कैटेलिस्ट ग्रुप ने अपने ओम्नी-चैनल नेटवर्क को विस्तार दिया, जयपुर में लॉन्च किया अपना कोचिंग सेंटर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 10, 2019   18:37
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कैटेलिस्ट ग्रुप ने अपने ओम्नी-चैनल नेटवर्क को विस्तार दिया, जयपुर में लॉन्च किया अपना कोचिंग सेंटर

100-100 छात्रों के 5 बैच बनाने का लक्ष्य, स्मार्ट सेंटर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शुल्क में 50% सब्सिडी की पेशकश करेगा।

जयपुर। भारत के प्रमुख ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म कैटेलिस्ट ग्रुप ने पिंक सिटी में रिद्धि सिद्धि पेट्रोल पंप के पास अपने कोचिंग सेंटर की शुरुआत कर अपनी ऑफ़लाइन उपस्थिति को मजबूत किया है। इस सेंटर पर पांच बैच हैं, जिनमें से प्रत्येक में 100 छात्रों के बैठने की क्षमता है। सेंटर के प्रमुख फेकल्टी में शामिल हैं; ए.एस. पंडित (सिविल इंजीनियरिंग के एचओडी), 9 साल के शिक्षण अनुभव के साथ एक पूर्व-आईईएस अधिकारी; अमोल पंडित (मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एचओडी), 6 साल के शिक्षण अनुभव के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय में एक वरिष्ठ इंजीनियर; श्री अंजन रोहित (इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के एचओडी), एक पूर्व आईआरएस अधिकारी और डॉ. राजेश सिन्हा (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के एचओडी), एक पूर्व-आईईएस अधिकारी। 

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नए लॉन्च किए गए कोचिंग सेंटर को टेक-इनेबल्ड सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। पहली बार इंटरेक्टिव पैनल के साथ हाई-डेफिनेशन स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं, जो छात्रों को सब कुछ 3डी में देखने में सक्षम बनाते हैं। इस सेंटर पर बैठने की समुचित व्यवस्था, अच्छी तरह से बनाए हुए शौचालय, बड़ी कक्षा, विशेष डाउट क्लीयरिंग सेल, इमरजेंसी एक्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, कंप्यूटर सेल और अध्ययन के दबाव, डिप्रेशन और अन्य मुद्दों पर छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए एक विशेष साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेल भी है क्योंकि आजकल भारत में कई छात्र तनाव और मानसिक विकारों का शिकार हो रहे हैं। लाइसेंस-प्राप्त क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट दिव्यानी शर्मा इस विभाग की इंचार्ज हैं। 

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सेंटर के  प्रमुख आकर्षण में से एक है आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए कोचिंग शुल्क में 50% सब्सिडी। इसका लाभ उठाने के लिए छात्रों को सरकार द्वारा प्रदान किए गए ईडब्ल्यूएस दस्तावेज़ को प्रस्तुत करना आवश्यक है।

इस कोचिंग सेंटर के लॉन्च पर बात करते हुए कैटेलिस्ट ग्रुप के सीईओ और संस्थापक श्री अखंड स्वरूप पंडित ने कहा कि “इस ऑफ़लाइन सेंटर का मतलब यह नहीं है कि हम पूरी तरह से ऑफ़लाइन हो रहे हैं। हमारे ऑफ़लाइन सेंटर मुख्य रूप से उन छात्रों को लक्षित कर रहे हैं जो लैपटॉप, स्मार्टफोन या टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरणों का खर्च नहीं उठा सकते। उन्हें फीस में प्रत्यक्ष रूप से 50% की सब्सिडी देते हुए हाई-क्वालिटी की शिक्षा और देश के वंचित श्रेणी के छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षकों तक पहुंच प्रदान करना ही हमारी मंशा है। हम आर्थिक रूप से पिछड़े प्रत्येक छात्र को अपना सपना जीने और शिक्षा के माध्यम से जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने की सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। यद्यपि यह सब करते हुए हम सफलतापूर्वक किफायती ऑनलाइन कक्षाएं चला रहे हैं, हमारा ध्यान अब सब्सिडाइज्ड दरों पर भी ऑफलाइन सेंटर चलाने पर होगा।”   

छात्र 17500 रुपये के फी स्ट्रक्चर के तहत सभी एसएससी जेई, गेट, यूपीएससी भारतीय इंजीनियरिंग सेवा और आरपीएससी एई / जेई तैयारी पाठ्यक्रम के लिए जयपुर कोचिंग सेंटर में नामांकन कर सकते हैं।

कैटेलिस्ट ग्रुप के बारे में   

कैटेलिस्ट ग्रुप भारत का अग्रणी ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म है, जो छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं को क्रैक करने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण तक आसान पहुंच प्रदान करने पर केंद्रित है। प्लेटफार्म वर्तमान में ऑनलाइन गेट क्लासेस, आईईएस, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कोचिंग प्रदान करता है। अक्टूबर-2017 में स्थापित कैटेलिस्ट ग्रुप की स्थापना पूर्व-आईईएस अधिकारी अखंड स्वरूप पंडित द्वारा की गई थी। देश के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और शिक्षण को आसान व किफायती बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी। यह प्लेटफार्म इंजीनियरिंग विशेषज्ञों का एक बड़ा समूह है, जिसमें सिविल सर्वेंट्स, वरिष्ठ प्रोफेसर, लेखक और वरिष्ठ पेशेवर शामिल हैं। यह सभी अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहे आकांक्षियों को मार्गदर्शन देने के एक साझा उद्देश्य के साथ ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करते हैं। कैटेलिस्ट ग्रुप के मुख्य फेकल्टी भी एक पूर्व-आईईएस अधिकारी ए.एस. पंडित है, जिनके पास 8 वर्ष से अधिक का प्रतियोगी परीक्षाओं का शिक्षण अनुभव है और उनके कई छात्र केंद्रीय, राज्य सरकार और पीएसयू कंपनियों में अधिकारियों के रूप में काम कर रहे हैं।  





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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:11
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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी

कोरोना वायरस के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत बढ़ी।कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

बीजिंग। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाजवूद चीन की अर्थयव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इस दौरान अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे देश महामारी से परेशान थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि इससे पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत था। कोरोना वायरस महामारी के चलते फैक्टरी और दुकानों के बंद रहने से चीन की अर्थव्यवस्था में 2020 की पहली तिमाही के दौरान 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

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इसके बाद अगली तिमाही में चीन ने 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। हालांकि, यह पिछले एक दशक में चीन द्वारा हासिल की गई सबसे कम वृद्धि है, लेकिन अमेरिका और दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अधिक है। इन देशों ने अभी 2020 के लिए वृद्धि के आंकड़े घोषित नहीं किए हैं, लेकिन इस दौरान उनकी अर्थव्यवस्थाओं में संकुचन निश्चित है।





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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:39
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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

मुंबई। मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच इंफोसिस, एचडीएफसी और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों के टूटने से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 200 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 203.52 या 0.42 प्रतिशत गिरकर 48,831.15 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह व्यापक एनएसई निफ्टी 70.60 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 14,363.10 था। सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

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पिछले सत्र में सेंसेक्स 549.49 अंक या 1.11 प्रतिशत लुढ़ककर 49,034.67 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 161.90 अंक या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,433.70 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 971.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एशियाई बाजारों में शंघाई और हांगकांग में तेजी थी, जबकि सियोल और टोक्यो लाल रंग में थे। इस बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54.59 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:10
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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई।

नयी दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गत आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में रिकार्ड 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने पिछले आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर एक रिकार्ड कायम किया है। बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने अप्रैल 2020 से लेकर 15 जनवरी 2021 की अवधि में 8,169 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया।इस लिहाज से प्रतिदिन 28.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 7,573 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया।तब प्रतिदिन 26.11 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ। मंत्रालय को उम्मीद है कि निर्माण की इस गति के साथ वह 31 मार्च 2021 तक 11 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य को पार कर लेगा। 

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सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई। मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2019- 20 में कुल मिलाकर 8,948 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं के निर्माण का ठेका दिया गया जबकि 10,237 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो माह में कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बावजूद सड़क निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय गति हासिल की गई है।





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