1. मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य की परम्परा

    मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य की परम्परा

    जाड़े के मौसम के समापन और फसलों की कटाई की शुरुआत का प्रतीक समझे जाने वाले मकर संक्रांति पर्व को देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है और इस अवसर पर लाखों लोग देश भर में पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा अर्चना करते हैं।

  2. भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति पर्व

    भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति पर्व

    मकर संक्रान्ति पूरे भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब इस त्यौहार को मनाया जाता है।

  3. उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है लोहड़ी का पर्व

    उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है लोहड़ी का पर्व

    जाति बंधनों से मुक्त होकर यह पर्व समूचे उत्तर भारत खासकर पंजाब और हरियाणा में काफी धूमधाम से मनाया जाता है। राजधानी दिल्ली में भी इस पर्व की धूम खूब रहती है।

  4. संता क्लॉज से मांगी एक ’विश’ मुहब्बत की

    संता क्लॉज से मांगी एक ’विश’ मुहब्बत की

    मॉडर्न क्रिसमस ट्री की शुरुआत जर्मनी में हुई। उस समय एडम और ईव के नाटक में स्टेज पर फर के पेड़ लगाए जाते थे। इस पर सेब लटके होते थे और स्टेज पर एक पिरामिड भी रखा जाता था। इस पिरामिड को हरे पत्तों और रंग-बिरंगी मोमबत्तियों से सजाया जाता था।

  5. देवोत्थनी एकादशी के दिन से शुरू हो जाते हैं शुभ कार्य

    देवोत्थनी एकादशी के दिन से शुरू हो जाते हैं शुभ कार्य

    कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवोत्थनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश तथा अन्य सभी प्रकार के मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं।

  6. डूबते सूर्य की आराधना का विशेष महापर्व है छठ

    डूबते सूर्य की आराधना का विशेष महापर्व है छठ

    बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को पूरे भक्तिमय वातावरण में सूर्य की उपासना का पर्व छठ मनाया जाता है।

  7. भैया दूज पर भाई को भविष्य के लिए आशीष देती हैं बहनें

    भैया दूज पर भाई को भविष्य के लिए आशीष देती हैं बहनें

    उत्तर भारत में जहां यह चलन है कि इस दिन बहनें भाई को अक्षत व तिलक लगाकर नारियल देती हैं वहीं पूर्वी भारत में बहनें शंखनाद के बाद भाई को तिलक लगाती हैं और भेंट स्वरूप कुछ उपहार देती हैं।

  8. दीपावली पर सामूहिक पूजन के अलावा रात्रि पूजन भी करें

    दीपावली पर सामूहिक पूजन के अलावा रात्रि पूजन भी करें

    दीपावली के दिन सामूहिक पूजन में भाग लेने के बाद यदि संभव हो तो रात्रि पूजन अवश्य करें। इसके लिए श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, कनक धारा श्री यंत्र और लक्ष्मी यंत्र को मंदिर में स्थापित कर पूजन करें।

  9. धनतेरस से प्रारम्भ होती है दीपावली की बहार

    धनतेरस से प्रारम्भ होती है दीपावली की बहार

    धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस के दिन धन्वन्तरी त्रयोदशी या धन्वन्तरि जयन्ती भी होती है। यह आयुर्वेद के देवता के जन्म दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

  10. पुत्र की लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का व्रत करें

    पुत्र की लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का व्रत करें

    कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई माता का व्रत किया जाता है। इस दिन पुत्रवती स्त्रियां निर्जल व्रत रखती हैं। इस दिन शाम के समय दीवार पर आठ कोनों वाली एक पुतली बनाई जाती है।

  11. सुहाग की सलामती की दुआ का पर्व है करवा चौथ

    सुहाग की सलामती की दुआ का पर्व है करवा चौथ

    कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला पर्व करवा चौथ, सुहाग की सलामती का पर्व है। यह चांद से सुख समृद्धि मांगने का दिन भी होता है।

  12. असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है विजयादशमी

    असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है विजयादशमी

    हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार विजयादशमी असत्य पर सत्य की जीत तथा बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की संयोग ऐसे होते हैं जिससे किये जाने वाले काम में विजय निश्चित होती है।