डॉ किसलय पांडेय ने कोरोना से त्रस्त अधिवक्तओं को 5 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 28, 2020   19:25
डॉ किसलय पांडेय ने कोरोना से त्रस्त अधिवक्तओं को 5 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की

डॉक्टर किसलय पांडेय ने यह उदगार एक सभा को सम्बोधित करते हुए दिए जहाँ इस वर्ष वकालत शुरू करने वाले युवा अधिवक्तओं को सम्मानित किया गया और १२ अधिवक्तओं को 5 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की गयी।

डॉ किसलय पांडेय, अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय  ने कहा "हमारे युवा अधिवक्ता भारतीय न्याय व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करते है और लोकतंत्र रक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देते है मगर आज कोरोना  के चलते काफी परेशानी में है और अपना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रहे है। डॉक्टर किसलय पांडेय ने यह उदगार एक सभा को सम्बोधित करते हुए दिए  जहाँ इस वर्ष वकालत शुरू करने वाले  युवा अधिवक्तओं को सम्मानित किया गया और १२ अधिवक्तओं को 5 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की गयी। यह आर्थिक मदद वर्ल्ड जूरिस्ट वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गयी जो की डा किसलय पांडेय का एक महत्वकांशी प्रोजेक्ट है इस अवसर पर देश भर से चुने हुए १२ मेधावी कानूनी छात्रों को स्कालरशिप भी प्रदान की गयी।

इस अवसर पर विख्यात अधिवक्ता श्री ज्ञानेंद्र प्रसाद मिश्रा , सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया , श्री भानु देव पांडेय  इलाहबाद हाई कोर्ट  व श्री वरुण वत्स दिल्ली हाई कोर्ट भी उपस्थित थे. यह सम्हारोह गत  सप्ताह बहादुरशाह ज़फर मार्ग पर सामाजिक दूरी को ख्याल में रख कर आयोजित किया गया।डॉ किसलय पांडेय ने यह संस्था गत  वर्ष शरू करी थी जिस का उद्देश्य युवा अधिवक्तओं को वकालत करने के लिए सहायता देना और उन को उन बातों से अवगत करना जो अक्सर कानून की पढाई में छूट जाती है. डॉ किसलय पांडेय कहते है : "कोर्टरूम में और क्लासरूम में ज़मीन आसमान का अंतर होता है।  अधिवक्ता की एक छोटी सी गलती भी उस को केस हरवा सकती है उस का करियर बर्बाद कर सकती है।  यह दुखद होता है की दूर दराज़ से आये अधिवक्तओं को अदालती कार्यवाही के अदब का इतना ज्ञान नहीं होता जो उन के लिए काफी समस्याएं खड़ी कर देता है। हमारा  उद्देश्य ऐसे छात्रों को इन सब शिष्टाचार से अवगत करना है और उन  को आने वाली चुनातियों के लिए तैयार करना है।

श्री ज्ञानेंद्र पांडेय ने डॉ किसलय पांडेय के कार्य की सराहना की और कहा की करोना  महामारी का भारी असर वकीलों की प्रैक्टिस पर पड़ा है  और उन को तुरंत आर्थिक सहायता की आवश्यकता है जो यहाँ मोहिय्या करवाई जा रही है। डॉ पांडेय की यह पहल युवा अधिवक्तओं के अलावा उन वकीलों के लिए भी है जिन की किसी वजह से प्रैक्टिस  जम  नहीं पा रही। "हर अधिवक्ता का अच्छा  जीवन जीने का अधिकार है। हमारा भर्सक प्रयत्न रहता है की हम उन की हर वह संभव मदद करे जिससे वह एक कामयाब वकील बन सके।“

डॉ पांडेय अपने ने अपने संसाधनों का उपयोग कर के एक उदहारण  प्रस्तुत किया है अब ज़रुरत है की अन्य लोग भी आगे  आये और हाथ बटाये। संस्था  में कई वरिष्ठ अधिवक्ता अपनी सेवाएं निस्वार्थ देते है। श्री संजय मिश्रा जिन्होने "मोस्ट प्रोमिसिंग यंग लॉयर 2020" का पुरुस्कार  देव पांडेय से  ग्रहण किया, ने कहा इस तरह के पुरुस्कार से युवा अधिवक्तओं का हौसला बढ़ता है और उन को कुछ कर गुज़रने की इछा  बलवती होती है. श्री भानु देव पांडेय ने किसलय पांडेय के प्रयत्नों को सराहा और आगे भी इसी तरह कार्य करने की सलाह भी दी। उन्होने कहा कोरोना ने एक चुनौती पेश की है और उस से इसी तरह निपटा जा सकता है।

श्री  किसलय पांडेय सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता है  जिन की पहचान एक ऐसे  जुझारू अधिवक्ता के रूप में की जाती है जो निर्भय हो कर न्याय के लिए किसी से भी भिडने  के लिए तैयार रहता है फिर वह व्यक्ति चाहे कितना शक्तिशाली हो। श्री पांडेय कोरोना हेल्पलाइन की भी शरुआत की है जिस में वह कोरोना  की वजह से समस्याएं झेल रहे लोगो को मुफ्त कानूनी सलाह देते है और और उन के लिए अपनी सेवाएं निशुल्क देते है।





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