ओम जय जगदीश हरे

By sumitnirwal007@gmail.com | Publish Date: Jun 7 2019 4:57PM

Aarti Om Jai Jagdish Hare Hindi Lyrics

ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे

भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करे || ॐ जय ||

जो ध्यावे फल पावे दुःख विनाशे मनका

सुख संपति घर आवे कष्ट मिटे तनका || ॐ जय ||



मात पिता तुम मेरे शरण गहुँ किसकी

तुम बिन और न दूजा आस करू जिसकी || ॐ जय ||

तुम पूरण परमात्मा तुम अंतर्यामी

पारब्रम्हा परमेश्वर तुम सबके स्वामी || ॐ जय ||

तुम करुणा के सागर तुम पालन करता



मैं मुरख खलकामी कृपा करो भरता || ॐ जय ||

तुम हो एक अगोचर सबके प्राण पती

किस विधि मिलूं गुसाई तुमको मैं कुमती || ॐ जय ||

दीनबंधु दुःख हरता तुम रक्षक मेरे



अपने हाथ उठाओ द्वार पड़ा तेरे || ॐ जय ||

विषय विकार मिटाओ पाप हरो देवा

श्रद्धा भक्ति बढाओ संतान की सेवा || ॐ जय ||

तन मन धन जो कुछ है, सब ही है तेरा

तेरा तुझको अर्पण, क्या लगत मेरा || ॐ जय ||

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