• मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता विजय के विरूद्ध एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगायी

मद्रास उच्च न्यायालय ने लक्जरी कार आयात मामले में लोकप्रिय अभिनेता विजय पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने और उनके विरूद्ध कुछ खास टिप्पणियां करने से संबंधित एकल न्यायाधीश के आदेश की तामील पर मंगलवार को रोक लगा दी।

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने लक्जरी कार आयात मामले में लोकप्रिय अभिनेता विजय पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने और उनके विरूद्ध कुछ खास टिप्पणियां करने से संबंधित एकल न्यायाधीश के आदेश की तामील पर मंगलवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति एम दुरैस्वामी और न्यायमूर्ति आर हेमलता की खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगाई और विजय को 2012 को इंग्लैंड से उनके रॉल्स रॉयस घोस्ट कार के आयात पर लगाये गये प्रवेश कर का बाकी 80 फीसदी हिस्से का भुगतान करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि वाणिज्यक कर विभाग से नयी मांग नोटिस प्राप्त होने के सप्ताह भर के अंदर उन्हें इस राशि का भुगतान करना चाहिए।

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आयातित कार के वास्ते प्रवेश शुल्क से छूट की मांग संबंधी अभिनेता की रिट याचिका को 13 जुलाई को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने उसका भुगतान किये बगैर अदालत पहुंचने पर उन्हें अभ्यारोपित किया और उनपर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे मुख्यमंत्री कल्याण कोष में जमा किया जाना है। उसके बाद विजय ने यह अपील दायर की।

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आज यह मामला सुनवाई के लिए जब आया तो विजय के वकील विजय नारायण ने न्यायमूर्ति दुरैस्वामी की अगुवाई वाली पीठ से कहा कि वह एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दे रहे हैं, क्योंकि एकल पीठ ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और कुछ अवांछनीय टिप्पणियां कीं। तमिलनाडु के महाधिवक्ता रह चुके राघवन ने कहा कि कर देनदारी को चुनौती नहीं दी गयी है, बल्कि वह बस टिप्पणियां एवं जुर्माना हटवाना चाहते हैं।