Chandrasekhar ने कहा कि उद्योग संगठन 'ऑनलाइन' गेमिंग के लिए स्व-नियामक नहीं हो सकते

Chandrasekhar
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इस चर्चा में ऑनलाइन गेमिंग के बारे में सरकार के प्रस्तावित नियमों पर कंपनियों के पक्ष को सुना गया। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नियमन के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है जिसमें एक स्व-नियामक प्रणाली बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े निकाय ही इसका नियमन नहीं कर सकते हैं और नियामक को कंपनियों के वर्चस्व से अलग होना चाहिए। चंद्रशेखर ने यहां गेमिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक खुली चर्चा के बाद संवाददाताओं से कहा कि नियमों के 31 जनवरी तक अधिसूचित हो जाने की उम्मीद है। इस चर्चा में ऑनलाइन गेमिंग के बारे में सरकार के प्रस्तावित नियमों पर कंपनियों के पक्ष को सुना गया। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नियमन के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है जिसमें एक स्व-नियामक प्रणाली बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसी बारे में गेमिंग कंपनियों के साथ परिचर्चा की गई। चंद्रशेखर ने कहा, यह मान लेना गलत है कि एक उद्योग निकाय अपने-आप ही एक स्व-नियामकीय संगठन बन जाएगा। कोई उद्योग निकाय स्व-नियामक संगठन नहीं होगा। यह एक ऐसा निकाय ही हो सकता है जो सभी हितधारकों का प्रतिनिधित्व करता हो। उन्होंने कहा कि इस स्व-नियामकीय संगठन में गेमिंग से जुड़े सभी पक्षों- बच्चों, माता-पिता, खिलाड़ी, सरकार और गेमिंग मध्यवर्ती कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। नए कानून के तहत सभी गेमिंग कंपनियों को स्व-नियामकीय संगठन के पास पंजीकरण कराना होगा। प्रस्तावित नियमों पर सार्वजनिक टिप्पणी 25 जनवरी तक की जा सकती है। पहले इसकी समयसीमा 17 जनवरी ही थी लेकिन मंत्रालय ने इसकी अवधि बढ़ा दी है।

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