को

    न्यूमरो-पॉवर का जादुई जगत जगा सकता है सोए भाग्य को

    तो अंक हमें सहायता करते हैं प्रकृति फ्रीक्वेंसी सेट करने के लिए। रेडियो के ऊपर अलग-अलग स्टेशन, अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर होते हैं। जब सही ट्यूनिंग नहीं होती तो शोर होता है।

  10. भगवान शनि को भक्तगण इस तरह कर सकते हैं प्रसन्न

    भगवान शनि को भक्तगण इस तरह कर सकते हैं प्रसन्न

    सूर्य देव भगवान शनि के पिता एवं गुरु है। अतः शनि ग्रह की प्रसन्नता हेतु इन दोनों की उपासना अतिशीघ्र लाभकारी है। शनि प्रसन्नता हेतु कुछ मंत्र निम्नलिखित हैं।

  11. जीवन को बदलो− यही है योग दिवस का उद्घोष

    जीवन को बदलो− यही है योग दिवस का उद्घोष

    योग के नाम पर साम्प्रदायिकता करने वाले मानवता का भारी नुकसान कर रहे है क्योंकि योग किसी भी धर्म, सम्प्रदाय, जाति या भाषा से नहीं जुड़ा है। योग का अर्थ है जोड़ना, इसलिए यह प्रेम, अहिंसा, करुणा और सबको साथ लेकर चलने की बात करता है।

  12. समस्या पैदा करने वाले नहीं न्यायप्रधान देवता हैं शनि

    समस्या पैदा करने वाले नहीं न्यायप्रधान देवता हैं शनि

    आमतौर पर धारणा है कि शनि समस्या प्रदान करने वाले देवता हैं जबकि वास्तविकता यह है कि शनि न्यायप्रधान देवता हैं। शनि सभी के साथ न्याय करते हैं।