1. खुशहाली के लिए सभी चीजों का सही दिशा में होना जरूरी

    खुशहाली के लिए सभी चीजों का सही दिशा में होना जरूरी

    वास्तु शास्त्र में दिशाओं के अनुसार सफलता और उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है। इसी आधार पर वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हुए भवनों को डिजाइन किया जाता है।

  2. भवन का वास्तु खराब हो तो जीवन पर पड़ता है असर

    भवन का वास्तु खराब हो तो जीवन पर पड़ता है असर

    वास्तु का अर्थ है निवास के लिए सही भवन और शास्त्र का अर्थ है अध्ययन। वास्तु का अर्थ वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन की डिजाइनिंग या उसे सही करना है।

  3. श्रावण माह में भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं शिव

    श्रावण माह में भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं शिव

    सावन के महीने में भगवान शिव की अपने भक्तों पर विशेष कृपादृष्टि होती है। इस माह शिव के भक्तगण अपनी सभी प्रकार की समस्याओं का हल भगवान शिव की उपासना व विभिन्न प्रकार के उपायों के माध्यम से कर सकते हैं।

  4. न्यूमरो-पॉवर का जादुई जगत जगा सकता है सोए भाग्य को

    न्यूमरो-पॉवर का जादुई जगत जगा सकता है सोए भाग्य को

    तो अंक हमें सहायता करते हैं प्रकृति फ्रीक्वेंसी सेट करने के लिए। रेडियो के ऊपर अलग-अलग स्टेशन, अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर होते हैं। जब सही ट्यूनिंग नहीं होती तो शोर होता है।

  5. भगवान शनि को भक्तगण इस तरह कर सकते हैं प्रसन्न

    भगवान शनि को भक्तगण इस तरह कर सकते हैं प्रसन्न

    सूर्य देव भगवान शनि के पिता एवं गुरु है। अतः शनि ग्रह की प्रसन्नता हेतु इन दोनों की उपासना अतिशीघ्र लाभकारी है। शनि प्रसन्नता हेतु कुछ मंत्र निम्नलिखित हैं।

  6. जीवन को बदलो− यही है योग दिवस का उद्घोष

    जीवन को बदलो− यही है योग दिवस का उद्घोष

    योग के नाम पर साम्प्रदायिकता करने वाले मानवता का भारी नुकसान कर रहे है क्योंकि योग किसी भी धर्म, सम्प्रदाय, जाति या भाषा से नहीं जुड़ा है। योग का अर्थ है जोड़ना, इसलिए यह प्रेम, अहिंसा, करुणा और सबको साथ लेकर चलने की बात करता है।

  7. समस्या पैदा करने वाले नहीं न्यायप्रधान देवता हैं शनि

    समस्या पैदा करने वाले नहीं न्यायप्रधान देवता हैं शनि

    आमतौर पर धारणा है कि शनि समस्या प्रदान करने वाले देवता हैं जबकि वास्तविकता यह है कि शनि न्यायप्रधान देवता हैं। शनि सभी के साथ न्याय करते हैं।

  8. सृष्टि के सृजन में अहम योगदान रहा महर्षि कश्यप का

    सृष्टि के सृजन में अहम योगदान रहा महर्षि कश्यप का

    महर्षि कश्यप ने समाज को एक नई दिशा देने के लिए ‘स्मृति-ग्रन्थ’ जैसे महान् ग्रन्थ की रचना की। इसके अलावा महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप-संहिता’ की रचना करके तीनों लोकों में अमरता हासिल की।

  9. जानिए वास्तु देव पूजन का क्या है महत्व

    जानिए वास्तु देव पूजन का क्या है महत्व

    यदि आपको लगता है कि किसी वास्तु दोष के कारण आपके घर में कलह, धन हानि व रोग आदि हो रहे हैं तो आपको नवग्रह शांति व वास्तु देव पूजन करवा लेना चाहिए।

  10. अक्षय तृतीया पर तप और दान का अक्षय फल मिलता है

    अक्षय तृतीया पर तप और दान का अक्षय फल मिलता है

    हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया के दिन को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह पर्व महा फलदायक है। इस दिन किया हुआ तप और दान अक्षय फल प्रदान करता है।

  11. वास्तु दोष निवारक विध्न विनाशक श्वेतार्क का पौधा

    वास्तु दोष निवारक विध्न विनाशक श्वेतार्क का पौधा

    शास्त्रों के अनुसार श्वेतार्क गणपति जिस घर में होता है, उस घर में सभी वास्तु दोष नष्ट हो जाते हैं। और उस भवन में रहने वाले व्यक्ति को अपार धन सम्पदा प्राप्त होती है।

  12. उज्जैन का कुम्भ ‘सिंहस्थ कुम्भ महापर्व’ कहलाता है

    उज्जैन का कुम्भ ‘सिंहस्थ कुम्भ महापर्व’ कहलाता है

    भारत के चार कुम्भ पर्वों में उज्जैन का कुम्भ ‘सिंहस्थ कुम्भ महापर्व’ कहलाता है। यह नगरी अपनी विशिष्ट महानता के लिए भी प्रसिद्ध है। क्षिप्रा नदी ने उज्जैन के महत्व को और भी बढ़ा दिया है।

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