गिरीश कर्नाड के बेटे ने पिता के निधन के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा बेहद इमोशनल पोस्ट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 13 2019 5:51PM
गिरीश कर्नाड के बेटे ने पिता के निधन के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा बेहद इमोशनल पोस्ट
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गिरीश कर्नाड के बेटे रघु कर्नाड ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ‘‘यही वह व्यक्ति थे जिनसे मैंने प्यार किया।’’ उन्होंने लिखा है कि वह और उनकी बहन शाल्मली राधा दोनों कर्नाड के निधन के समय बेंगलुरु में मौजूद थे।

नयी दिल्ली। प्रसिद्ध लेखक और अभिनेता गिरीश कर्नाड के बेटे रघु कर्नाड ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि ‘अप्पा’ ‘इतिहास, पौराणिक कथाओं, लोक-कथाओं और दर्शनशास्त्र’ की छोटी छोटी चीजों पर उत्साह से भर जाते थे। पेशे से पत्रकार रघु ने कर्नाड के निधन के तीन दिन बाद बृहस्पतिवार को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ‘‘यही वह व्यक्ति थे जिनसे मैंने प्यार किया।’’ उन्होंने लिखा है कि वह और उनकी बहन शाल्मली राधा दोनों कर्नाड के निधन के समय बेंगलुरु में मौजूद थे। रघु ने लिखा कि पिछले सप्ताह वह और उनकी बहन एक शादी में हिस्सा लेने के लिए घर पर थे।



 
 
 


 


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The picture that is growing rooted in my mind is of Appa in his spot on the sofa, his hand around a glass of whiskey, gently bubbling with bits of history, legend, song, folktale and philosophy. That was the man I loved. As many friends have pointed out, he had an immaculate sense of timing. This past weekend, my sister and I were both at home for a friend's wedding. On Saturday evening, he completed a set of audio interviews with Arshia Sattar. On Sunday evening, the family sat together warmed by the long lines of sun on the terrace. I gave him his physio and my sister cut his nails. We talked about some new, difficult issues with his body. It was sad, but not only sad. On Monday morning he was gone. In the days since then, it's felt like a tribute to Appa that the house and my mind have been swirling with languages; Konkani, Kannada, Tamil, Malayalam, English, Hindi, without much incomprehension. We're all feeling a lot of love, relief and gratitude. Thank you for the many messages about how you felt enriched by his life and work. The reverse is also true. His life and work were enriched and elevated by gurus and professors, aunts and sisters, friends, collaborators, directors, students, publishers, actors, readers, rivals, aides, some very important drivers – and many drinking companions. In his last few weeks and even hours I heard many of those names. Thank you all for building up the extraordinary person he was.

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पत्रकार ने लिखा, ‘‘रविवार शाम में पूरा परिवार साथ में बैठा। मैंने उनका फिजियो किया ओर मेरी बहन ने उनके नाखून काटे। हमने उनके शरीर से जुड़ी कुछ पुरानी और नई परेशानियों के बारे में बातें की। यह उदास करने वाला था लेकिन यह सिर्फ वैसा ही नहीं रहा। सोमवार सुबह में वह हम सबसे दूर चले गए।’’

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उन्होंने कहा कि कर्नाड जैसे व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने के लिए कलम उठाना मुश्किल है।  पत्रकार ने लिखा कि अपने पिता को श्रद्धांजिल देते हुए ऐसा लग रहा है कि घर और उनका मन कोंकणी, कन्नड़, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और हिंदी जैसी भाषाओं के साथ चक्कर लगा रहा है, जिसे समझना बहुत मुश्किल नहीं है। उन्होंने कर्नाड को श्रद्धांजलि अर्पित करने पर लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। 

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