बीते वित्त वर्ष में कोल इंडिया से बिजली क्षेत्र को आवंटन छह प्रतिशत घटा

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विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अपनी बिजली मांग को पूरा करने के लिए अभी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और देश में विश्वसनीय आपूर्ति निचले स्तर पर है।

नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लि. (सीआईएल)ने बीते वित्त वर्ष 2018-19 में ई नीलामी प्रक्रिया के जरिये बिजली क्षेत्र को 2.71 करोड़ टन कोयले का आवंटन किया। यह आंकड़ा इससे पिछले वित्त वर्ष के 2.89 करोड़ टन की तुलना में छह प्रतिशत कम है।मार्च, 2019 में कोयले का आवंटन 11.2 लाख टन रहा, जबकि इससे एक साल पहले इसी महीने में कोल इंडिया ने बिजली क्षेत्र को कोई आवंटन नहीं किया था।

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विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अपनी बिजली मांग को पूरा करने के लिए अभी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और देश में विश्वसनीय आपूर्ति निचले स्तर पर है। पिछले साल कोल इंडिया ने कहा था कि वह विशेष ई-नीलामी प्रणाली के जरिये 2018-19 में 4.5 करोड़ टन कोयले की पेशकश करेगी। कोल इंडिया का घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान है। 

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