आर्थिक अपराध देश की सेहत के लिए सीधी चुनौती: उपराष्ट्रपति

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2018   10:37
आर्थिक अपराध देश की सेहत के लिए सीधी चुनौती: उपराष्ट्रपति

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू दिवाला और रिणशोधन अक्षमता संहिता का असर दिखने लगा है। कुछ बड़े समाधान निकले हैं और बैंकों को पैसा वापस मिल रहा है। नायडू ने कहा, ‘‘सोच बदल गयी है।

मुंबई। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि आर्थिक अपराध देश की सेहत और संपत्ति के लिए सीधी चुनौती होते हैं। नायडू ने यहां इकनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स फॉर कॉर्पोरेट अफेयर्स समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को इस नयी चुनौती के प्रति जागरुक होना चाहिए और इनसे निपटने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू दिवाला और रिणशोधन अक्षमता संहिता का असर दिखने लगा है। कुछ बड़े समाधान निकले हैं और बैंकों को पैसा वापस मिल रहा है। नायडू ने कहा, ‘‘सोच बदल गयी है। अब समय पर बकाया भुगतान को लेकर बहुत उत्सुकता है। क्योंकि लोगों को पता है कि एक बार उन्हें एनसीएलटी में खींच लिया तो वे अपनी कंपनियां गंवा सकते हैं। बैंकों को इस साल ही डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंसे हुए कर्ज की भरपाई की उम्मीद है।’’





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