विदेशों में गिरावट के बीच खाद्य तेल-तिलहनों के भाव टूटे

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विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ, पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई जबकि सोयाबीन के डीआयल्ड केक की मांग होने से सोयाबीन तिलहन (सीयाबीन दाना एवं लूज तिलहन) के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए।

नयी दिल्ली, 31 अगस्त। विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ, पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई जबकि सोयाबीन के डीआयल्ड केक की मांग होने से सोयाबीन तिलहन (सीयाबीन दाना एवं लूज तिलहन) के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए। बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में एक प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज 1.5 प्रतिशत कमजोर है। विदेशी बाजारों की इस मंदी के कारण स्थानीय खाद्य तेल तिलहनों के भाव में भी गिरावट देखने को मिली।

जबकि सोयाबीन के डीआयल्ड केक (डीओसी) की मांग निकलने से सोयाबीन तिलहन के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि गत लगभग एक सप्ताह में पामोलीन के भाव में 8-10 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है लेकिन अभी तक इन तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) जस के तस बने हुए हैं। वैश्विक खाद्य तेलों में आई गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को दिलाने के लिए अब सरकार को कमर कसनी होगी क्योंकि इन खाद्य तेलों की कीमतों के टूटने के बावजूद इन तेलों के एमआरपी जस के तस बने हुए हैं।

यह एमआरपी पहले ही 40-50 रुपये लीटर अधिक रखा गया है। सूत्रों ने कहा कि अगले महीने खरीफ (मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला) की फसल आने वाली है और आयातित तेल विशेषकर पामोलीन के भाव टूटने से तेल-तिलहन कीमतों पर दबाव बना हुआ है। बाजार में गिरावट के आम रुख के बीच देशी तेल-तिलहनों के लिवाल कौन होंगे, यह सवाल खड़ा होता है। देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ाने और इस मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार को स्थानीय तिलहन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए समुचित कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात पर भी गौर करना होगा कि जिस मात्रा में आयात शुल्क में छूट दी गई है उसका समुचित लाभ जब उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है तो यह लाभ किसको जा रहा है। मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे: सरसों तिलहन - 7,025-7,075 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली - 7145-7270 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,700 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,780 - 2,970 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,215-2,305 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,245-2,360 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,850 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,400 रुपये प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 11,500 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन एक्स- कांडला- 10,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना - 5,600-5,700 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज 5,500- 5,600 रुपये प्रति क्विंटल। मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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