कंगना ने पूछा- संजना सांघी ने सुशांत पर मीटू का सच पहले क्यों नहीं बताया? एक्ट्रेस का आया जवाब

कंगना ने पूछा- संजना सांघी ने सुशांत पर मीटू का सच पहले क्यों नहीं बताया?  एक्ट्रेस का आया  जवाब

सुशांत सिंह राजपूत की को स्टार संजना सांघी को लेकर 2018 में ये अफवाह उड़ी थी कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत पर मीटू का आरोप लगाया था। ये अफवाह काफी उड़ी थी जिसकी वजह से सुशांत काफी परेशान भी हुए थे मीडिया के सवालों से औ सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से।

सुशांत सिंह राजपूत की को स्टार संजना सांघी को लेकर 2018 में ये अफवाह उड़ी थी कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत पर  मीटू का आरोप लगाया था। ये अफवाह काफी उड़ी थी जिसकी वजह से सुशांत काफी परेशान भी हुए थे मीडिया के सवालों से औ सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से। लेकिन ये महज एक अफवाह थी ये बात साफ करने ने एक्ट्रेस संजना सांघी ने काफी वक्त ले लिया था। सुशांत के निधन के बाद उन्होंने इस अफवाह को स्पष्ट किया। इसकी वजह से उनपर काफी सवाल भी खड़े हुए। कंगना रनौत ने भी संजना सांघी से ये सवाल किया था कि आखिर आपने अवफाह पर सामने आके सफाी क्यों नहीं दी। सुशांत की मीडिया में छवि इस अफवाह से खराब हो रही थी। 

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अभिनेत्री संजना सांघी ने कंगना रनौत की तरफ से लगाए गए नवीनतम आरोपों का जवाब दिया है।संजना ने जूम टीवी से बात करते हुए कहा कि किसी को भी न्याय करने का या ये तय करने का  अधिकार नहीं है कि अफवाह पर प्रतिक्रिया पर्याप्त तेज थी या नहीं। “मैंने जो कुछ भी हुआ था  बारे में कह दिया था। इसके अलावा, मैंने एक स्पष्टीकरण दिया है जो पर्याप्त होना चाहिए था। उस समय, यह देर से नहीं हुआ, किसी को भी यह तय करने का अधिकार नहीं है कि क्या देर हो चुकी है और क्या नहीं। आप फवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों को स्पष्ट करना जिम्मेदारी या काम नहीं है।

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संजना ने कहा कि इस प्रकरण को सुशांत पर ’Me Too’ कहना सही नहीं था और संजना ने सभी उत्पीड़न या अफवाह जैसी खबरों खंडन किया था। "इसलिए, हमें" मी टू "कहकर #MeToo आंदोलन की अवहेलना नहीं करनी चाहिए क्योंकि Me Too तब है जब वास्तव में कोई समस्या है। लेकिन जब दो लोग यह कहना चाहते हैं कि कोई समस्या नहीं है, तो मुझे मी टू आंदोलन नहीं कहा जाता है जो एक अफवाह है और यह अनैतिक रिपोर्टिंग की शक्ति को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा- "मैं पत्रकारिता का छात्र हूं, मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन किया है और यह वह पत्रकारिता नहीं है जो मुझे सिखाई गई थी। इसलिए, मैं इसे मी टू आंदोलन के रूप में नहीं देखती। मेरे लिए, जाहिर तौर पर अफवाहों के लिए स्पष्टीकरण देने में देर हो रही थी, लेकिन मैंने यह तब भी किया क्योंकि यह हमारे लिए महत्वपूर्ण था, सुशांत और मेरे लिए।