2016-17 में FDI 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डालर रहा

सरकार के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाये जाने से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2016-17 में 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डालर रहा।

सरकार के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाये जाने से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2016-17 में 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डालर रहा। वित्त वर्ष 2015-16 में देश में 40 अरब डालर विदेशी निवेश आकर्षित किया गया था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘देश में एफडीआई प्रवाह में वृद्धि का कारण सरकार के एफडीआई व्यवस्था को व्यवहारिक बनाने के लिये साहसिक नीतिगत सुधार हैं। देश अब विदेशी निवेश के लिये सर्वाधिक आकर्षक गंतव्य बन गया है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘एफडीआई इक्विटी प्रवाह 2016-17 में 43.48 अरब डालर रहा..किसी एक वित्त वर्ष में यह सर्वाधिक है।’’ बयान के मुताबिक प्राप्त आय के फिर से निवेश को भी लिया जाए तो कुल एफडीआई पिछले वित्त वर्ष में अब तक के सर्वाधिक 60.08 अरब डालर पर पहुंच गया जो 2015-16 में 55.6 अरब डालर था। पिछले तीन साल के दौरान सरकार ने 87 क्षेत्रों से संबद्ध कुल 21 क्षेत्रों में विदेशी निवेश नियमों को आसान बनाया।

निर्माण, प्रसारण, खुदरा कारोबार, हवाई परिवहन, बीमा और पेंशन जैसे क्षेत्रों में प्रावधानों को आसान बनाया गया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि एफडीआई नीति आसान बनाने तथा कारोबार सुगमता बढ़ने से घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने, आयात सीमित होने, रोजगार सृजन तथा अंतत: मूल्यवान विदेशी विनिमय के संरक्षण में मदद मिली। बयान के मुताबिक पिछले तीन वित्त वर्ष में एफडीआई इक्विटी प्रवाह करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 114.41 अरब डालर रहा जो इससे पूर्व तीन वित्त वर्ष (2011-14) में 81.84 अरब डालर था। इसमें से 11.69 अरब डालर सरकार के मंजूरी मार्ग के जरिये प्राप्त हुए।

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