1. हनीमूनर्स के बीच काफी लोकप्रिय है थाईलैण्ड का फुकेट

    हनीमूनर्स के बीच काफी लोकप्रिय है थाईलैण्ड का फुकेट

    फुकेट 48 किलोमीटर लंबा और 21 किलोमीटर चौड़ा समुद्र तट है। इसकी गणना दुनिया के सबसे सुंदर समुद्र तटों में की जाती है। स्वच्छ जल और सफेद रेत के कारण इस बीच की ख्याति दूर−दूर तक है।

  2. पत्नीटाप में पर्यटकों को होता है अलग दुनिया का अहसास

    पत्नीटाप में पर्यटकों को होता है अलग दुनिया का अहसास

    पत्नीटाप-सनासर (जम्मू कश्मीर)। चारों ओर बिछी हुई बर्फ की सफेद चादर, देवदार तथा चीड़ के पेड़ों से गिरते बर्फ के टुकड़े सच में यहां आने वालों को नई दुनिया का आभास देते हैं।

  3. वादी ही नहीं अवंतिपुर के मंदिरों के खंडहर भी देखें कश्मीर में

    वादी ही नहीं अवंतिपुर के मंदिरों के खंडहर भी देखें कश्मीर में

    कश्मीर सिर्फ खूबसूरत वादी के लिए ही नहीं बल्कि युगों पुराने स्मारक तथा कई अन्य महलों व मंदिरों के खंडहरों के लिए भी प्रसिद्ध है जिनका आकर्षण आज भी उतना ही है जितना पहले कभी था।

  4. पहाड़ों के शहर गंगटोक में पर्यटकों के लिए है बहुत कुछ

    पहाड़ों के शहर गंगटोक में पर्यटकों के लिए है बहुत कुछ

    सिक्किम की राजधानी गंगटोक को पहाड़ों का शहर भी कहा जाता है। अगर आप पहाड़ के ऊपर का नजारा देखना चाहते हैं तो यहां के मुख्य बाजार में रोप-वे की सुविधा उपलब्ध है।

  5. छोटा शहर भले है झालावाड़ पर देखने को है बहुत कुछ

    छोटा शहर भले है झालावाड़ पर देखने को है बहुत कुछ

    झालावाड़ वैसे तो छोटा शहर है जिसमें गढ़ पैलेस, कुछ मंदिर और कुछ दिलचस्प प्राकृतिक नजारे हैं किंतु आप क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक स्थलों को देखने में कई दिन गुजार सकते हैं।

  6. मंदिरों के राज्य ओड़िशा में पयर्टकों के लिए है बहुत कुछ

    मंदिरों के राज्य ओड़िशा में पयर्टकों के लिए है बहुत कुछ

    पारंपरिक रूप से ओड़िशा भगवान जगन्नाथ की भूमि मानी जाती है। यहां असंख्य मंदिर हैं। आप कालक्रम के अनुसार मंदिरों का विकास देख सकते हैं। यहां छठी शताब्दी के मंदिर से लेकर 13वीं शताब्दी तक के मंदिर हैं।

  7. ''सूर्य नगरी'' जोधपुर में पर्यटकों के लिए हैं कई आकर्षण

    ''सूर्य नगरी'' जोधपुर में पर्यटकों के लिए हैं कई आकर्षण

    जोधपुर जिसे ''सूर्य नगरी'' के नाम से भी जाना जाता है, पर्यटकों के लिए अपना अलग महत्व रखता है। यहां का मुख्य आकर्षण पन्द्रहवीं शताब्दी में बना ''मेहरानगढ़ किला'' है, जिसे देश का अभेद्य दुर्ग होने का गौरव प्राप्त है।

  8. रामेश्वरम के मंदिरों की कलात्मकता देखते ही बनती है

    रामेश्वरम के मंदिरों की कलात्मकता देखते ही बनती है

    रामेश्वरम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां के मंदिरों की कलात्मकता और रमणीक सागर तट के मनलुभावन दृश्य सहसा ही सैलानियों का मन मोह लेते हैं।

  9. व्यवसायिक ही नहीं पयर्टक केंद्र भी है सिंगापुर

    व्यवसायिक ही नहीं पयर्टक केंद्र भी है सिंगापुर

    सुख, समृद्धि, संपन्नता, सफाई और सुगंध का पर्याय सिंगापुर विश्व के श्रेष्ठ शहरों में से एक माना जाता है। यही कारण है कि प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख से ज्यादा सैलानी यहां घूमने−फिरने आते हैं।

  10. अब फूहड़ कैबरे डांस के लिए मशहूर हो रहा सोनपुर मेला

    अब फूहड़ कैबरे डांस के लिए मशहूर हो रहा सोनपुर मेला

    दिन गुलजार रहता है पशुओं, गरम कपड़ों और रोजाना की चीजों की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों से। लेकिन शाम ढलते ही मेले का माहौल गरमा जाता है। रात का नजारा कुछ और ही बयाँ करता है।

  11. पर्वतीय राजकुमारी भी कहा जाता है कोडईकनाल को

    पर्वतीय राजकुमारी भी कहा जाता है कोडईकनाल को

    शहरी भीड़भाड़ और कोलाहल से कोसों दूर लगभग 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली सुंदर नगरी कोडईकनाल देश और विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खूब आकर्षित करती है।

  12. स्वयं को प्रकृति के निकट पाएंगे रानीखेत में

    स्वयं को प्रकृति के निकट पाएंगे रानीखेत में

    उत्तराखंड के पयर्टक स्थल रानीखेत की खास बात यह है कि यहां पर लोगों का कोलाहल व भीड़भाड़ बहुत कम है। यकीन जानिए यहां पहुंचने के बाद पर्यटक स्वयं को प्रकृति के निकट पाता है।