मालढुलाई के सभी माध्यमों के लिए एक लॉजिस्टिक कानून लाने की तैयारीः गडकरी

Gadkari
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गडकरी ने 12वें डीएसीएएआई के 12वें सालाना आम बैठक में शिरकत करते हुए कहा, सभी लॉजिस्टिक माध्यमों के लिए एक कानून आने से सही मायने में बहु-स्तरीय परिवहन को सहूलियत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 14 प्रतिशत है लेकिन सरकार का इसे आठ प्रतिशत पर लाने का इरादा है।

नयी दिल्ली, 27 अगस्त। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार माल परिवहन के सभी माध्यमों के लिए एकल लॉजिस्टिक कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। गडकरी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि माल ढुलाई से जुड़े सभी माध्यमों के बीच प्रक्रियागत एकरूपता लाने और उसे सरल बनाने के लिए सरकार एक लॉजिस्टिक कानून लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ऐसा करने से प्रक्रियाओं के दोहराव को रोका जा सकेगा।

गडकरी ने 12वें डीएसीएएआई के 12वें सालाना आम बैठक में शिरकत करते हुए कहा, सभी लॉजिस्टिक माध्यमों के लिए एक कानून आने से सही मायने में बहु-स्तरीय परिवहन को सहूलियत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 14 प्रतिशत है लेकिन सरकार का इसे आठ प्रतिशत पर लाने का इरादा है। गडकरी ने कहा कि देश में विमान मार्ग से ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन बाजार में एयर कार्गो की हिस्सेदारी बहुत कम है। उन्होंने कहा, एयर कार्गो के पास सबसे बड़ी बढ़त समय की है। हमारे पास इसके विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। नई तकनीक का इस्तेमाल कर विमानन ढांचा विकसित किया जाना चाहिए। अगर हम अधिक मात्रा में ढुलाई कर सके तो एयर कार्गो की लागत भी कम हो जाएगी।

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