संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए अमेजन के अधिकारी, भारत में कर भुगतान पर पूछे गए सवाल

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समिति ने अमेजन इंडिया और अमेजन वेब सर्विसेज के प्रतिनिधियों से अलग-अलग ‘पूछताछ’ की। दोनों के प्रतिनिधियों को करीब दो घंटे तक समिति के सवालों का सामना करना पड़ा।

नयी दिल्ली। भारत में अमेजन के शीर्ष कार्यकारी बुधवार को डेटा संरक्षण विधेयक पर संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। हालांकि, कुछ दिन पहले अमेजन ने समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 पर संयुक्त समिति ने अमेजन के कार्यकारियों से कंपनी के राजस्व मॉडल तथा भारत में उनके द्वारा किए जा रहे कर के भुगतान के बारे में सवाल किए। समिति ने अमेजन इंडिया और अमेजन वेब सर्विसेज के प्रतिनिधियों से अलग-अलग ‘पूछताछ’ की। दोनों के प्रतिनिधियों को करीब दो घंटे तक समिति के सवालों का सामना करना पड़ा। 

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अमेजन इंडिया का प्रतिनिधित्व उसके उपाध्यक्ष चेतन कृष्णस्वामी तथा राकेश बक्शी ने किया। वहीं, अमेजन वेब सर्विसेज की ओर से भारत में लोक नीति प्रमुख योलाइंड लोबो, लीड लोक नीति उत्तरा गणेश और अन्य समिति के समक्ष पेश हुए। सदस्यों ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी से उसके राजस्व मॉडल के बारे पूछा। उनसे यह भी सवाल किया गया कि भारत में उनका राजस्व सृजन कितना है और इसमें से कितने प्रतिशत अमेजन भारत में पुन: निवेश करती है। समिति के सूत्रों ने बताया कि अमेजन के प्रतिनिधियों से यह भी सवाल किया गया कि भारत में वह कितना कर का भुगतान करते हैं। समिति ने अमेजन से इन सवालों का जवाब लिखित में देने को कहा है। इस पर कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए।

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