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नवजात शिशु की देखभाल में काम आयेगी यह जानकारी

By प्रीटी | Publish Date: Mar 18 2017 11:36AM
नवजात शिशु की देखभाल में काम आयेगी यह जानकारी

अकसर देखा जाता है कि जब कोई लड़की मां बनती है तो आसपास की महिलाएं आकर उसे तरह−तरह की सीख देने लगती हैं कि बच्चे की देखभाल ऐसे करो, इसे फलां तरह से पालो, इसे फलां घुट्टी पिलाओ, इसे फलां दवा दो, इसे फलां बाबा को दिखाओ आदि।

 
कई बार माएं दूसरों की बातों में आकर अपने बच्चे को तरह−तरह के पौष्टिक पदार्थ देने के चक्कर में अपने बच्चे की तबियत खराब कर बैठती हैं। आइए जानते हैं कि मां को अपने नवजात शिशु के स्वास्थ्य का ध्यान किस प्रकार रखना चाहिए और क्या−क्या एहतियात बरतने चाहिए−
 
क्या करें
− बच्चे की प्रतिदिन मालिश करें ताकि उसकी कसरत होती रहे।
− बच्चे को ग्लिसरीन युक्त साबुन या अच्छी कंपनी के क्षारमुक्त साबुन से ही स्नान कराएं।
− तीन माह तक शिशु को मां का दूध अवश्य दें।
− बच्चे को भोजन निश्चित समय से ही दें।
− दुग्धपान कराने से पूर्व हर बार मां को अपना स्तन अवश्य साफ कर लेना चाहिए।
− बच्चे को हल्की धूप में कुछ देर अवश्य लिटाना चाहिए ताकि प्राकृतिक विटामिन डी उसे मिल सके।
− दूध की बोतल हर प्रयोग के बाद साफ कर तथा उबाल कर ही दुबारा प्रयोग में लाएं।
− तबियत खराब होने का अंदेशा होते ही डॉक्टर को दिखा कर दवा दें।
− दस्त, ज्वर, खांसी, कफ तथा झटके आना जैसे लक्षणों को अनदेखा न करें।
 
क्या नहीं करें
− बच्चे की आंखों में सुरमा या काजल नहीं लगाएं।
− बच्चे के कक्ष में अगरबत्ती, धूपबत्ती या ऐसी किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं करें।
− बच्चे के रोते ही बार−बार दूध या आहार नहीं दें।
− कोई भी घुट्टी नहीं दें।
− तेज व खुली धूप में बच्चे को नहीं लिटाएं क्योंकि इससे कोमल त्वचा झुलस जाती है।
− बच्चे को सिंथेटिक वस्त्र नहीं पहनाएं इससे त्वचा संबंधी संक्रमण होने की आशंका बनी रहती है।
− अपने आप बच्चे को कोई दवा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं दें।
− तबियत खराब होने पर नजर या टोटके के चक्कर में नहीं पड़ें। सीधे डॉक्टर से संपर्क करें।
− पुराने नुस्खों पर आधारित दवाई बना कर बच्चे को कभी नहीं दें।
− हर समय बच्चे को गोद में उठा कर नहीं रखें इससे उसका स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
 
प्रीटी