1. भगवती दर्शन के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देखें

    भगवती दर्शन के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देखें

    त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगा कर बर्फ का आनंद उठाने वालों के तांते को देखते हुए श्राइन बोर्ड में भी भक्ति जागी तो उसने अब माता की पुरानी गुफा को सारा दिन खुला रखने पर विचार करना आरंभ किया है।

  2. स्वयं भवानी विराजती हैं विन्ध्यवासिनी देवी शक्तिपीठ में

    स्वयं भवानी विराजती हैं विन्ध्यवासिनी देवी शक्तिपीठ में

    पर्वतराज विन्ध्याचल ने अपने बढ़ रहे श्रृंगों को अपनी साधना शक्ति से रोक कर सच्ची साधना का उदाहरण प्रस्तुत किया जिससे भगवती दुर्गा अति प्रसन्न हुईं और प्रकट होकर विन्ध्य में स्थान ग्रहण किया।

  3. भक्तों की सभी अभिलाषायें पूर्ण करती हैं माँ विन्ध्यवासिनी

    भक्तों की सभी अभिलाषायें पूर्ण करती हैं माँ विन्ध्यवासिनी

    भारत के उत्तर प्रदेश प्रांत में पवित्र धाम वाराणसी और इलाहाबाद के बीच मिर्जापुर जनपद है। मिर्जापुर शहर से आठ किलोमीटर दूर पश्चिम की ओर मां विन्ध्यवासिनी देवी का शक्तिपीठ है।

  4. झुंझुंनू स्थित नरहड़ दरगाह में जन्माष्टमी पर लगता है मेला

    झुंझुंनू स्थित नरहड़ दरगाह में जन्माष्टमी पर लगता है मेला

    कौमी एकता के प्रतीक के रूप में ही यहां प्राचीन काल से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशाल मेला लगता है। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हिन्दुओं के साथ मुसलमान भी पूरी श्रद्धा से शामिल होते हैं।

  5. बुड्ढा अमरनाथ मंदिर के दर्शनों के बिना अधूरी है अमरनाथ यात्रा

    बुड्ढा अमरनाथ मंदिर के दर्शनों के बिना अधूरी है अमरनाथ यात्रा

    बुड्ढा अमरनाथ मंदिर को उतना ही पवित्र तथा धार्मिक माना जाता है जितना अमरनाथ गुफा को तथा इस धार्मिक स्थल की यात्रा के बिना अमरनाथ की यात्रा को अधूरा माना जाता है।

  6. खजुराहो के मंदिरों के मूर्तिशिल्प में जीवन का हर रंग

    खजुराहो के मंदिरों के मूर्तिशिल्प में जीवन का हर रंग

    खजुराहो के मंदिर विश्व के लिए अनुपम भेंट हैं। इसके मूर्तिशिल्प में जीवन का हर रंग बड़ी सुंदरता के साथ चित्रित है। यहां भवन निर्माण कला और मूर्तिकला का अद्भुत समन्वय दिखाई पड़ता है।

  7. धार्मिक उत्सवों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है जगन्नाथ रथयात्रा

    धार्मिक उत्सवों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है जगन्नाथ रथयात्रा

    उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का भक्ति भाव देखते ही बनता है क्योंकि जिस रथ पर भगवान सवारी करते हैं उसे घोड़े या अन्य जानवर नहीं बल्कि श्रद्धालुगण ही खींच रहे होते हैं।

  8. शास्त्रों में गोकर्ण तीर्थ की बड़ी महिमा बतायी गयी है

    शास्त्रों में गोकर्ण तीर्थ की बड़ी महिमा बतायी गयी है

    कहा जाता है कि पाताल में तपस्या करते हुए भगवान रुद्र गोरूप धारिणी पृथ्वी के कर्णरन्ध्र से यहां प्रकट हुए, इसी से इस क्षेत्र का नाम गोकर्ण पड़ा। महाबलेश्वर मंदिर के पास सिद्ध गणपति की मूर्ति है।

  9. वैष्णो देवी: धार्मिक नहीं, आस्था की यात्रा

    वैष्णो देवी: धार्मिक नहीं, आस्था की यात्रा

    त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित इस पवित्र गुफा की कथा जम्मू प्रदेश के एक एतिहासिक किसान बाबा जित्तो, जो खुद भी माता वैष्णो देवी के एक अनन्य भक्त के रूप में जाने जाते थे, से जुड़ी हुई लोक कथाओं में भी सुनाई जाती है।

  10. अमरनाथ यात्रा: स्वर्ग लोक की प्राप्ति का रास्ता

    अमरनाथ यात्रा: स्वर्ग लोक की प्राप्ति का रास्ता

    जो भी गुफा के भीतर हिमलिंगम के दर्शन करता है अपने आप को धन्य पाता है और बहुत भाग्यशाली समझता है क्योंकि कई लोग तो खड़ी चढ़ाइयों को देख कर ही वापस मुड़ जाते हैं आधे रास्ते से।