नाराज सोनू निगम ने ट्विटर छोड़ने की घोषणा की

अजान के बारे में विवादित टिप्पणी कर पिछले महीने ट्विटर पर भारी आलोचना का सामना कर चुके गायक सोनू निगम ने लगातार 24 ट्वीट कर इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट को छोड़ने के अपने इरादे की घोषणा की।

मुंबई। अजान के बारे में विवादित टिप्पणी कर पिछले महीने ट्विटर पर भारी आलोचना का सामना कर चुके गायक सोनू निगम ने लगातार 24 ट्वीट कर इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट को छोड़ने के अपने इरादे की घोषणा की। उन्होंने लगभग आधे घंटे तक कई ट्वीट किए। सुबह दस बजकर 13 मिनट पर शुरू किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘‘मैं ट्विटर और अपने लगभग 70 लाख फॉलोवर्स से विदाई लेता हूं, मैं बहुत निराश हूं जबकि कुछ परपीड़क खुश हैं।’’ सोनू ने हर सुबह अजान से नींद खुलने को लेकर ट्विटर के जरिए नाराजगी जताई थी। जब ट्विटर ने गायक अभिजीत भट्टाचार्य के ‘आक्रामक ट्वीट’, जो खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ थे, उसकी वजह से उनके अकाउंट को बंद कर दिया था तो सोनू ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर ‘एकतरफा स्वांग’ रचने का आरोप लगाया था।सोनू ने अपने फॉलोवर्स और मीडिया से कहा कि वह उनके ट्वीट के स्क्रीनशॉट ले लें क्योंकि वह जल्द ही अपना अकाउंट बंद करने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब समझ गया हूं कि आप उस व्यक्ति को तो जगा सकते हैं जो सो रहा है लेकिन उसे नहीं उठा सकते जो सोने का स्वांग रच रहा है। मीडिया बंटा हुआ है। कुछ राष्ट्रवादी हैं, कुछ छद्म लोग हमारे इतिहास के गद्दारों से सबक सीखने को तैयार नहीं हैं। मेरे संतुलित रवैये के कारण ज्यादातर समय प्यार मिला और दूसरी ओर से अविवेकी, अतार्किक, निर्मम और ढिठाई का सामना भी किया।’’ जेएनयू की छात्रा तथा कार्यकर्ता शेहला राशिद पर अभिजीत की टिप्पणियों का बचाव करते हुए सोनू ने कहा, ‘‘अभिजीत दा की भाषा से आप असहमत हो सकते हैं लेकिन शेहला के इस आरोप से क्या समर्थक भड़केंगे नहीं कि भाजपा सेक्स रैकेट चलाती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनका (भट्टाचार्य) अकाउंट बंद किया गया तो फिर उनका (शेहला) क्यों नहीं? और उन बेवकूफों का अकाउंट बंद क्यों नहीं किया जाता जो हर सफल व्यक्ति को मां, बहन की गालियां देते हैं। संतुलन कहां है? यह सब एक तरफा क्यों है? ट्विटर पर हर कोई इतने गुस्से में क्यों है? यहां विवेकपूर्ण चर्चा क्यों नहीं हो सकती?''

सोनू ने भाजपा सांसद एवं अभिनेता परेश रावल का भी समर्थन किया। रावल ने ट्वीट कर कहा था कि सेना की जीप के आगे पत्थरबाज व्यक्ति की जगह लेखिका अरूंधति रॉय को बांधना चाहिए। सोनू ने लिखा, ‘‘एक महिला सेना की जीप के आगे गौतम गंभीर को बांधे हुए एक तस्वीर का समर्थन कर सकती है लेकिन जब परेश रावल ने किसी और के लिए ऐसा ही किया तो उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैं यह मानता हूं कि कश्मीर के बारे में अरूंधति को अपनी राय रखने का अधिकार है लेकिन अन्य अरबों भारतीयों को इससे निराश होने का अधिकार है।’’अजान के बारे में सोनू के ट्वीट के कारण उठा विवाद कई दिन तक चला। यहां तक कि यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया। उन्होंने लिखा, ‘‘एक तरफ लोग आपको आशीर्वाद दे रहे हैं और दूसरी ओर कुछ लोग आपकी मौत चाह रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि भारतीय समाज कितना पाखंडी हो गया है और लोग इनसान की तरह पेश आना बंद कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से विवेकपूर्ण चर्चाएं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्विटर ‘एक बड़ा बदलाव’ लाया था लेकिन ‘अश्लीलता’ तक सीमित रह गया। अजान के बारे में टिप्पणियों के कारण मुस्लिम विरोधी कहे जाने पर दुखी सोनू ने कहा कि उनका कोई धर्म नहीं है और जो उनके मन को भाए वही उनका धर्म है। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं ना तो दक्षिणपंथी हूं और ना ही वामपंथी हूं लेकिन ऐसा लगता है कि आपको इनमें से एक ना एक राह को चुनना ही होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि मुझे स्पष्टीकरण देने के लिए यहां वापस ना लौटना पड़े।’’ सोनू ने हल्के फुल्के अंदाज में अपने फॉलोवर्स से कहा कि जो लोग शादी करने की तैयारी में हैं वे अपने होने वाले जीवनसाथी की ट्विटर प्रोफाइल जरूर जांच लें जिससे उनकी मानसिक स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी मिल जाएगी।

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